Latest Updates
-
Quick Dinner 10 Min Egg Bhurji Recipe: झटपट बनाएं चटपटी और मसालेदार अंडा भुर्जी -
International Yoga Day 2026: थायराइड से छुटकारा पाने के लिए रोज करें ये 5 योगासन, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर -
Gajar Ka Murabba Recipe: सेहत और स्वाद का बेहतरीन संगम, जानें बनाने की आसान विधि -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत -
Muharram 2026: कब है आशूरा? जानें मुहर्रम की 10वीं तारीख का धार्मिक महत्व और इतिहास -
Father’s Day 2026 Gift Ideas: पापा के लिए ढूंढ रहे हैं खास तोहफा? फादर्स डे पर दें ये 7 बेहतरीन गिफ्ट्स -
Quick 30 Minute Egg Biryani Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
कौन हैं सैंटी शर्मा, जिनकी Bigg Boss 20 में हो सकती है एंट्री? कॉकरोच जनता पार्टी की वजह से हुए थे वायरल -
High Protein Breakfast Egg Bhurji Paratha Recipe: स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल -
Vinayak Chaturthi 2026: प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
प्रेगनेंसी के दौरान न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट बच्चे के लिए हो सकता है जानलेवा
नर्वस सिस्टम मानव शरीर की बेहद महत्वपूर्ण सरंचना है। यह वह चीज़ है जो भ्रूण चरण में सबसे पहले विकसित होती है। इन अंगों की शुरुआत छोटे ऊतक के रूप में होती है जो न्यूरल ट्यूब कहलाते हैं।
आज इस लेख में हम न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के बारे में बात करेंगे जो भ्रूण के महत्वपूर्ण अंगों जिसे ब्रेन, स्पाइनल कॉर्ड और नसों को प्रभावित करता है।

न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स क्या है?
गर्भावस्था के शुरूआती चरण में जब भ्रूण बढ़ने लगता है, तब न्यूरल ट्यूब विकसित होता है जो आमतौर पर गर्भधारण के दो हफ़्तों के भीतर शुरू हो जाता है।यह ट्यूब एक छोटे से रिबन की तरह होता है जो बाद में ब्रेन स्पाइनल कॉर्ड और नसों में विकसित होता है।
कुछ वजहों से यह न्यूरल ट्यूब असामान्यता विकसित करने लगता है जिसके परिणामस्वरूप ब्रेन, स्पाइनल कॉर्ड और नसों के विकास में समस्याएं आने लगती हैं। महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करने वाले इस तरह के दोषों को न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट कहते हैं।
इस तरह की स्थिति ज़्यादातर गर्भावस्था के पहले महीने में उत्पन्न होती है। आमतौर पर दो प्रकार के न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट होते हैं स्पाइना बिफिडा और अनेंसेफाली।
स्पाइना बिफिडा में स्पाइनल कॉलम पूरी तरह बंद नहीं होता, इसमें गैप रह जाता है। स्पाइना बिफिडा का मतलब है रीढ़ में दरार। इससे नसें क्षतिग्रस्त होती हैं जिसके कारण पैरों में लकवा साथ ही स्टूल और ब्लैडर पर ख़राब नियंत्रण जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। यह न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का सबसे आम रूप है।
अनेंसेफाली ज़्यादा गंभीर स्थिति होती है जिसमें आधे ब्रेन का विकास नहीं होता जिसके कारण दूसरा भाग भी प्रभावित हो जाता है। इस तरह के बच्चे ज़्यादा दिनों तक जीवित नहीं रह पाते।

न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का कारण
न्यूरल बर्थ डिफेक्ट बहुत ही आम बात है तकरीबन 1000 बच्चों में से 1 बच्चे की न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के साथ पैदा होने की संभावना होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं जिनमें सबसे आम है जेनेटिक। परिवार में किसी ने भी अगर न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के साथ बच्चे को जन्म दिया है तो इसकी संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।
इसके कुछ अन्य कारण समझने की ज़रूरत है।
फोलिक एसिड डेफिशियेंसी
भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए फोलिक एसिड और विटामिन बी बहुत ज़रूरी होता है। यही कारण है कि आपके डॉक्टर गर्भावस्था के शुरुआत में या फिर जब आप गर्भधारण करने की योजना बना रही होती हैं तब फोलिक एसिड लेने की सलाह देते हैं। होने वाली माँ के शरीर में फोलेट की मात्रा कम होने से कई सारी समस्याएं आती हैं।
जेस्टेशनल डायबिटीज
जिन औरतों को गर्भावस्था के दौरान हाई डायबिटीज़ की शिकायत हो जाती है उनमें इस बात की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है कि उनका शिशु न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के साथ जन्म लेगा क्योंकि जो जीन्स इस तरह की परिस्थिति के लिए ज़िम्मेदार होते हैं वह डायबिटीज़ से प्रभावित होते हैं।
प्रेगनेंसी के दौरान मेडिकेशन
कई बार कुछ मेडिकेशन भ्रूण के अंगों के विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं। गर्भावस्था में दी जाने वाली कुछ दवाएं इस बात की संभावना को बढ़ा देती हैं।
धूम्रपान
न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का एक बड़ा कारण धूम्रपान भी होता है। निकोटीन और धुंआ माँ के शरीर से फोलेट को नष्ट कर देता है।

न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का पता कैसे चलता है?
गर्भधारण के पंद्रह हफ्तों के बाद अल्ट्रासाउंड की मदद से न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का पता लगाया जा सकता है। यदि डॉक्टर को कोई भी असामान्यता दिखाई पड़ेगी तो वे अठारहवें हफ्ते में एक और डिटेल्ड स्कैन कराएंगे जिससे न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का सही प्रकार से पता चल सके।

क्या न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का इलाज हो सकता है?
न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के इलाज के लिए कुछ विकल्प उपलब्ध हैं। इसके बारे में आपके डॉक्टर आपको बेहतर सलाह दे सकते हैं।
न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट जैसे माइल्ड स्पाइना बिफिडा के यह इलाज उपलब्ध हैं।
1. स्पाइना बिफिडा के मामले में जहां स्पाइनल कॉर्ड में छेद हो या फिर गैप हो तो इसे सर्जरी द्वारा सही किया जा सकता है।
2. न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के दूसरे मामले में जहां ब्रेन के आस पास फ्लूइड एकत्रित हो जाता है वहां एक छोटे से खोखले ट्यूब को प्रत्यारोपित कर फ्लूइड को निकाला जा सकता है।
न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के दूसरे लक्षणों को आप मेडिकेशन या कैथेटर के द्वारा इलाज करा सकते हैं। माइल्ड स्पाइना बिफिडा का इलाज संभव है लेकिन इसके ज़्यादा गंभीर रूप अनेंसेफाली का कोई इलाज नहीं है।

क्या न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट में गर्भपात का खतरा होता है?
ऐसा कोई भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है। हालांकि इस तरह के दोष के साथ बच्चे का जन्म सामान्य तरीके से होता है। केवल गंभीर परिस्थिति में बच्चे की मृत्यु जन्म के कुछ समय बाद ही हो जाती है। कई महिलाएं न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का पता लगते ही अपनी प्रेगनेंसी को टर्मिनेट करवा देती हैं।

न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से बचाव कैसे करें?
न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से बचने का सबसे आसान तरीका प्रेगनेंसी से पहले या प्रेगनेंसी के दौरान सही मात्रा में फोलिक एसिड का सेवन होता है। फोलिक एसिड से भरपूर आहार आपके प्रतिदिन के 500 MCG फोलिक एसिड की आवश्यकता को पूरा कर सकता है।
इसके अलावा सही समय पर आप अपने डॉक्टर से उचित सलाह लेकर भी इस समस्या से बच सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications