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डिलिवरी के बाद ऐसे करें वजाइना की देखरेख, कम होगा इन्फेक्शन का खतरा
बच्चे के जन्म के बाद भावनात्मक बदलाव आने के साथ ही शरीर में भी बहुत से परिवर्तन पहली बार होते हैं। इन बदलावों को नज़रअंदाज़ करना लम्बे समय तक शरीर में जटिलताओं को बढ़ावा देना है। खासतौर पर नॉर्मल डिलिवेरी के बाद, शरीर को खास देखरेख की ज़रूरत पड़ती है। बच्चे के जन्म के दौरान वजाइना को काफी नुकसान पहुंचता है जिसे ठीक करने और एक बार फिर से प्राकृतिक तौर पर सही होने के लिए उसमें टांके लगाए जाते हैं। ऐसे में आपका उठना, बैठना, चलना, यहां तक कि आपके छिकने पर भी आपको दर्द महसूस हो सकता है।
इसलिए टांके लगाने के बाद बहुत ज़रूरी है कि आप वजाइना की साफ सफाई का सम्पूर्ण ध्यान रखें ताकि किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा जा सके। वजाइना डिस्चार्ज, खासकर खून के निकलने पर वजाइना इंफेक्शन के चांस बढ़ जाते हैं और अगर एक बार इंफेक्शन हो जाए तो आपके शरीर के लिए परेशानियां निरतर बढ़ती है। ऐसे में सही ढंग से साफ सफाई रखना ही सबसे अच्छा आॅप्शन है, ताकि आप आराम से अपने मातृव को महसूस करें और बच्चे के साथ खास पल बिता सकें।

हमेशा करे सफाई: कोशिश करें कि वजाइना की हमेशा सही ढंग से पूरी सफाई करें। सेनेटरी पैड्स को सही वक्त पर बदलते रहें क्योंकि यही एक सही तरीका है, जिससे आप बच्चे के पैदा होने के बाद होने वाले इंफेक्शन से बच सकते हैं। साथ ही उस हिस्से को गुनगुने पानी से भी साफ करें, ताकि किसी भी तरह की सूजन और दर्द से राहत मिल सके।
पैड्स का करे इस्तेमाल: डिलिवरी के बाद करीबन 2 हफ्ते तक आपको ब्लीडिंग महसूस हो सकती है। ऐसे में किसी भी तरह के टेम्पोन्स का इस्तेमाल करने के बजाए सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करें। इस समय टेम्पोन्स के इस्तेमाल से वजाइना में इंफेक्शन का खतरा ज़्यादा बढ़ सकता है।
आईस पैक: अगर आपको कभी वजाइना में दर्द या सूजन महसूस हो तो आप बर्फ का सेक कर सकते हैं। इसके लिए 15-20 मिनिट के लिए बर्फ से वजाइना व उसके आसपास के एरिया में अच्छे से सेक करें। साथ ही ध्यान रहे कि बर्फ को किसी पतले कपड़े में लपेट कर ही इसका इस्तेमाल करें।
एन्टीसेपटिक का इस्तेमाल: हर डॉक्टर डिलिवरी के बाद सुझाव देता है कि टांकों पर एन्टीसेपटिक ही लगाकर उन्हें अच्छे से धोएं क्योंकि इससे हर तरह के इंफेक्शन से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके लिए पहले एन्टीसेपिटक लोशन को पानी में घोल लें, फिर वजाइना और टांको पर अच्छे से लगाकर धो लें।
पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज: एक बार जब आपको पूर्ण विश्वास हो जाए कि आपके टांके बिल्कुल सही हो चुके हैं तो आप पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज शुरू कर सकते हैं। ऐसा करने से वजाइना में रक्त का प्रवाह फिर से सही प्रारूप में दौड़ने लगेगा। साथ ही डिलिवरी के बाद वजाइना में किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचने का यह सबसे अच्छा तरीका है।
सही तरीके से साफ करना: सुबह-सुबह फ्रेश हो जाने के बाद, किसी भी तरह के किटाणु हटाने के लिए ज़रूरी है कि वजाइना की अच्छे से सफाई की जाए। खासतौर पर बच्चे के जन्म के बाद ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है।



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