Latest Updates
-
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव
गर्भावस्था से संबंधित सामान्य समस्याएं
बच्चा एक ऐसी चीज़ है जिसे आप नौ महीने तक अपने अंदर रखती हैं, तीन साल तक अपनी बांहों में रखती हैं तथा आपकी मृत्यु तक वह आपके दिल में रहता है। मेरी मेनसन के ये शब्द कितने सही हैं कि प्रत्येक महिला बच्चे को जन्म देना चाहती है तथा उसकी ज़िन्दगी में इससे बढ़कर और कोई खुशी नहीं हो सकती।
परंतु इस वरदान के साथ कुछ असुविधाएं भी जुड़ी हुई हैं तथा मां बनने के पहले प्रत्येक महिला को इन समस्याओं से जूझना पड़ता है। नीचे गर्भावस्था से संबंधित कुछ सामान्य समस्याएं बताई जा रही हैं:
इसके अलावा गर्भावस्था में आने वाली अन्य कई सामान्य समस्याएं जैसे सिरदर्द, उच्च रक्तदाब, कुछ विशिष्ट खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा होना और गले में खराश होना हैं।

1) उल्टी :
यह गर्भावस्था में होने वाली एक बहुत आम समस्या है जिसका सामना प्रत्येक महिला को करना पड़ता है परंतु यदि यह समस्या बहुत अधिक बढ़ जाए तो ऐसी स्थिति में चिकित्सीय परामर्श लेना आवश्यक होता है।

2) मॉर्निंग सिकनेस (सुबह होने वाली मतली):
हार्मोंस में परिवर्तन होने के कारण मॉर्निंग सिकनेस की समस्या आती है जो पूरे दिन रहती है। मॉर्निंग सिकनेस को रोकने का एक उपाय यह है कि थोड़ी थोड़ी देर में थोड़ा थोड़ा खाएं, भोजन के साथ तरल पदार्थ न लें तथा घर में वेंटिलेशन (हवा का प्रवाह) अच्छा बना रहने दें।

3) सूजन:
गर्भवती महिलाओं की यह एक अन्य सामान्य समस्या है हालाँकि सूजन का स्तर प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग अलग होता है। बहुत लंबे समय तक खडें न रहें और ऐसे जूते पहनें जो विशेष रूप से इस समस्या से निपटने के लिए बनाए गए हों।

4) वज़न बढ़ना:
गर्भावस्था में प्रत्येक महिला का वज़न बढ़ता है अत: इस बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और इसके कारण खाना न छोड़ें।

5) अनिद्रा (नींद न आना):
गर्भावस्था के दौरान हार्मोंस में परिवर्तन और असुविधा के कारण अनिद्रा की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए कैफीन, अल्कोहल और वसा युक्त पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए।

6) थकान:
गर्भावस्था के दौरान थकान से बचने के लिए उचित नींद लें तथा आराम करें। एनीमिया से बचने के लिए आयरन (लौह तत्व) से समृद्ध आहार लें क्योंकि एनीमिया के कारण ही थकान महसूस होती है।

7) पीठ दर्द:
पेट के आसपास वज़न बढ़ने के कारण महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पीठ दर्द का सामना करना पड़ सकता है। आरामदायक जूते पहनें तथा भारी वस्तुएं न उठायें क्योंकि इसके कारण आपकी समस्या बढ़ सकती है।

8) पेट दर्द:
दूसरे और तीसरे तिमाही के दौरान पेट दर्द एक सामान्य समस्या है क्योंकि इस दौरान श्रोणि बच्चे के लिए जगह बना रही होती है। परंतु यदि दर्द लगातार रहे तो मेडिकल जांच आवश्यक होती है।

9) कोष्ठबद्धता:
यह शरीर के चयापचय में परिवर्तन के कारण होता है। पानी अधिक पीयें तथा फाइबर (रेशायुक्त) युक्त आहार लें।

10) पैरों में ऐंठन:
रात में सोने से पहले पैरों की उँगलियों को गोल घुमाने की कसरत करें। धीरे धीरे मालिश करें। मैग्नीशियम और पौटेशियम से युक्त आहार लें।

11) सांस लेने में तकलीफ होना (दम घुटना):
गर्भवती महिला के शरीर में दबाव बढ़ने के कारण यह समस्या आती है। जब भी आपको सांस लेने में तकलीफ हो तो आराम करें और यदि समस्या बढ़ जाती है तो किसी को सहायता करने के लिए कहें।



Click it and Unblock the Notifications