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एज चार्ट से जानें कौन सी उम्र में मां बनना होता है सबसे ज़्यादा रिस्की
औरतों के बीच अकसर यह मुद्दा उठता है कि आखिर गर्भधारण करने के लिए सही उम्र कौन सी होती है। कई बार ऐसे जवाब सामने आते हैं जिसे सुनकर कोई भी आश्चर्यचकित रह जाए। 20 की उम्र के आस पास की महिलाओं में गजब की ऊर्जा होती है साथ ही उनका शरीर भी काफी मज़बूत होता है।
30 की उम्र महिलाओं का करियर सुरक्षित रहता है। वहीं 40 की उम्र के आस पास की महिलाएं आत्मविश्वास से भरी होती हैं लेकिन उनके मन में पहली बार माँ बनने को लेकर कई सारी शंकाएं रहती है। हालांकि इन सभी उम्र में कोई न कोई कमी रह जाती है। यदि आप 40 साल के आस पास की हैं तो निराश होने की ज़रुरत नहीं है क्योंकि शोधकर्ताओं के अनुसार कुछ समस्याओं के बावजूद आप इस उम्र में भी माँ बनने का सुख प्राप्त कर सकती हैं।

कई बार 40 की उम्र की महिला के ऊर्जा का स्तर 20 साल की महिला से भी अच्छा होता है। ये सब आपकी जीवनशैली पर निर्भर करता है कि किस तरह आप खुद को मेन्टेन रखती हैं। आपकी अच्छी सेहत, ऊर्जा, व्यक्तित्व सारी परेशानियों को दूर कर सकता है जिससे आप हेल्दी प्रेगनेंसी का आनंद ले सकती हैं चाहे आपकी उम्र कितनी भी हो।
बढ़ती उम्र में माँ बनने से प्रेगनेंसी से जुड़े कुछ रिस्क होते हैं साथ ही अन्य सेहत से जुड़ी परेशानियां भी होती हैं जिससे आपको और होने वाले बच्चे को निपटना पड़ता है। क्योंकि उम्र के बढ़ने के साथ साथ आपके रिप्रोडक्टिव सिस्टम में भी बदलाव आते हैं, साथ ही स्वास्थ से जुड़ी परेशानियां भी।
उक्त रक्तचाप, 35 के बाद गर्भधारण करने में समस्या, 35 के बाद गर्भपात की ज़्यादा संभावना, मानसिक और व्यक्तिगत परेशानियां जुड़वा बच्चों का रिस्क जो खतरे को और बढ़ाता है, बच्चे के जन्म के समय होने वाली कुछ अन्य बड़ी समस्याएं आदि जैसी सेहत से जुड़ी परेशानियां आम होती हैं।
इस लेख में हम अलग अलग उम्र में गर्भधारण करने वाली महिलाओं द्वारा गर्भावस्था में अनुभव किये जाने वाली कमियों और जोखिमों के बारे में बात करेंगे।
1. जब आप 20 से 25 के बीच की उम्र की हों
2. जब आप 26 से 34 की उम्र की हों
3. जब आप 35 से 40 की उम्र की हों
4. 40 की उम्र के बाद प्रेगनेंसी
जब आप 20 से 25 के बीच की उम्र की हों
यही वह समय है जब आपकी प्रजनन क्षमता अधिकतम स्तर पर होती है। साथ ही इस उम्र में कुछ दिक्कतें भी आती है जैसे गर्भकालीन मधुमेह और हाइपरटेंशन। शोधकर्ताओं के अनुसार पहली प्रेगनेंसी में आपकी उम्र जितनी कम होगी आप में स्तन कैंसर होने का खतरा भी कम होगा।
ज़्यादा उम्र वाली महिला की तुलना में आपकी त्वचा भी ज़्यादा अच्छी होगी इसलिए आपको स्ट्रेच मार्क्स की समस्या भी ज़्यादा नहीं होगी। यदि थोड़े बहुत स्ट्रेच मार्क्स होंगे भी तो वह कुछ समय बाद अपने आप चले जाएंगे। अगर आप 20 की उम्र के आस पास माँ बनती हैं तो आपके शरीर की बनावट भी ख़राब नहीं होगी।
प्रेगनेंसी के बाद आप आसानी से अपने पुराने शेप में वापस आ सकती हैं। कम उम्र की महिलाओं में ऊर्जा का स्तर अधिक होता है। ऐसे में आप बड़े ही आराम से रात भर अपने बच्चे के लिए जाग सकती हैं इसलिए अगर आप पूरी तरह से अपने मातृत्व का आनंद उठाना चाहती हैं तो माँ बनने के लिए यह सबसे सही उम्र है।
आपका बच्चा: इस उम्र में माँ बनने से आपका बच्चा भी स्वस्थ रहेगा। ऐसे में इस बात का खतरा भी कम होता है कि आपका बच्चा किसी भी तरह के क्रोमोसोमल असामान्यताओं या डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हो।
इसके अलावा इस उम्र में गर्भपात की संभावना भी कम होती है जितनी कम आपकी उम्र होगी उतने ही ताज़े आपके अण्डाणु होंगे। यदि आप कम उम्र में माँ बनती हैं तो पहले तिमाही में गर्भपात की सम्भावना 12 प्रतिशत रहती है वहीं बढ़ती उम्र में यह 25 प्रतिशत हो जाती है।
जब आप 26 से 34 की उम्र की हों
जैसे ही आप 30 की उम्र के आस पास पहुंचती हैं आपकी प्रजनन शमता बिगड़ने लगती है। शोध के मुताबिक, 26 से 29 वर्ष की उम्र की महिलाओं में बांझपन दर 9% है जो 30-34 साल की आयु की महिलाओं के लिए 15% तक बढ़ जाती है।
हो सकता है माँ बनने में देर करने से आप अपने करियर में काफी आगे पहुंच जाएं लेकिन शायद आप अपनी सेहत का भरपूर ध्यान न रख पाएं। जैसे आपके खाने पीने की आदत में गड़बड़ी हो जाए जिसके कारण आप कई तरह के रोगों से ग्रसित हो सकती हैं।
आपके पास अभी भी बहुत ताकत हो सकती है, हालांकि, अध्ययनों के मुताबिक, सीज़ेरियन सेक्शन की दर 20 के आस पास की महिलाओं की तुलना में 30 से 34 साल की उम्र की महिलाओं में दोगुनी होती है।
आपका बच्चा: इस उम्र में माँ बनने से बच्चे को क्रोमोसोमल असामान्यताओं या डाउन सिंड्रोम होने खतरा बढ़ जाता है।
जब आप 35 से 40 की उम्र की हों
इस उम्र में आपको गर्भधारण करने में कई तरह की समस्याएं आती है। अचानक 38 की उम्र में आपकी प्रजनन क्षमता में गिरावट आने लगती है। हालांकि आज कल महिलाएं 35 की उम्र में बच्चे को जन्म दे रही हैं। इस उम्र में भी आपको गर्भकालीन मधुमेह और हाइपरटेंशन होने का खतरा होता है।
यदि आपका वज़न सामान्य से ज़्यादा है तो खतरा और भी बढ़ जाता है। अगर आप इस उम्र में माँ बनना चाहती हैं तो इसके लिए आपको अपने वज़न पर नियंत्रण रखना होगा। साथ ही बेहतर खान पान और व्यायाम भी ज़रूरी है।
आपका बच्चा: जितनी ज़्यादा आपकी उम्र होगी आपके बच्चे को क्रोमोसोमल असामान्यताओं या डाउन सिंड्रोम होने का खतरा भी उतना ही होगा। इसके अलावा गर्भपात की भी संभावना ज़्यादा होती है। 38 साल की उम्र में, हर 100 गर्भवती महिलाओं में से एक में क्रोमोसोमल असामान्यता देखी जा सकती है।
चाहे आप विभिन्न प्रकार के प्रजनन उपचार करें या नहीं, इस उम्र में आपके शरीर में होने वाले हार्मोनल परिवर्तन के कारण ओवुलेशन के समय एक से अधिक अंडे की सम्भावना बढ़ जाती है।
40 की उम्र के बाद प्रेगनेंसी
शोधकर्ताओं का कहना है कि लगभग 1/3 महिलाएं जो 40 वर्ष से अधिक उम्र की हैं, बांझपन का शिकार होती हैं। इस उम्र की महिलाओं में गर्भकालीन मधुमेह का खतरा 3 से 6 गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा आपका बढ़ा हुआ वज़न मेटाबोलिज्म को कम करता है जिससे गर्भावस्था के बाद ठीक करना मुश्किल हो जाता है।
ध्यान रहे कि प्रेगनेंसी के बाद भी आप लगातार व्यायाम करती रहें ताकि सेहत से जुड़ी जो भी परेशानियां हो उससे छुटकारा पाया जा सके।
आपका बच्चा: 40 की उम्र के बाद माँ बनने वाली महिलाओं में गर्भपात का खतरा 50 प्रतिशत बढ़ जाता है। इसके अलावा क्रोमोसोमल असामान्यताओं की भी सम्भावना दोगुनी हो जाती है।



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