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World Breastfeeding Week 2024: 1 अगस्त से पूरे हफ्ते मनाया जाएगा विश्व स्तनपान सप्ताह, जानें थीम, इतिहास
World Breastfeeding Week 2024: अगस्त महीने का पहला हफ्ता दुनियाभर में हर साल 'वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक' या 'विश्व स्तनपान सप्ताह' के तौर पर मनाया जाता है। इसे 1 अगस्त से 7 अगस्त तक सेलिब्रेट किया जाता है। इस सप्ताह को मनाने का उद्देश्य, स्तनपान के फायदों और इसकी जरूरत के बारे में लोगों को जागरुक करना है।
साथ ही, ब्रेस्टफीडिंग को नॉर्मल और सहज बनाना भी इस हफ्ते का मकसद होता है। इस साल इसका थीम क्या है, इसका इतिहास और महत्व क्या है, चलिए इस बारे में आपको बताते हैं।

इस साल की थीम
हर साल विश्व स्तनपान सप्ताह को अलग-अलग थीम के तहत मनाया जाता है। यह थीम, वर्ल्ड अलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन (डब्ल्यूएबीए) चुनती है। इस साल, इस हफ्ते का थीम, 'क्लोजिंग द गैप- ब्रेस्टफीडिंग सपोर्ट फॉर ऑल' है। मतलब ब्रेस्टफीडिंग को सभी मां के लिए आसान बनाना, इस साल का उद्देश्य है। इस थीम में ब्रेस्फीडिंग जर्नी सभी मां के लिए अलग-अलग चैलेंजेस से भरी हुई हो सकती है और कैसे परिवार, समाज और हेल्थकेयर प्रोफेशनल नई मां को सपोर्ट करके इस सफरको आसान बना सकता है। इस बात पर यह थीम क्रेन्द्रित रहेगी।
वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक का इतिहास
ब्रेस्टफीडिंग को बढ़ावा देने के लिए 1991 में वर्ल्ड अलायंस फॉर ब्रेस्टफीडिंग एक्शन का गठन हुआ था। शुरुआत में इस दिन को एक दिन मनाया जाता था। लेकिन, बाद में इसके महत्व को देखते हुए इसे एक खास सप्ताह के तौर पर मनाया जाने लगा। 1992 में सबसे पहले वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक मनाया गया था।
ब्रेस्टफीडिंग कराने के महत्व
WHO का कहना है कि बच्चे के जन्म के एक घंटे बाद ही उसे स्तनपान करवाना शुरू कर देना चाहिए और शिशु को अगले 6 महीनों तक मां का दूध ही पीना चाहिए। जो बच्चे मां के दूध का 6 महीने तक सेवन करते हैं, उन्हें डायबिटीज और मोटापे की संभावना कम होती है और उनका आईक्यू लेवल भी बहुत अच्छा होता है। इसके अलावा ये भी फायदे हैं।
- नई मां के लिए भी बच्चे को ब्रेस्टफीड करना बहुत जरूरी है।
- बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बच्चे को मां का दूध पिलाना आवश्यक होता है।
- ब्रेस्टफीडिंग से पोस्टपार्टम रिकवरी में मदद मिलती हैं।
- मां का दूध नवजात बच्चे के लिए पूरा आहार होता है।
- ब्रेस्टफीडिंग कराने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा टलता हैं।
- ब्रेस्टफीडिंग कराने से महिलाओं का प्रेग्नेंसी फैट जल्दी कम होता है।



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