Latest Updates
-
सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, जानें इसे बनाने का तरीका -
Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
फैटी लिवर में कौन सा योग करें? जानें लिवर को साफ और मजबूत रखने के लिए योगासन -
May 2026 Vrat Tyohar: वट सावित्री, शनि जयंती सहित मई माह में पड़ रहे हैं कई व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
Swapna Shastra: सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखने का क्या मतलब होता है? जानें ये शुभ होता है या अशुभ -
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट
स्तनपान करवाने से होते हैं ये स्वास्थ्य लाभ
माँ का दूध हर बच्चे के लिए अच्छा होता है, और स्तनपान से होने वाले लाभ उस में मौजूद पोषण तत्वों से भी कई गुणा अधिक हैं। माँ का दूध विटामिस और पोषक तत्वों से युक्त होता है जो जन्म के पहले छह महीनों में शिशु के लिए बहुत जरुरी है, साथ ही इस में मौजूद कुछ तत्व आपके बच्चे में बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं जिसे उनके बीमार होने का खतरा कम रहता है।
ब्रिटेन में देखा गया है कि यहां पर बहुत कम ही माएं हैं जो बच्चे को 6 महीने तक स्तनपान करवाती हैं। जिन बच्चों को बचपन में पर्याप्त रूप से मां का दूध पीने को नहीं मिलता, उनमें बचपन में शुरू होने वाले डायबिटीज की बीमारी अधिक होती है। आइये जानते हैं कि स्तनपान करवाने से माओं को होने वाले स्वास्थ्य वर्धक लाभ ।

1.
स्तनपान से गर्भावस्था में हुए शारीरिक बदलावों को ठीक होने में मदद मिलता है। यह माँओं को प्रसव दौरान हुई पीड़ा को भूला कर अपने बच्चे के दुलार में खोने में मदद करता है।

2.
स्तनपान गर्भाशय के आकार को तेज़ी से घटाने में मदद करता है, अर्थात प्रसव के बाद गर्भवती महिला के गर्भाशय को पूर्व आकार में परिवरतित करने में मदद करता है।

3.
स्तनपान, प्रसवोत्तर खून की कमी को नियंत्रित करता है जिसे प्रसवोत्तर रक्तस्राव का खतरा कम हो जाता है।

4.
स्तनपान से प्रसवोत्तर स्त्रीबीजजनन की अवधि बढ़ती है, अर्थात प्रसव के बाद मासिक धर्म चक्र की शुरुआत देरी से होती है।

5.
स्तनपान से माँ का रिश्ता अपने बच्चे के साथ और गहरा हो जाता है। यह बिना किसी प्रयास के अपने बच्चे के निकट आने का एक अच्छा तरीका है।

6.
स्तनपान से माँओं का आत्मसम्मान सकारात्मक तरीके से बढ़ता है।

7.
स्तनपान के कारण माँ को बच्चे को बोतल में दूध पीलाना नहीं पड़ता जिसके कारण बोतल को धोना या उसे साफ करने जैसे कार्य उन्हें नहीं करने पड़ते।

8.
स्तनपान बहुत किफायती है। यह बच्चों के लिए पौष्टिक कही जाने वाली चीज़ों पर खर्च होने वाले पैसों को बचाता है। इन चीज़ों पर एक परिवार की औसत एक तिहाई आय से भी अधिक रकम खर्च हो सकती है।

9.
स्तनपान से महिलाओं में स्तन कैंसर और गर्भाशय के कैंसर का खतरा भी कम होता दिखाई दिया है।

10.
स्तनपान, गर्भावस्था में बढ़े वजन को कम करने में मदद करता है।



Click it and Unblock the Notifications