12 तरीकों से गर्भनाल करती है आपके बच्‍चे की मदद

By Super

गर्भनाल, महिलाओं के शरीर का अभिन्‍न अंग होता है जो गर्भावस्‍था के दौरान बच्‍चे की सुरक्षा और उसके विकास में बहुत महत्‍वपूर्ण होती है।

इसी के द्वारा बच्‍चे को भोजन, सांस मिलती हैं। अगर बच्‍चा, गर्भ में जीवित है तो सिर्फ और सिर्फ गर्भनाल की वजह से।

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गर्भवती स्‍त्री के लिए गर्भनाल की उसके बच्‍चे से जुड़ने का माध्‍यम होता है। यह और भी तरीकों से आपके बच्‍चे को फायदा पहुंचाती हैं। आइए जानते हैं कि किन 12 तरीकों से गर्भनाल आपके बच्‍चे की मदद करती है:

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1. अंडा से बच्‍चा बनने में:

1. अंडा से बच्‍चा बनने में:

जब स्‍पर्म और एग मिल जाता है तो सिर्फ एक बच्‍चा ही नहीं बनता है बल्कि गर्भनाल भी विकसित हो जाती है। फर्टिलाइज एग, यूट्रिन में अपने आप विकसित होने लगते हैं। आंतरिक कोशिका, भ्रूण बनने के लिए विकसित हो जाती है, जबकि बाहरी कोशिका,गर्भनाल को बनाने के लिए भीतरी दीवार में घुस जाती है।

2. इसे देखभाल और ध्‍यान देने की आवश्‍यकता होती है:

2. इसे देखभाल और ध्‍यान देने की आवश्‍यकता होती है:

आपकी गर्भनाल को बच्‍चे की तरह ही पोषण की आवश्‍यकता होती है। इसलिए अच्‍छा भोजन लें, शराब का सेवन न करें, निकोटिन आदि से दूरी बनाएं रखें

3. इसके वहीं जीन्‍स होते हैं जो बच्‍चे के होते हैं:

3. इसके वहीं जीन्‍स होते हैं जो बच्‍चे के होते हैं:

हां, यह सत्‍य है। वास्‍तव में, गर्भपूर्व परीक्षण, प्‍लेसनिटा से सेल्‍स को लेकर करवाना, पूर्व दोष या समस्‍या का पता लगाने के लिए सहायक हो सकता है। हालांकि, ये परीक्षण खतरनाक होते है, इसलिए अक्‍सर नहीं ही करवाएं जाते है। लेकिन कुछ प्रकार के गर्भ परीक्षणों को आप नकार नहीं सकते हैं।

4. यह आपके बच्‍चे को जीवित रखता है:

4. यह आपके बच्‍चे को जीवित रखता है:

गर्भनाल आपके बच्‍चे को जीवित रखती है। यह बच्‍चे के लिए सेफगार्ड की भांति काम करती है। इसमें एंटीबॉडी होते हैं जो किसी भी प्रकार का संक्रमण होने से रोकते हैं।

5. यह आपकी गर्भावस्‍था प्रक्रिया में मदद करती है:

5. यह आपकी गर्भावस्‍था प्रक्रिया में मदद करती है:

इससे एचसीजी नामक हारमोन्‍स निकलते हैं जो ओवरी से अंडे को निकलने से रोकते हैं और प्रोगेस्‍ट्रॉन और एस्‍ट्रोजन नामक हारमोन्‍स को ज्‍यादा मात्रा में उत्‍पादित करती है। इससे बच्‍चे का विकास भली-भांति होता है।

6. यह आपके लैक्‍टेशन के लिए तैयारी करता है:

6. यह आपके लैक्‍टेशन के लिए तैयारी करता है:

यह शरीर में एचपीएल या लैक्‍टोजन को तैयार करने में मदद करता है। जो मां के शरीर में दूध बनाने में चरणबद्ध तरीके से मदद करता है।

7. यह अद्धुत है और गर्भ में अलग होता है:

7. यह अद्धुत है और गर्भ में अलग होता है:

जिस प्रकार गर्भ में पलने वाला हर बच्‍चा अलग होता है उसी प्रकार गर्भनाल भी अलग होती है। उसकी स्थिति में अंतर पड़ जाता है जिससे कई दिक्‍कतें भी आ जाती हैं। इसकी सही स्थिति ही सामान्‍य प्रसव होने देती है अन्‍यथा सीजेरियन का विकल्‍प चुनना पड़ता है।

8. आपके और बच्‍चे के बीच जीवनरेखा:

8. आपके और बच्‍चे के बीच जीवनरेखा:

गर्भावस्‍था के दौरान हर मिनट में रक्‍त का एक पिंट भ्रूण के माध्‍यम से गर्भनाल के जरिए पोषक तत्‍वों को बदलता है। इसकी मदद से बेकार तत्‍व भी बाहर आ जाते हैं।

9. यह एक डिस्‍पोजेबल ऑर्गन है:

9. यह एक डिस्‍पोजेबल ऑर्गन है:

यह एक ऐसा अंग है जो बच्‍चे के गर्भ में होने के दौरान निर्मित होती है और प्रसव के बाद समाप्‍त हो जाती है। इस अंगों की भांति यह सदा काम नहीं करती है।

10. खाने योग्‍य होती है:

10. खाने योग्‍य होती है:

ये काफी अजीब बात है लेकिन इसमें कोई हड्डी आदि नहीं होती है और यह एडीबल होती है। ऐसा कोई करता नहीं है।

11. बच्‍चे के बाद इसका जन्‍म होता है:

11. बच्‍चे के बाद इसका जन्‍म होता है:

आपका प्रसव पूरा नहीं होता है जब तककि गर्भनाल भी नहीं निकल जाती है। जब तक गर्भ से गर्भनाल नहीं निकल जाती है तब तक उतना ही तनाव और कसाव लगता है जितना बच्‍चे के जन्‍म से पहले लगता है। इस प्रक्रिया को ऑफ्टर बर्थ कहते हैं।

12. गर्भ से बाहर निकलने पर भी जीवित रहती है:

12. गर्भ से बाहर निकलने पर भी जीवित रहती है:

गर्भनाल, गर्भ से बाहर निकल जाने पर जीवित रहती है। जब अम्‍बीकिल को काट दिया जाता है तो इसकी कार्यप्रणाली बंद हो जाती है और बेकार की वस्‍तु बन जाती है।

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