Latest Updates
-
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब
Know Your Parenting Style: किस तरह के पैरेंट हैं आप- गार्डनर या कारपेंटर? जानिये अपनी पैरेंटिंग स्टाइल
Know Your Parenting Style: बच्चों की परवरिश करना आसान काम नहीं। बहुत बड़ी जिम्मेदारी के साथ उनकी देखरेख करनी होती है। साथ ही उन्हें उनके उज्जवल और सफल भविष्य के लिए भी तैयार करना होता है।
बच्चों की परवरिश कैसे करनी है इसकी कोई स्पेशल ट्रेनिंग तो नहीं होती, अलबत्ता आसपास देखकर, महसूस कर और अपने से बड़ों को उनका पेरेंटिंग स्टाइल देखकर ही सिखा जा सकता है।

लेकिन तब क्या करें जब आपका पेरेंटिंग स्टाइल काम ना आ रहा हो? या फिर आपको खुद पर शक हो कि कहीं आपकी पैरेंटिंग स्टाइल सही रिजल्ट ना निकाले तो? इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं पैरेंटिंग के दो स्टाइल जिसे जानकर आप खुद का आंकलन कर सकते हैं और अपने पैरेंटिंग स्टाइल को इम्प्रूव कर सकते हैं।
बच्चों को दो तरह से पैरेंटिंग करते हैं। ये दो स्टाइल बहुत मशहूर भी हैं। एक है कारपेंटर स्टाइल और दूसरा है गार्डनर स्टाइल। इन दोनों स्टाइल की अपनी अपनी खूबियां हैं इसलिए दोनों को जान लीजिये और देखें कि आपके लिए कौन सा कारगर होगा।
कारपेंटर स्टाइल पैरेंटिंग
इस स्टाइल की पैरेंटिंग में प्लानिंग का बहुत महत्व है। जैसे एक कारपेंटर कुछ बनाने से पहले लकड़ी की गुणवत्ता को परखता है फिर जो भी चीज बनानी है उसकी सही माप और रचना को दिमाग में रखते हुए लकड़ी को काटता, छेदता और क्लीन करता है। फिर ठोक बजाकर लकड़ी को वैसा शेप देता है ताकि जो रिजल्ट निकले वो वही उत्पाद हो जैसा सोचा गया था। ठीक इसी तरह एक ख़ास रिजल्ट ओरिएंटेड प्लानिंग की जाती है ताकि बच्चों का सर्वांगीं विकास हो, वो समय बर्बाद ना करें और समय समय पर उसके आउटकम की परख की जाती है। इस पैरेंटिंग स्टाइल में नियम कायदे थोड़े कड़े होते हैं और समय का प्रबंधन सही तरीके से किया जाता है। कुल मिलाकर कहें तो यह गोल ओरिएंटेड पैरेंटिंग स्टाइल है।
गार्डनर स्टाइल पैरेंटिंग
जैसे एक माली अपने बगीचे की देखभाल करता है वैसे ही एक पैरेंट अपने बच्चों की देखभाल करता है। यह गोल ओरिएंटेड नहीं बल्कि भावनात्मक लगाव द्वारा बच्चों के अन्दर के नैसर्गिक क्षमता को निखारने पर जोर देता है। सबसे पहले तो बच्चों का सही तरीके से ओब्सेर्वेशन किया जाता है कि बच्चा किस नेचर का है। उसमें कैसे काम करने के प्रति लगाव है और फिर उसके हिसाब से उसे पोषण दिया जाता है यानी कि देखभाल की जाती है। जैसे एक पौधा सही वातारवरण में ही सही तरीके से ग्रो करता है वैसे ही बच्चों को ग्रो करने के लिए वैसा माहौल दिया जाता है। इसमें पैरेंट फ्लेक्सिबल होते हैं ज्यादा नियम कायदे नहीं लागू करते बल्कि रचनात्मक तरीके से बच्चों में कुछ करने के प्रति जिज्ञासा और दिलचस्पी जागृत करते हैं।
इन दोनों स्टाइल में से देखिये आप कौन सी स्टाइल वाले पैरेंट हैं। अगर आपने अपनी कोई पैरेंटिंग स्टाइल अभी तक नहीं बनायी है तो टाइम है की अब बना डालिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
