दिव्यांका त्रिपाठी प्रेग्नेंसी में खा रहीं चिरौंजी; क्या वाकई इससे मजबूत होती हैं बच्चे की हड्डियां?

Chironji Benefits in Pregnancy: प्रेग्नेंसी के दौरान खान-पान को लेकर अक्सर सेलिब्रिटीज के सुझाव सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी के डाइट में चिरौंजी (Chironji/Charoli) को शामिल करने की खबर ने होने वाली माओं के बीच एक नई चर्चा छेड़ दी है। दरअसल, खुद दिव्यांका त्रिपाठी ने इस बारे में अपने ब्लॉग में बताया कि वो चिरौंजी खा रही हैं जिसके बारे में उनकी मां ने उन्हें बताया था। दिव्यांका ने बताया कि चिरौंजी खाने से पेट में पल रहे बच्चों को पोषण मिलता है और उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं। तभी से मां बनने वाली माताओं के बीच में चिरौंजी चर्चा का विषय बन गई है। लेकिन जब बात एक नन्हीं जान की सेहत की हो, तो किसी भी सलाह को अपनाने से पहले उसकी वैज्ञानिक हकीकत को समझना जरूरी है। क्या यह छोटा सा बीज वास्तव में एक सुपरफूड की तरह काम करता है या यह सिर्फ एक खानदानी नुस्खा है? आइए गहराई से जानते हैं दिव्यांका त्रिपाठी के इस वायरल डाइट प्लान के पीछे का सच और विशेषज्ञों की राय।

चिरौंजी में क्या है खास?

छोटी सी दिखने वाली चिरौंजी, जिसे अक्सर हम केवल मिठाइयों की सजावट के लिए इस्तेमाल करते हैं, पोषक तत्वों का एक पावरहाउस है। इसमें प्रोटीन, विटामिन C, विटामिन B1, B2 और आयरन की भरपूर मात्रा होती है। लेकिन हड्डियों की मजबूती के लिए सबसे महत्वपूर्ण दो तत्व कैल्शियम और फास्फोरस-भी इसमें पाए जाते हैं। बता दें कि फास्फोरस और कैल्शियम का तालमेल गर्भ में शिशु की हड्डियों के विकास में सहायक हो सकता है। साथ ही इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स गर्भवती महिला को दिन भर ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करते हैं।

क्या वाकई प्रेग्रेंसी में चिरौंजी खाने से मजबूत होती हैं बच्चे की हड्डियां?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह कहना कि सिर्फ चिरौंजी खाने से हड्डियां मजबूत होंगी पूरी तरह सही नहीं है। बच्चे की हड्डियों के विकास के लिए मां के शरीर में कैल्शियम, विटामिन D और मैग्नीशियम का सही संतुलन होना चाहिए। चिरौंजी इस प्रक्रिया में एक सप्लीमेंट्री की भूमिका तो निभा सकती है, लेकिन यह मुख्य आहार का विकल्प नहीं है। दिव्यांका त्रिपाठी संभवत इसे संतुलित डाइट के एक हिस्से के रूप में ले रही हैं लेकिन इसके साथ ही वो अपनी डाइट में अन्य पोषक तत्वों को भी शामिल कर रही हैं।

प्रेग्नेंसी में चिरौंजी खाने के अन्य फायदे

पाचन में सुधार: प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली कब्ज की समस्या में चिरौंजी का तेल या बीज फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स माँ और बच्चे दोनों को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।

त्वचा में निखार: विटामिन ई और सी होने के कारण यह प्रेग्नेंसी ग्लो को बरकरार रखने में भी मदद करती है।

गर्भावस्था के दौरान चिरौंजी खाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

तासीर: चिरौंजी की तासीर गर्म मानी जाती है। इसलिए, खासकर शुरुआती महीनों (First Trimester) में इसका अधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है।

एलर्जी: कुछ महिलाओं को नट्स या बीजों से एलर्जी हो सकती है, इसलिए शुरू करने से पहले पैच टेस्ट या डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।

Desktop Bottom Promotion