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प्रसव के दौरान क्या खाएँ-पिएँ
गर्भावस्था के कारण आपको हमेशा ही ऊर्जा की कमी और थकावट लग सकती है। गर्भावस्था के दौरान भोजन पर खास ध्यान देना चाहिए। यह महत्वपूर्ण होता है क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु को उसकी ऊर्जा और पोषण माँ से तथा उसके खाने से मिलती है।
गर्भावस्था के दौरान चिकित्सक अक्सर आहार और विटामिन्स की चर्चा करते हैं। लेकिन, प्रसव के दौरान खुद को ऊर्जावान बनाए रखना तथा प्रसव तिथि के पहले खुद को तरलयुक्त बनाए रखने का काम खुद ही करना पड़ता है।
जब आप गर्भावस्था के आखिरी मास में होती हैं तो बच्चा पूर्ण रूप से विकसित हो चुका होता है और कभी भी आने के लिए तैयार रहता है। इसलिए बच्चे का बढ़ता भार आपको फुर्तीला नहीं रहने देता। प्रसव के दौरान खुद को स्वस्थ और जगाए रखने के लिए कुछ खाते रहना चाहिए।
शायद आपने अपनी पैकिंग कर ली हो और बच्चे के आने के बाद क्या करना है इसकी योजना भी बना ली होगी, पर प्रसव के दौरान क्या और कितना खाना है, यह बात रह गई होगी। तो प्रसव के दौरान आपको ऊर्जावान बनाए रखने के लिए नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं।

1- ऐसे भोजन जो धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं
कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा के अच्छे स्रोत होते हैं। होलमील सैंडविच, बिना छीले उबले आलू, और ब्राउन राइस ऐसे कार्बोहाइड्रेट हैं जो धीरे-धीरे ऊर्जा मुक्त करते हैं और आपको लंबे समय तक क्रियाशील रखते हैं। प्रसव एक मैराथन की तरह है। तो एक मैराथन के पहले जो खाना चाहिए वही खाएँ। हालाँकि ध्यान रहे कि इन्हें ज्यादा न खा लें क्योंकि एक सीमा के बाद ये भारी हो जाते हैं।

2- मसालेदार भोजन से दूर रहें
आपको कई कहानियाँ मिल जाएँगी जिसमें कहा जाएगा कि मसालेदार भोजन और करी से प्रसव शुरू हो जाता है, पर प्रसव के एक बार शुरू हो जाने पर मसालेदार भोजन से दूर ही रहना बेहतर है।

3- सीजेरियन सेक्शन
अगर आपको सी-सेक्शन के लिए कहा गया है या आपके सी-सेक्शन की संभावनाएँ अधिक हों, तो आपको कुछ खाने से पहले अपनी नर्स से अवश्य सलाह ले लेनी चाहिए। अगर आपको सामान्य एनेस्थीसिया की ज़रूरत होगी तो, बेहतर है कि प्रसव के कम से कम 8 घंटे पहले से कुछ न खाएँ।

4- हर घंटे खाएँ
ध्यान देकर हर घंटे कुछ न कुछ खाएँ। प्रसव के दौरान अगर उल्टी भी लगे या भूख न लगे फिर भी हर घंटे थोड़ी मात्रा में कुछ ज़रूर खाएँ। प्रसव के दौरान चाहे आप फल खा लें, कुछ हल्का-फुल्का ही सही, या टोस्ट ही ले लें। रसभरे फल ऊर्जा के उत्तम स्रोत होते हैं और अच्छे भोज्य साबित होते हैं। सूप और अनाज भी आपका पेट भरे बिना आप की क्षुधा को शांत कर सकते हैं।
कीटोसिस से बचने के लिए प्रसव के दौरान होने वाली माँ को खाने और पीने की सलाह दी जाती है। कीटोसिस की प्रक्रिया तब होती है जब शरीर ऊर्जा के लिए संचित वसीय अम्ल का प्रयोग करने लगता है। जब शरीर संचित वसीय तत्वों का प्रयोग करने लगता है तो आपको उल्टी और सिरदर्द हो सकता है।

5- शरीर को तरलयुक्त रखें
प्रसव के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ। अगर आपको पेट के भरे होने का अहसास हो, तो भी नियमित रूप से घूँट लेती रहें। कैथरीन का कहना है "अगर आपको खाने में दिक्कत हो पर लगता है कि कार्बोनेटेड पेय ले सकती हैं तो ल्यूकोज़ेड से थका देने वाली पीड़ा से राहत में मदद मिलेगी।"



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