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बच्चों के सिर के नीचे तकिया लगाना कितना सुरक्षित है? एक छोटी गलती बच्चे की जान डाल सकती है मुश्किल में
छोटे बच्चे का ध्यान रखना काफी मुश्किल काम होता है। उनकी छोटी-छोटी गतिविधियों पर हर समय नजर रखना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि उनका शरीर काफी नाजुक होता है, एक छोटी सी भी गलती उनके सेहत के लिए बड़ा नुकसान बन सकती है।
ऐसे में अक्सर लोगों के मन में बच्चे के सिर के नीचे तकिया लगाएं को लेकर पेरेंट्स के मन में कई तरह के सवाल आते हैं। दरअसल, छोटे बच्चे जब सोते हैं तो पेरेंट्स के मन में ये सवाल आता है कि कहीं उनके बच्चे को तकिए के बिना तकलीफ हो रही होगी। मगर ऐसा नहीं है। नवजात बच्चे के सिर के नीचे तकिया लगाने से उन्हें कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

बच्चे के सिर के नीचे तकिया रखने के साइड इफेक्ट्स
1. बच्चे को हो सकती है सफोकेशन
बच्चे के सिर के नीचे तकिया रखने से उनके दम घुटने का खतरा बढ़ जाता है, खासकर उन बच्चों के लिए जिनके सिर पर नियंत्रण नहीं होता है और वो आसानी से अपना सिर तकिए से दूर नहीं ले जा सकते हैं। तकिया उनके सिर में हवा आने जाने की स्थिति को रोक सकता है और बच्चे के दम घुटने का कारण बन सकता है।
2. SIDS का बढ़ सकता है जोखिम
सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम ( SIDS ) एक स्वस्थ शिशु की अचानक मृत्यु का एक कारण है। तकिए या मुलायम बिस्तर के इस्तेमाल से SIDS का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर बच्चे की सुरक्षित नींद दिशानिर्देशों का पालन करने में तकिए का उपयोग न करने की सलाह देते हैं, इससे SIDS के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
3. बच्चे के सिर का बढ़ सकता है तापमान
तकिये बच्चे के सिर के चारों ओर गर्मी का कारण बन सकते हैं, जिससे बच्चे का सिर ज़्यादा गरम हो सकता है। बड़ों की तुलना में बच्चें गर्मी के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होते हैं और ज्यादा गर्मी से SIDS का खतरा बढ़ सकता है।
4. गर्दन और रीढ़ की हड्डी में हो सकती है समस्या
नवजात बच्चों की गर्दन की मांसपेशियां धीरे-धीरे विकसित होती हैं और रीढ़ की हड्डी पूरी तरह से विकसित नहीं होती है। उनके सिर के नीचे तकिया रखने से उचित संरेखण प्रभावित हो सकता है और संभावित रूप से बच्चे के गर्दन और रीढ़ पर असुविधा या तनाव हो सकता है।
5. एलर्जी या सांस से जुड़ी समस्याएं
कुछ तकियों में एलर्जी या जलन पैदा करने वाले तत्व हो सकते हैं जो नवजात सहित सेंसिटिव व्यक्तियों में एलर्जी और सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यह बच्चे में खांसी, छींक, घरघराहट या सांस लेने में कठिनाई के रूप में नजर आ सकता है।

इस तरह बच्चे के बेहतर नींद का रखें ख्याल
1. अपने बच्चे को एक मजबूत और सपाट गद्दे या पालने की सतह पर सुलाएं, जो सुरक्षा मानकों को पूरा करते हो।
2. बच्चे को सुलाते समय तकिए, कंबल, या किसी अन्य नरम बिस्तर से दूर रखें, जिनसे दम घुटने का खतरा हो सकता है।
3. सुनिश्चित करें कि बच्चे के बिस्टर पर चादर चारों ओर अच्छी तरह से फिट हो ताकि वह ढीली न हो और आपके बच्चे के चेहरे को ढक न सके।
4. अपने बच्चे को कमरे और मौसम के अनुसार ही कपड़े पहनाएं। गर्मी के मौसम में उन्हें आरामदायक कपड़े पहनाएं ताकि शरीर का तापमान सही रहे।
5. SIDS के खतरे को कम करने के लिए अपने बच्चे को हमेशा उनकी पीठ के बल सुलाने की कोशिश करें।
6. अपने बच्चे को कम से कम 5 साल या इसके बाद ही सोने के लिए सिर के नीचे तकिया लगाने की आदत डाले।



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