Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
प्रेगनेंसी में आलू चिप्स खाने की क्रेविंग हो सकती है खतरनाक, हो सकती है ये हाई रिस्क बीमारी
प्रेग्नेंसी के दौरान कई बातों का खास ख्याल रखने की जरूरत पड़ती है जैसे आप क्या खाते हैं, क्या पी रहे हैं, आपको कैसे सोना है, कौन सी चीज पढ़नी चाहिए। हर चीज का ख्याल या यूं कहें आपकी पूरी लाइफस्टाइल बदल जाती है।
जो महिलाएं ज्यादा आलू खाती हैं उन्हें गर्भावस्था के दौरान मधुमेह होने की आशंका बढ़ जाती है। एक अध्ययन से यह खुलासा हुआ है। शरीर में इंसुलिन नाम के हॉर्मोन के कम बनने से डायबिटीज होती है। इसमें सबसे आम है टाइप-2 डायबिटीज। उसके बाद है जेस्टेशनल डायबिटीज (गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज)। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होने वाली डायबिटीज के टाइप-2 डायबिटीज में बदलने का अंदेशा रहता है।

इंसुलिन हॉर्मोन की कमी
डायबिटिज मुख्य रूप से इंसुलिन नामक हॉर्मोन में कमी आने से होती है। डायबिटीज कई तरह की होती है, जिसमें सबसे आम है टाइप- 2 डायबिटिज। प्रेग्नेंसी के दौरान जो डायबिटिज होती है, उसे जेस्टेशनल डायबिटिज कहते हैं। यह डायबिटिज कुछ समय बाद टाइप 2 डायबिटीज में बदल जाती है।

इंसुलिन हॉर्मोन की कमी
डायबिटिज मुख्य रूप से इंसुलिन नामक हॉर्मोन में कमी आने से होती है। डायबिटीज कई तरह की होती है, जिसमें सबसे आम है टाइप- 2 डायबिटिज। प्रेग्नेंसी के दौरान जो डायबिटिज होती है, उसे जेस्टेशनल डायबिटिज कहते हैं। यह डायबिटिज कुछ समय बाद टाइप 2 डायबिटीज में बदल जाती है।

आलू से होता है डायबिटीज
शोध में कहा गया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को आलू के सेवन से बचना चाहिए। आलू की जगह दूसरी हरी सब्जियों का सेवन करना अधिक हेल्दी होता है। यह बच्चे के शारीरिक विकास के लिए भी जरूरी होता है। प्रेगनेंसी के दौरान अधिकतर महिलाओं को शुगर की समस्या हो जाती है। ऐसा खून में शुगर की मात्रा बढ़ने से होता है।

शोध के अनुसार
1991 से 2001 के दौरान हुए शोध में विशेषज्ञों ने लगभग 15000 महिलाओं को शामिल किया था। इन महिलाओं को शुरुआत में डायबिटिज की समस्या नहीं थी, लेकिन जब उन्होंने प्रेग्नेंसी में आलू का सेवन शुरू किया तो उनके शरीर में शुगर की मात्रा तेजी से बढ़ने लगी। कई अन्य शोध भी यह साबित करते हैं कि प्रेग्नेंसी में आलू आपके लिए किस कदर हानिकारक हो सकता है। ऐसे में इसके सेवन से बचना ही आप दोनों के लिए हेल्दी होगा।



Click it and Unblock the Notifications