Latest Updates
-
गर्मियों में पेट की जलन से हैं परेशान? ये योगसान एसिडिटी से तुरंत दिलाएंगे राहत -
Heatwave Alert: अगले 5 दिनों तक इन शहरों में चलेगी भीषण लू, 44°C तक पहुंचेगा पारा, IMD ने जारी की एडवाइजरी -
Budh Gochar: रेवती नक्षत्र में आकर बुध बनेंगे शक्तिमान, इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन -
Bank Holiday May 2026: मई में छुट्टियों की भरमार! 1 तारीख को ही लगा मिलेगा ताला, चेक करें लिस्ट -
पेट में गर्मी बढ़ने पर दिखते हैं ये 7 लक्षण, दूर करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय -
कहीं आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल वाला आम? खाने से पहले 2 मिनट में ऐसे करें असली और नकली की पहचान -
बेटी की उम्र 10 साल होने से पहले ही उसे सिखा दें ये 5 जरूरी बातें, जीवन में रहेगी हमेशा आगे -
क्या सच हो गई बाबा वेंगा की 2026 की भविष्यवाणी? 48 घंटों में जापान से भारत तक भूकंप के झटकों से कांपी धरती -
Bada Mangal 2026: 19 साल बाद ज्येष्ठ में पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, नोट कर लें बुढ़वा मंगल की सभी तारीख और महत्व -
पैर में काला धागा बांधना शुभ या अशुभ? जानें शनि-राहु से इसका कनेक्शन और बांधने का सही तरीका
गर्भावस्था के तीसरे महीने में क्या खाना चाहिये?
गर्भावस्था के तीसरे महीने में शरीर में बहुत अधिक परिवर्तन होते हैं। गर्भावस्था के तीसरे महीने में भ्रूण में बहुत अधिक हलचल होती है।
शरीर बहुत सारे परिवर्तनों के लिए तैयार हो रहा होता है। गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान भ्रूण के हृदय, किडनी, आँखें, गुप्तांग और स्वर यंत्र आदि का निर्माण प्रारंभ हो जाता है।
अत: माता और भ्रूण दोनों को पोषक तत्व मिलना बहुत कठिन हो जाता है। गर्भावस्था के इस समय के दौरान माताओं को जंक फ़ूड, समुद्री खाद्य पदार्थ, बिना पास्चुराज़ेशन किये हुए दुग्ध उत्पाद तथा डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ आदि नहीं खाने चाहिए क्योंकि इनमें प्रिज़र्वेटिव और कृत्रिम रंग मिले हुए होते हैं।
हालाँकि गर्भावस्था में क्या करना चाहिए और क्या नहीं इसकी सूची बड़ी लंबी है अत: किसी भी चीज़ को अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से अवश्य परामर्श लेना चाहिए।
यहाँ इस लेख में गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के तीसरे महीने में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इस विषय में बता रहा है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए पढ़ें।

विटामिन बी-6 से समृद्ध खाद्य पदार्थ:
तीसरे महीने में जी मिचलाने की समस्या बहुत अधिक होती है जिसके कारण थकान महसूस होती है। आहार में विटामिन बी6 युक्त आहार लेने से उल्टी आने की समस्या कम हो जाती है तथा इससे मूड भी अच्छा रहता है। अत: गर्भावस्था के तीसरे महीने में अपने आहार में खट्टे फल, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां और आलू शामिल करें।

ताज़े फल:
फलों में विटामिन्स प्रचुर मात्रा में मिलते हैं तथा ये पानी, प्राकृतिक शुगर(चीनी), फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्त्रोत है। दैनिक आहार में इन्हें शामिल करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। ध्यान रखें कि दिन में कम से कम दो फल ज़रूर खाएं।

कार्बोहाइड्रेट्स:
ब्रेड, चांवल और आलू में पाए जाने वाले साधारण कार्बोहाइड्रेट्स उर्जा बढ़ाते हैं जो शरीर में होने वाले विकास के लिए आवश्यक होती है। हालाँकि शर्करा युक्त पदार्थ खाने से वज़न बढ़ सकता है। अत: अपने भोजन के विकल्पों को सावधानीपूर्वक चुनें।

आयरन तथा फोलेट:
गर्भावस्था के दौरान आयरन तथा फोलेट युक्त खाद्य पदार्थ अवश्य खाना चाहिए। ये तत्व भ्रूण की वृद्धि तथा विकास के लिए आवश्यक होते हैं। चुकंदर, ओटमील, ब्रोकोली, अंडे तथा हरी सब्जियां आयरन और फोलेट का अच्छा स्त्रोत माने जाते हैं।

दुग्ध उत्पाद:
दूध तथा दूध से बने उत्पाद मां तथा बच्चे दोनों के लिए सबसे उत्तम हैं। भ्रूण को कैल्शियम और खनिजों की आवश्यकता होती है जो दूध तथा दूध से बने उत्पादों में मिलते हैं। अत: कैल्शियम की उचित मात्रा मिलने के लिए आहार में दुग्ध उत्पादों को अवश्य शामिल करना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications











