Women's Day 2025: PCOS से पीड़ित महिलाएं हो सकती हैं प्रेग्नेंट? जानें गायनेकोलॉजिस्ट की राय

पीसीओएस (PCOS) एक सामान्य हार्मोनल समस्या है, जो महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, असामान्य बाल वृद्धि और प्रजनन संबंधी कठिनाइयों का कारण बन सकती है। हालांकि, सही जीवनशैली और उपचार से PCOS से पीड़ित महिलाएं भी गर्भधारण कर सकती हैं। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और दीवा हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर की डॉक्‍टर श‍िखा गुप्‍ता के अनुसार, स्वस्थ प्रेग्नेंसी के लिए वजन प्रबंधन, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही दवाओं का सेवन आवश्यक है।

महिलाओं को चीनी और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए, साथ ही लाइफस्‍टाइल बदलाव करके मह‍िलाएं नेचुरली गर्भधारण कर पाती है। विशेषज्ञ की निगरानी में सही ट्रीटमेंट और गाइडेंस के जर‍िए PCOS से पीड़ित महिलाएं भी स्वस्थ गर्भावस्था का अनुभव कर सकती हैं। आइए एक्‍सपर्ट से जानते हैं क‍ि कैसे PCOS गर्भधारण करने में कैसे अड़चन पैदा करता है और कैसे इसे मैनेज करें?

How to get pregnant with PCOS quickly

पीसीओएस क्‍या है?

पीसीओएस (Polycystic Ovary Syndrome) एक हार्मोनल समस्या है, जिसमें महिला के शरीर में एंड्रोजेंस नामक पुरुष हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इससे हार्मोनल असंतुलन, अनियमित पीरियड्स, ओवेरियन सिस्ट और गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है। इसे Stein-Leventhal Syndrome भी कहा जाता है।

यह हर 10 में से 1 महिला को प्रभावित करता है, लेकिन आमतौर पर तब पता चलता है जब गर्भधारण में समस्या आती है। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और चिकित्सकीय परामर्श से पीसीओएस के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ सकती है।

क्‍या PCOS से पीड़ित महिलाएं मां बन सकती हैं?

हां, PCOS से पीड़ित महिलाएं मां बन सकती हैं। यह समस्या अंडाणु बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, जिससे ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है। लेकिन सही इलाज, जीवनशैली में बदलाव और संतुलित आहार से गर्भधारण संभव है। कई महिलाएं दवाओं, हार्मोनल थेरेपी या फर्टिलिटी ट्रीटमेंट से सफलता प्राप्त करती हैं। नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह से PCOS के असर को कम किया जा सकता है। सही मार्गदर्शन से मां बनना पूरी तरह संभव है।

PCOS के लक्षण

PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के लक्षण महिलाओं में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन इसके कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

अनियमित पीरियड्स - मासिक धर्म देर से आना या महीनों तक न आना।
ओवुलेशन की समस्या - अनियमित या न के बराबर ओव्यूलेशन, जिससे गर्भधारण में कठिनाई होती है।
अधिक चेहरे और शरीर पर बाल - हिर्सुटिज़्म (चेहरे, छाती, पीठ या पेट पर अतिरिक्त बाल)।
मुंहासे और तैलीय त्वचा - हार्मोनल असंतुलन के कारण ज्यादा पिंपल्स होना।
वजन बढ़ना - खासकर पेट के आसपास वजन बढ़ना और इसे कम करने में कठिनाई।
बालों का झड़ना - सिर के बाल पतले होना या झड़ना (मेल पैटर्न हेयर लॉस)।
इंसुलिन रेजिस्टेंस - ब्लड शुगर का असंतुलन, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
डिप्रेशन और मूड स्विंग्स - हार्मोनल असंतुलन के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर असर।
अगर इनमें से कोई भी लक्षण हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बढ़ती उम्र में PCOS की वजह से रहता है खतरा

मेनोपॉज के दौरान और बढ़ती उम्र में PCOS कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकता है। हालांकि ओवुलेशन बंद हो जाता है, लेकिन हार्मोनल असंतुलन बना रहता है, जिससे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

- PCOS से पीड़ित महिलाओं का मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है।
पेट के आसपास चर्बी बढ़ने से डायबिटीज और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
- एस्ट्रोजन हार्मोन में कमी और वजन बढ़ने से हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
- PCOS में हार्मोनल असंतुलन के कारण ओवुलेशन अनियमित हो जाता है, जिससे ओवरी में सिस्ट बनने का खतरा रहता है।
- एस्ट्रोजन हार्मोन अधिक बनने और प्रोजेस्टेरोन कम होने की वजह से एंडोमेट्रियल कैंसर (गर्भाशय की परत का कैंसर) का खतरा भी रहता है।

PCOS को ठीक करने के ल‍िए क्‍या करें?

PCOS से पीड़ित महिलाएं सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव करके आसानी से कंसीव कर सकती हैं। इसके लिए कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए:

1. हेल्दी डाइट अपनाएं
साबुत अनाज, हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन युक्त भोजन और हेल्दी फैट लें। चीनी, रिफाइंड कार्ब्स और जंक फूड से बचें।

2. वजन कम करें
PCOS को कंट्रोल रखने के ल‍िए सबसे ज्‍यादा जरूरी है क‍ि वजन नियंत्रित रखें, क्योंकि अधिक वजन ओवुलेशन में बाधा डाल सकता है।

3. नियमित व्यायाम करें
योग, वॉकिंग, स्विमिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। मेडिटेशन और योग करें, पर्याप्त नींद लें। स्ट्रेस हार्मोनल असंतुलन बढ़ा सकता है, जिससे कंसीव करने में दिक्कत होती है।

4. तनाव कम करें
स्ट्रेस हार्मोनल असंतुलन बढ़ा सकता है, जिससे कंसीव करने में दिक्कत होती है। इसल‍िए स्‍ट्रेस फ्री लाइफ जीने की कोश‍िश करें।

5. रेगुलर मेडिकल चेकअप कराएं
फर्टिलिटी एक्सपर्ट से परामर्श लें और PCOS मैनेज करने के लिए सही ट्रीटमेंट अपनाएं। इन उपायों से ओवुलेशन बेहतर होगा और कंसीव करने की संभावना बढ़ेगी।

दवाईयों से PCOS ठीक न हो तो कंसीव होने के ल‍िए क्‍या करें?

डॉक्‍टर बताती हैं क‍ि अगर दवाइयों से PCOS ठीक नहीं हो रहा है, तो कंसीव करने के लिए फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स जैसे आईवीएफ (IVF) या आईयूआई (IUI) मददगार हो सकते हैं। ज‍िसमें अगर एग क्‍वॉल‍िटी बेहतर है, तो इन ट्रीटमेंट से 80 प्रतिशत कंसीव होने की संभावना बढ़ जाती है।

इसके अलावा, हार्मोनल थेरपी और लाइफस्टाइल बदलाव (स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रित करना) से ओवुलेशन में सुधार हो सकता है। डॉक्टर से सलाह लेकर उचित उपचार और तकनीकों का चयन करें, ताकि कंसीव करने की संभावना बढ़ सके।

Story first published: Sunday, February 16, 2025, 19:57 [IST]
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