गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या से कैसे बचें?

By Shakeel Jamshedpuri

गर्भवती महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या बेहद आम है। गर्भावस्था के दौरान मूड का बदलना, स्वाद में बदलाव और शारीरिक व मानसिक बदलाव सहित और भी कई बदलाव होते हैं। गर्भवती महिलाएं ऐसी कई चीजें नहीं कर पाती हैं जो दूसरे लोग सामान्य समझते हैं। या गर्भवती होने से पहले कई चीजें जो वह कर लेती थी, पर गर्भावस्था के दौरान उनके लिए मुश्किलें पैदा हो जाती हैं। इसी तरह गर्भवती महिला के लिए गैस की समस्या किसी बुरे सपने से कम नहीं होता है।

गर्भवती होना किसी महिला के लिए सबसे सुखद अहसास हो सकता है, पर गैस की समस्या से यह खुशी काफूर भी हो सकती है। यह बेहद जरूरी है कि ऐसी समस्या होने पर गर्भवती महिलाएं अपने मन से दवाई खाने के बजाए डॉक्टर की सलाह ले। सबसे बड़ी बात यह कि आप अच्छी आदत डाल कर गैस की समस्या से बचें और गर्भावस्था को एक खुशनुमा एहसास बनाएं।

गैस की समस्या आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक बदलाव के कारण होती है। इसका मुख्य कारण प्रोजेस्टेरोन का लेवल बढ़ना है। इससे आंत ढीली पड़ जाती है और भोजन को पचने में समय लगता है। गर्भावस्था के दौरान भोजन बदलने से भी गैस की समस्या हो सकती है। आइए हम आपको बताते हैं कि अगर आप गर्भावस्था के दौरान गैस की समस्या से जूझ रहे हैं तो इससे कैसे बच सकते हैं।

कम भोजन लें:

कम भोजन लें:

गैस की समस्या से बचने के लिए एक ही बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा अंतराल पर पूरे दिन कुछ-कुछ खाते रहें। ज्यादा मात्रा में भोजन करने पर उसके पाचन में दिक्कत आती है। अगर पाचन ठीक से नहीं होगा तो गैस की समस्या होगी और आप ब्लोटिंग से भी जूझ सकते हैं।

धीरे-धीरे खाएं:

धीरे-धीरे खाएं:

खाने को अच्छे चबा कर खाएं। पाचन का एक हिस्सा मुंह में ही होता है। पाचन अच्छे से हो इसके लिए सलाइवा का भोजन के साथ ठीक से मिलना बहुत जरूरी होता है। प्रोजेस्टेरोन के बढ़ने से आंत कम सक्रिय हो जाती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान अच्छे से चबाना बेहद अहम होता है।

सावधानी से पीएं:

सावधानी से पीएं:

बेहतर होगा कि आप खाना खाते समय पानी न पीएं। खाने के दौरान पानी पीने से डायजेस्टिव एंजाइम डाल्यूट हो जाता है। साथ ही पाचन की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है। स्ट्रॉ के बजाय सीधे ग्लास से पानी पीएं।

कब्ज का इलाज कराएं:

कब्ज का इलाज कराएं:

कब्ज से बचने की हर संभव कोशिश करें, क्योंकि इससे पेट दर्द की समस्या भी पैदा हो जाती है। साथ ही कब्ज की समस्या गर्भवती महिलाओं में आम बात है। अपने आहार में फाइबर को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। कैंड फूड्स से ज्यादा से ज्यादा बचने की कोशिश करें।

गैसी फूड से बचें:

गैसी फूड से बचें:

गर्भावस्था के दौरान ऐसे भोजन बिल्कुल न खाएं जिससे गैस बनती हो। हालांकि इसका असर अलग-अलग महिलओं पर अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए डेयरी उत्पाद से गर्भावस्था के दौरान उन महिलाओं में गैस की समस्या हो सकती है, जो लैक्टोज बर्दास्त नहीं कर पाती है। वहीं कुछ के साथ ऐसा नहीं होता है।

फिजिकली एक्टिव रहें:

फिजिकली एक्टिव रहें:

डॉक्टर द्वारा बताई गई फिजिकल एक्टिविटी करें। अपने डॉक्टर से पूछें कि आप एक्सरसाइज के दौरान कितनी ऊर्जा और जोर लगा सकते हैं। आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में योगा काफी कारगर हो सकता है।

मेथी:

मेथी:

ग्लास में मथी डालकर उसे रात भर फूलने के लिए छोड़ दें। सुबह मेथी को निकाल कर उसके पानी को पीएं। इससे गैस की समस्या दूर होगी।

हमेशा पेट भरा रखें:

हमेशा पेट भरा रखें:

सुबह की कमजोरी और दूसरी शारीरिक समस्याओं के कारण कुछ गर्भवती महिलओं में भोजन लेने की मात्रा कम हो जाती है। आंत में मौजूद इस्तेमाल में नहीं लाया गया गैस्ट्रिक जूस से ब्लोटिंग और दूसरी स्वास्थ संबंधी समस्या हो सकती है।

कार्बोनेटेड ड्रिंक से बचें:

कार्बोनेटेड ड्रिंक से बचें:

काबरेनेटेड ड्रिंक से आपके शरीर को कोई फायदा नहीं पहुंचेगा। जब आप गर्भवती हों तो इससे बचना ही बेहतर रहेगा। इससे गैस की बहुत समस्या होती है और पेट में दर्द भी होता है।


Story first published: Monday, December 9, 2013, 21:01 [IST]
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