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इस सिंड्रोम में पुरुष महसूस करते हैं प्रेगनेंसी के लक्षण, जानें क्या है ये बीमारी
कौवेड सिंड्रोम (Couvade Syndrome) एक ऐसी मनोवैज्ञानिक स्थिति है, जिसमें जब पुरुष पिता बनने वाले होते हैं तो वो मां के समान ही प्रेग्नेंसी के लक्षणों को अनुभव करने लगते है। ये बात सुनकर आपको थोड़ी अजीब लग रही होगी। लेकिन ये सच है। कुछ लोगों में पिता बनने की एंग्जायटी उन्हें इतना परेशान करती है कि वे ऐसे लक्षण अनुभव करने लगते हैं। हालांकि, इस सिंड्रोम पर अभी तक कोई ठोस शोध नहीं हुए हैं। लेकिन कुछ अध्ययनों के आधार पर इन लक्षणों को देख गया है। आइए जानते हैं इस सिंड्रोम के लक्षण।

पत्नी के साथ लगाव
जब एक पुरुष अपनी पत्नी के साथ बहुत ही जुड़ा होता है, तो गर्भावस्था के दौरान उसकी भागदारी बढ़ जाती है। वे मां के गर्भ में बढ़ते बच्चे के दिल की धड़कन को सुनकर खुश होता है। उन्हें बच्चे की हलचल महसूस होती है। वे बच्चे के जन्म की तैयारियों में भाग लेता है। अपनी पत्नी की बार-बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से जांच कराना। बच्चे के साथ ज्यादा लगाव दिखाना।

ईर्ष्या महसूस करना
गर्भ धारण करना अपने आप में एक बहुत ही खास अहसास होता है। ऐसे में कुछ पुरुषों में
गर्भधारण ना करने के कारण ईर्ष्या की भावना होने लगती है। उन्हें लगता है कि उसकी पत्नी मां बन सकती है, लेकिन वो क्यों नहीं बन सकता है। इस दौरान उनके मन में बहुत सारी ऐसी बातें दिमाग में आती है, जो व्यक्ति को रह-रह कर परेशान कर सकता है।

अपराधबोध महसूस करना
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। जिस वजह से पुरुष अक्सर तनाव में आ जाते हैं। गर्भवती साथी में हो रहे इन शारीरिक और मानसिक तनाव के वजह से खुद को जिम्मेदार मनाने लग जाते हैं। उनके मन में इस दौरान कई चीजों को लेकर प्रश्न उठ सकते हैं। साथी की परेशानी उन्हें काफी परेशान करती है।

हार्मोन के स्तर में परिवर्तन
कौवेड सिंड्रोम के कारण पुरुषों के हार्मोन में कुछ बदलाव होने लगते हैं। इस दौरान पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लेवल घटता-बढ़ता रह सकता है। इस वजह से पुरुषों में इस तरह के लक्षण महसूस होने लगते हैं।

कौवेड सिंड्रोम से निपटने का तरीका
मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, कौवेड-संबंधी लक्षण अधिक चिंता के कारण नजर आते हैं। क्योंकि डैड-टू-बी विशेष रूप से जो पहली बार पिता बनने वाले होते हैं, वे मॉम-टू-बी दोनों को समान तनावों का अनुभव करने लगते हैं। इसलिए उन्हें अपने अनुभवों को एक दूसरे के साथ शेयर करना चाहते हैं, ताकि चीजें आसान हो सकें।
अपनी पत्नी के साथ खुलकर बात करें। इस सिंड्रोम से निपटने के लिए वे आपकी मदद कर सकती हैं। यही बात महिलाओं पर भी लागू होती है। साथ ही सही खान-पान और संतुलित जीवन जीना भी पुरुषों को इस कौवेड सिंड्रोम से निपटने में मददगार साबित हो सकता है।



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