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Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद
उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों का स्वाद अब आपके किचन तक पहुंच गया है। अगर आप कुछ बेहद सेहतमंद और टेस्टी ढूंढ रहे हैं, तो 'काफुली' से बेहतर कुछ नहीं। यह डिश न केवल पौष्टिक है, बल्कि इसे बनाना भी बहुत आसान है। पहाड़ों में इसे बड़े चाव से खाया जाता है।
अक्सर लोग हरी सब्जियों को बोरिंग मानकर खाने से कतराते हैं। लेकिन इस पारंपरिक Kafuli Recipe को चखने के बाद आपकी यह शिकायत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। इसमें पालक और मेथी का ऐसा अनोखा मेल है, जो स्वाद और सेहत दोनों का परफेक्ट बैलेंस बनाता है।

पौष्टिक और स्वादिष्ट काफुली बनाने के लिए जरूरी सामग्री
पहाड़ी स्वाद वाली काफुली तैयार करने के लिए आपको कुछ बेसिक चीजों की जरूरत होगी। यह सामग्री आसानी से आपकी रसोई में मिल जाएगी।
- पालक: 2 बड़े बंच (बारीक कटा हुआ)
- मेथी के पत्ते: 1 कप (बारीक कटे हुए)
- चावल का आटा: 2-3 बड़े चम्मच (घोल बनाने के लिए)
- हरी मिर्च: 3-4 (बीच से चीरा लगा हुआ)
- लहसुन: 6-7 कलियां (बारीक कटी हुई)
- अदरक: 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
- जखिया या जीरा: 1 छोटा चम्मच (तड़के के लिए)
- हींग: एक चुटकी
- हल्दी पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- नमक: स्वादानुसार
- सरसों का तेल: 2 बड़े चम्मच
- पानी: जरूरत के अनुसार
Veg काफुली बनाने की आसान और पारंपरिक विधि
सबसे पहले पालक और मेथी के पत्तों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। अब इन्हें बारीक काट लें ताकि पकने में आसानी हो। एक भारी तले वाली कड़ाही में थोड़ा पानी गर्म करें। इसमें कटा हुआ पालक, मेथी और हरी मिर्च डालकर नरम होने तक उबालें।
जब सब्जियां अच्छी तरह उबल जाएं, तो इन्हें हल्का ठंडा होने दें। अब उबली हुई सब्जियों को मिक्सी में दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि इसे बिल्कुल बारीक पेस्ट न बनाएं। दरदरा टेक्सचर ही काफुली को असली पहाड़ी स्वाद देता है। अब इसे एक तरफ रख दें।
एक छोटी कटोरी में चावल का आटा लें और थोड़ा पानी मिलाएं। इसका एक पतला और चिकना घोल तैयार कर लें। इसे 'बिसवार' कहा जाता है, जो काफुली को गाढ़ा बनाता है। अब कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। तेल से धुआं निकलने पर इसमें जखिया या जीरा डालें।
अब इसमें हींग, कटा हुआ लहसुन और अदरक डालकर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद तैयार किया हुआ पालक-मेथी का मिश्रण कड़ाही में डाल दें। इसमें हल्दी और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब इसमें चावल के आटे का घोल धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें।
मिश्रण को धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक पकने दें। अगर यह ज्यादा गाढ़ा लगे, तो थोड़ा गर्म पानी मिला सकते हैं। जब काफुली से अच्छी खुशबू आने लगे और यह गाढ़ी हो जाए, तो गैस बंद कर दें। आपकी गरमा-गरम पहाड़ी काफुली तैयार है।
अंत में
काफुली को गरमा-गरम चावल के साथ परोसना सबसे अच्छा रहता है। इसके ऊपर थोड़ा सा देसी घी डालना न भूलें, यह स्वाद को दोगुना कर देता है। इस पारंपरिक रेसिपी को आज ही ट्राई करें और पहाड़ों के असली जायके का आनंद लें।
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