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जानिए प्रसव के दौरान योनि के साथ क्या बदलाव होते है
नॉर्मल डिलीवरी के समय वजाइना के साथ बहुत कुछ बदलाव होता है, एक छोटी सी जगह से बच्चें का बाहर निकलना बहुत ही मुश्किल काम होता है, सोचिये कैसा हाल होता होगा वजाइना का इस वक्त।
नॉर्मल डिलीवरी के बाद योनि का मार्ग खींचकर बड़ा हो जाता है कि बच्चें को बाहर निकालने की जगह खुद ब खुद बाहर आ जाती है। इस वक्त योनि के साथ बहुत कुछ बदलाव होते है, इसमे डरने और घबराने की कोई बात नहीं हैं। सब कुछ चीजें नॉर्मल ही होती है। चलिए जानते है कि नॉर्मल डिलीवरी के वक्त वजाइना के साथ क्या होता है आइए जानते है।

सर्विक्स खुलता है डिलीवरी के वक्त
वजाइना लंबा और पतला ट्यूब जैसा होता है जो डिलीवरी के समय फैलकर इतना बड़ा हो जाता है कि एक शिशु बाहर निकल जाता है। जैसे-जैसे डिलीवरी के प्रोसेस शुरू होता है सर्विक्स धीरे-धीरे बड़ा होने लगता है। लेबर यानि प्रसव के समय सर्विक्स 10 सेमी तक खुल जाता है। उसके बाद डॉक्टर मां को अंदर से धक्का देने को कहते हैं। और वैजाइना भी सर्विक्स के साथ इतना फैल जाता है कि बेबी थोड़े से मशक्कत के साथ बाहर निकल जाता है।

एस्ट्रोजन लेबल बनाता है लचीला
शिशु के जन्म के समय एस्ट्रोजन का लेबल वजाइनल एरिया में इतना होता है कि वह आसानी से जितनी ज़रूरत होती है उतना फैल जाने की क्षमता रखता है।

पेल्विक मसल्स की मदद से
वजाइना कितना फैलेगा ये जीन्स, बेबी का आकार, कितनी बार डिलीवरी हुआ है ,पेल्विक मसल्स के मजबूती पर निर्भर करता है।

एपीसीओटॉमी
बेबी का सर बर्थ कैनल में जाकर वजाइना के दिवार को धक्का देता है जिसके कारण पेरिनियम फट जाता है। ये प्रक्रिया इसलिए होता है क्योंकि इस जगह से बेबी को निकलना होता है। अगर पेरिनियम फटा नहीं तो शिशु के जन्म के समय डॉक्टर को ये करना होता है। जिसको एपीसीओटॉमी कहते हैं।

डिलीवरी के बाद रिलेक्स होने में लगता है
जब तक बच्चा बर्थ कैनल से बाहर नहीं निकलता है तब तक वजाइना जितना हो सके फैलता है। जब तक बच्चा बाहर निकल जाता है तब वह प्लैसेन्टा को बाहर निकलने में भी मदद करता है। एक बार डिलीवरी हो जाने के बाद वजाइना रिलैक्स हो जाता है लेकिन उसमें सूजन और जलन जैसा अनुभव होता है जो समय के साथ ठीक हो जाता है।

छह हफ्ते का समय लगता है
शिशु के जन्म के बाद वजाइना को ठीक होने में कुछ समय तो लगता है। लगभग छह हफ्ते का समय लगता है वजाइना के जलन और सूजन को ठीक होने में।



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