बच्‍चा होने के बाद ऐसे घटाएं वजन और रहें हेल्‍दी

एक नई मां को स्वस्थ रहने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि उसे एकसाथ बच्चे की देखभाल और खुद के शरीर को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता है जिसके लिए उसे मज़बूत होना चाहिए।

By Lekhaka

हर महिला अपनी गर्भावस्था में शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर क्रांतिकारी परिवर्तन से गुजरती है। बचचा होने की कठिनाई उसके स्वास्थ्य काकमज़ोर बना देती है।

फिर भी एक नई मां को स्वस्थ रहने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि उसे एकसाथ बच्चे की देखभाल और खुद के शरीर को स्वस्थ बनाए रखने की आवश्यकता है जिसके लिए उसे मज़बूत होना चाहिए।

हालांकि, उसे पौष्टिक आहार पर रहने में मुश्किल हो सकती है, इसलिए, उसे मेडिकल दिशानिर्दैशों का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि उसकी जीवनशैली उसके शरीर को प्रभावित न करें।

नए अभिभावक के तौर पर उसे डाॅक्टर और पोषण विशेषज्ञ के साथ उचित परामर्श के बाद ही उसे आहार का पालन करना चाहिए।


 # 1 पौष्टिक आहार

# 1 पौष्टिक आहार

चूंकि एक नवजात शिशु को एक दिन में कई बार स्तनपान करने की ज़रूरत होती हैए इसलिए मां की आहार में अक्सर संतुलित तत्व होते हैं। डॉक्टरों द्वारा विशेष भोजन की खुराक के साथ एक प्रोटीन और ऊर्जा समृद्ध आहार का सुझाव भी दिया जाता है। एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग को बनाए रखने के लिएए एक नई मां को बच्चा होने के बाद स्वस्थ रहने के लिए उचित आहार पद्धति को अपनाना चाहिए।

 # 2 व्यायाम और गतिविधियां

# 2 व्यायाम और गतिविधियां

यदि आप एक नई मां हैं तो एक सख्त व्यायाम और व्यस्त कार्यक्रम आपके स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह से हानिकारक हैंं किसी भी स्थिति मेंए आपका शरीर अभी भी तनाव को सहन करने की स्थिति में नहीं है। सभी नई माताओं को केवल हल्के फ्रीहैंड व्यायाम और ज़रा सा चारों ओर घूमने की सलाह दी जाती है। कुछ उठाने और सीढ़ियां चढ़ने के लिए किसी की मदद लें।आराम और काम का वितरण अपनी आवश्यकतानुसार करें।

 # 3 देखभाल के साथ स्तनपान करवाएं

# 3 देखभाल के साथ स्तनपान करवाएं

जब मां बच्चे को स्तनपान कराती है तो उनके बीच गहरा संबंध बनता है। चूंकि, बच्चों को रात में जागने की आदत होती है या फिर तब जब उसकी थकी हुई मां आराम करने का सोचती है। एक नई मां को स्तनपान कराने का एक निश्चित शेड्यूल बनाना चाहिए। वह गर्म सेंक ल्राकर तथा ढीले व आरामदायक कपड़े पहनकर दूध उत्पादन बढ़ा सकती है और साथ ही दर्दभरे स्तनों में आराम पा सकती है।

 # 4 अपनी भावनाओं की जांच करें

# 4 अपनी भावनाओं की जांच करें

विशाल भौतिक परिवर्तन के अलावा एक नई माँ खुद को पूरी तरह से नई भावनाओं में घिरा महसूस करती है। उसे अचानक ही आग्रह, भ्रम, अवसाद, क्रोध, डर या कम आत्मसम्मान का अनुभव हो सकता है। ऐसे समय मेंए उसे सीधा सोचने की कोशिश करनी चाहिए और समझना चाहिए कि एक नई मां बनना उत्तेजक और चुनौतीपूर्ण है और अगर सही भावनाओं के साथ उसे अपनाया जाए तो यह मज़ेदार हो सकता है। आवश्यकता महसूस होने पर वह प्रोफेशनल की मदद ले सकती है।

 # 5 अपने पोस्चर की जांच करें

# 5 अपने पोस्चर की जांच करें

सुनिश्चित करें कि बचचे को उठाते समय आप अधिक न झुकें क्योंकि ऐसा करने पर आपको भविष्य में पीठ दर्द, गर्दन में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, खड़े होने पर भी जानबूझकर अपनी पीठ को सीधा रखने और सीधे खड़ा होने का प्रयास करें।

# 6. पानी के सेवन पर ध्यान दें

# 6. पानी के सेवन पर ध्यान दें

हम सभी जानते हैं कि हमारा शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना है, और हर समय हाइड्रेटेड रहना कितना महत्वपूर्ण है। और, जब आप एक नई मां हैं, तो हाइड्रेटेड रहना अधिक ज़रूरी हो जाता है क्योंकि केवल पानी ही है जो ऊतकों और अंगों की मरम्मत करने में मदद करता है। तो एक त्वरित स्वास्थ्य लाभ के लिए अपने पानी के सेवन पर गौर करें।


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