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सी-सेक्शन से दूसरे बच्चे को जन्म देने से पहले जान लें ये बातें
कहा जाता है कि अगर आपके पहले बच्चे की डिलीवरी सी-सेक्शन से हुई है तो आपकी दूसरी डिलीवरी भी इसी तरह से होगी।
कहा जाता है कि अगर आपके पहले बच्चे की डिलीवरी सी-सेक्शन से हुई है तो आपकी दूसरी डिलीवरी भी इसी तरह से होगी। जो महिलाएं दर्द नहीं सहन कर सकती हैं वो सी-सेक्शन से डिलीवरी करवाना चाहती हैं लेकिन सी-सेक्शन डिलीवरी होना कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे कि मां की सेहत, पहले हुए सी-सेक्शन के निशान की मोटाई और भ्रूण का विकार आदि।
प्रसव कब होगा और कैसा होगा, इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है। कभी-कभी एमर्जेंसी की स्थिति में भी सी-सेक्शन डिलीवरी करनी पड़ती है। पहले बच्चे की नॉर्मल डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की सी-सेक्शन डिलीवरी करवानी पड़ती है।

मुंबई के क्लाउडनिन अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्रसव चिकित्सक डॉ. मेघना सरवईया के अनुसार अगर आप पहले बच्चे के सी-सेक्शन से जन्म लेने के बाद दूसरा बच्चा प्लान कर रही हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। तो चलिए जानते हैं सी-सेक्शन के बाद दूसरी डिलीवरी पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- सी-सेक्शन सर्जरी करवाना काफी बड़ी बात होती है और बाकी सर्जरी की तरह ही इसमें शरीर को बहुत कुछ सहना पड़ता है। अगर आपकी पहले भी सी-सेक्शन सर्जरी हो चुकी है तो आगे भी सी-सेक्शन सर्जरी का खतरा बढ़ता रहता है। इसलिए महिलाओं को हिदायत दी जाती है कि वो तीन से ज्यादा सी-सेक्शन सर्जरी ना करवाएं।
- हर एक कट और ओपन सर्जरी से गर्भाशय कमज़ोर हो जाता है। इसका मतलब है कि हर गर्भावस्था के दौरान सर्जरी का असर गर्भाशय में पल रहे बच्चे के पालन-पोषण पर भी पड़ता है। सर्जरी के बाद बच्चे का आकार पहले बच्चे की तुलना में बढ़ जाता है, इस कारण भी गर्भाशय पर भार पड़ता है।
- अगर आप कमज़ोर गर्भाशय से दो से ज्यादा बच्चों की चाहत रखती हैं तो गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों में गर्भाशय के टूटने की आशंका बढ़ जाती है। इससे बच्चे और मां दोनों की जान को खतरा हो सकता है।
- हर शरीर अलग होता है और उसकी हीलिंग पॉवर्स भी अलग होती हैं। कुछ महिलाएं वीबीएसी के बाद जल्दी रिकवर कर लेती हैं जबकि कुछ महिलाएं सी-सेक्शन से दूसरे बच्चे को भी आसानी से जन्म दे देती हैं। कमज़ोर गर्भाशय के कारण गर्भाशय के टूटने का खतरा बढ़ जाता है और इससे मां और बच्चे दोनों को ही परेशानी हो सकती है।
- सी-सेक्शन की हर सर्जरी के बाद अंत:स्रावी आंसजन के रह जाने की संभावना होती है। इसका मतलब है कि आपके गर्भाशय की तरफ एक गहरा घाव या निशान बन जाता है जो गर्भाशय को ठीक होने से रोकता है। इस कारण गर्भाशय के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। अनुभवी प्रसव चिकित्सक द्वारा प्रसव कराया जाए तो इस तरह संभावना बहुत कम देखने को मिलती है।
क्या करें
अपनी गर्भावस्था को अच्छी तरह से प्लाहन करके चलें। अगर आपकी पहली प्रेग्नेंसी है तो नॉर्मल डिलीवरी ही करवाएं। ये आपको कोई नहीं बता सकता कि प्रसव के दौरान क्याे गड़बड़ हो जाए इसलिए अपने पहले बच्चे को नॉर्मल डिलीवरी से ही जन्म देने की कोशिश करें। अगर आपका पहला बच्चा सी-सेक्शन से हुआ है तो तीन से ज्यादा बच्चे पैदा ना करें। यहां तक राष्ट्रीय परिवार नियोजन के अनुसार भी हम दो हमारे दो ही सर्वोत्तम रहता है। सख्ती से नियमों का पालन करें और सी-सेक्शन से होने वाली दिक्कतों से बचने के लिए खुद को तैयार रखें।



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