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गर्भावस्था के दौरान अधिक वजन के नुकसान
गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर का अधिक वजन होना, आपके लिए और होने वाली संतान; दोनों के लिए घातक साबित हो सकता है। अगर आप एक स्वस्थ बच्चा पैदा करना चाहती हैं तो सबसे पहले अपने शरीर के वजन पर नियंत्रण पाएं।
प्रतिदिन योगा करें और व्यायाम करें ताकि बढ़ा हुआ वजन सही हो जाएं। गर्भावस्था के दौरान आपका वजन, आपकी उम्र और कद के हिसाब से कितना होना चाहिए, इसकी जानकारी अवश्य ले लें। ज्यादा वजन होने पर किस प्रकार कम किया जा सकता है, इस पर भी जानकारी अवश्य ले लें।

गर्भावस्था के दौरान भयानक वर्कआउट न करें, इससे जानजोखिम हो सकता है। इसके अलावा, जिन महिलाओं का वजन ज्यादा होता है उन्हें प्रसव के बाद काफी समय तक डॉक्टर की निगरानी में अस्पताल में रहना पड़ सकता है ताकि उन्हें और उन्हें कोई संतान को किसी प्रकार की समस्या न हों।

वजन ज्यादा होने से गर्भपात का भय भी बना रहता है। 20 सप्ताह से पूर्व बच्चे के कोख में ही मर जाने को गर्भपात कहा जाता है, गर्भपात होने का सबसे बड़ा कारण, महिलाओं में बढ़ता वजन भी होता है।

गर्भावस्था में एक स्थिति प्री-एक्लेम्पसिया भी होती है जिसमें गर्भवती महिला के शरीर का ब्लड़प्रेशर काफी बढ़ जाता है या उसकी यूरिन में प्रोटीन में मात्रा की अधिकता हो जाती है जिसके कारण कई बार गर्भपात होने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके पीछे का मूल कारण भी मोटापा या बढ़ता वजन ही होता है।

अगर वजन ज्यादा होता है तो गर्भ में पलने वाले बच्चे के रोगों के बारे में भी पता लगाने में दिक्कतें आती हैं व अल्ट्रासाउंड जैसे टेस्ट करने में भी समस्या होती है।
बच्चे के बढ़ने के साथ-साथ मां को कई तकलीफ होनी शुरू हो जाती है और 9वें महीने तक स्त्री लगभग बेड रेस्ट पर ही रहती है। ऐसे में पहले से ही देखभाल करनी चाहिए, हर बात का ध्यान रखना चाहिए और बढ़ते वजन पर नियंत्रण रखना चाहिए।



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