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'उन दिनों' में भी ठहर सकता है गर्भ, पीरियड सेक्स के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
ज़्यादातर महिलाओं का मंथली साइकल 28 दिनों का होता है। इसमें ऑव्यूलेशन प्रक्रिया आपके 28 दिनों के मंथली साइकल के बीचों बीच 14वें दिन शुरू होती है। इसमें पहले दिन से ही 24 घंटे तक आपके अंडे जीवित रहते हैं। वहीं, स्पर्म 5 से 7 दिन तक जिंदा रह सकते हैं। इस प्रक्रिया के हिसाब से ऑव्यूलेशन प्रक्रिया सबसे ज़्यादा एक्टिव 13वें, 14वें, 15वें और 16वें दिन रहती है।
ज़्यादातर महिलाओं को लगता है कि पीरियड्स में सेक्स करना सबसे सेफ होता है। बिना प्रोटेक्शन यूज किए इस दौरान वो कभी भी प्रेग्नेंट नहीं हो सकती है। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल नहीं है सेक्स करने से प्रेग्नेंसी का खतरा हमेशा बना रहता है पीरियड्स में भी। गाइनोकॉलोजिस्ट्स की मानें तो पीरियड में 1 से 15 प्रतिशत तक प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है।

ये होती है प्रक्रिया
इस चीज को हम ऐसे समझ सकते है कि ओवरी से अंडा निकलने की प्रक्रिया को ऑव्यूलेशन कहा जाता है। फैलोपियन ट्यूब के जरिए अंडा यूट्रेस यानी कि गर्भाशय में पहुंचता है। फैलोपियन ट्यूब ही वह जगह है जहां स्पर्म के संपर्क में आकर अंडा फर्टीलाइज होता है। लेकिन अगर कंसेप्शन यानी कि गर्भ धारण नहीं होता है तो अंडा ब्लीडिंग के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है। जिसे हम पीरियड या मासिक धर्म कहते हैं।

छोटी साइकिल वाली महिलाएं रखें ध्यान
लेकिन कभी-कभी पीरियड्स का साइकल छोटा होता है। अगर यह गैप 22 दिन से कम है तो पीरियड्स के तुंरत बाद ऑव्यूलेशन होता है। यह गैप सिर्फ तीन-चार दिन का भी हो सकता है। इसका मतलब है कि अगर आपने बिना प्रोटेक्शन के पीरियड्स के आखिरी दिन या पांचवें दिन इंटरकोर्स किया और फिर ऑव्यूलेशन होता है तो स्पर्म से मिलकर अंडा फर्टलाइज़ हो जाएगा। जाहिर है कि छोटे पीरियड साइकल वाली महिलाओं में पीरियड्स के दौरान प्रेग्नेंसी का खतरा ज़्यादा होता है।

पीरियड में सेक्स करते हुए बरते सावधानी
वहीं, एक सर्वे के मुताबिक पीरियड्स के दौरान लड़के प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करने से बचते हैं। ऐसे में दोनों पार्टनर्स को कई तरह के इंफ्केशन जैसे STDs और हेपटाइटस ( hepatitis) जैसे यौन समस्याओं का खतरा बना रहता है। इसीलिए इस दौरान प्रेंग्नेंसी और इन इंक्फेशन्स से बचने के लिए हमेशा लेटैक्स कंडोम का इस्तेमाल करें। ताकि आपके ब्लड से एक प्रोटेक्टिव लेयर बनी रहे। साथ ही, इंटरकोर्स के बाद खुद को क्लीन भी करें।



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