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खुशहाल जीवन का राज छुपा है स्तनपान में
ग्वालियर, 31 जुलाई (आईएएनएस)| बच्चे को जन्म से छह माह तक कराया गया निरंतर स्तनपान कई बीमारियों से दूर रखने के साथ उसके जीवन को खुशहाल बनाता है, स्तनपान बच्चे के लिए पहला टीकाकरण है, स्तनपान के राज से बड़ा वर्ग अब भी अनजान बना हुआ है। ग्वालियर में हुई राज्य स्तरीय मीडिया कार्यशाला में विशेषज्ञों ने माना कि जागरूकता के अभाव में स्तनपान के महत्व को आमजनों तक नहीं पहुंचाया जा पा रहा है। ग्वालियर में गुरुवार को हुई कार्यशाला में मध्य प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री माया सिंह ने कहा कि बच्चे को बीमारी से दूर रखकर जीवित बचाना है तो जन्म से छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराना ही होगा, मगर समाज में भ्रांतियां माताओं को ऐसा करने से रोकती हैं, महिलाएं जन्म के साथ ही नवजात को घुट्टी, शहद अथवा पानी पिला देती हैं जो बच्चे के लिए घातक साबित होती है। स्तनपान करवाने से होते हैं ये स्वास्थ्य लाभ
माया सिंह ने माना कि सामाजिक जागरूकता के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता, लिहाजा स्तनपान अभियान को सफल बनाने में मीडिया की अहम भूमिका है। समाज में जन्म के साथ स्तनपान को लेकर जो भ्रांति व रूढियां हैं, उन्हें मिटाने में मीडिया ही मददगार साबित हो सकता है।

बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था यूनिसेफ के मध्य प्रदेश प्रमुख ट्रेवल क्लार्क ने कहा कि स्तनपान के जरिए बाल और मातृ मृत्युदर दोनों को कम किया जा सकता है। स्तनपान को लेकर मध्य प्रदेश में पहले से स्थितियां सुधरी हैं मगर इस क्षेत्र में अभी भी बहुत कुछ किया जाना है।
क्लार्क ने राज्य में बाल मृत्युदर का जिक्र करते हुए कहा कि यहां प्रति घंटे पांच वर्ष से कम आयु के 16 बच्चों की मौत हेाती है। बच्चों को अगर जन्म से छह माह तक सिर्फ स्तनपान कराया जाए तो इस मृत्युदर को कम किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्तनपान बाल मृत्युदर को 20 प्रतिशत कम कर सकता है। स्तनपान करवाते समय बचें इन गैस बनाने वाले आहारों से
इस मौके पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एजी शिंगवेकर ने प्रस्तुतीकरण के जरिए बच्चे के लिए मां के दूध के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि बच्चे का पहले वर्ष में जितना विकास होता है, उतना पूरे जीवन में किसी समय नहीं होता। इतना ही नहीं मां के दूध का सेवन करने वाले बच्चे और ऊपर के दूध का इस्तेमाल करने वाले बच्चे के मस्तिष्क विकास की भी उन्होंने तुलना की।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने अपने मिलेनियम डेवलपमेंट गोल में स्तनपान को शामिल किया है। इसके तीन लक्ष्य है स्तनपान को बढ़ावा देना, स्तनपान की रक्षा और इसका समर्थन करना है। उन्होंने आंकड़ों के आधार पर बताया कि जन्म से छह माह तक स्तनपान न कराने से बच्चों को बीमारी से बचाना मुश्किल है, वहीं स्तनपान से मां को भी बीमारियों से दूर रखा जा सकता है।
महिला बाल विकास विभाग के ग्वालियर क्षेत्र के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर व यूनिसेफ की अपर्णा मुंशी ने स्तनपान के लाभ से जुड़ा प्रजेंटेशन दिया। वहीं मुख्यालय में पदस्थ संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यशाला का संचालन सहायक संचालक राम तिवारी ने किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस



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