लड़कियों की 20 आदतें जो लड़को की कभी समझ नहीं आती

By Super

महिलाओं का ऐसा मानना है कि वह हर काम को बेहद योजनाबद्ध तरीके से करती है लेकिन सच्‍चाई यह है कि वे ऐसा कुछ नहीं करती। हर चीज संगठित, व्‍यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से की जानी चाहिए। लेकिन महिलाओं के कुछ अनोखे शौक ही व्‍यवस्‍थित ढंग से संवारे जाते है। समय बढ़ने के साथ, महिलाओं को कई शौक लगते रहते है और वह उन्‍हे पूरा करने के लिए कई प्रयास करती है।

पुरुषों और महिलाओं कि बहंस कभी खतम नहीं हो सकती। दोनों ही अपने आपको उच्‍च श्रेणी का दिखाने की कोशिश करते रहते हैं लेकिन असर जिंदगी में दोनों में से कोई परफेक्‍ट नहीं होता। दोनों की ही कुछ ऐसी आदते हैं होती हैं जों एक दूसरे को पसंद नहीं आती। तो अगर आप सोंचती हैं कि आप बहतु परफेक्‍ट है, तो एक झलक नीचे डाल लीजिये और जानिये कि पुरूषों की आपकी कौन सी आदत पसंद नहीं आती।

1) लेडीज रूम में झुंड में ही क्‍यूं जाती हैं

1) लेडीज रूम में झुंड में ही क्‍यूं जाती हैं

सच में, ऐसा क्‍या है कि सभी महिलाएं या लड़कियां हमेशा एक साथ ही झुंड में लेडीज रूम में जाती है। सारे के सारे लोग आराम से बैठे है कि अचानक से सभी महिलाएं वॉश रूप एक साथ जाने के लिए उठ जाती है। मम्‍मी के ज़माने से इस बात को समझने की कोशिश की जा रही है लेकिन आज भी यह रहस्‍य बना हुआ है कि सारी औरतें हमेशा एक साथ ही वॉश रूम क्‍यूं जाती है।

2) बार - बार पाउडर का थपका मारना और लिपस्टिक का टच देना

2) बार - बार पाउडर का थपका मारना और लिपस्टिक का टच देना

अधिकाश: औरतें अपने पर्स में मिनी मेकअप बॉक्‍स लेकर चलती है। जब वह पार्टी में जाती है तो जाने से पहले दस बार पाउडर को लगाया जाएगा, फिर झाड़ा जाएगा, फिर लगाया जाएगा। फिर कार में बैठने के बाद दुबारा टच दिया जाएगा, पार्टी में घुसने से पहले और गाड़ी में उतरने से पहले एक बार फिर से पाउडर और लिपस्टिक का टच दिया जाता है। इन पूरी प्रक्रिया में आदमी परेशान हो जाता है कि आखिर ये चल क्‍या रहा है।

3) खिलखिलाना

3) खिलखिलाना

सभी औरतें खिलखिलाती है। वास्‍तव में, महिलाओं को खिलखिलाना बेहद पसंद होता है। महिलाएं कई तरीके से खिलखिलाती हैं, कोई नर्वस होने पर खिलखिलाता है, कोई उत्‍साहित होने पर और कोई बात को छुपाने के लिए खिलखिलाता है। महिलाएं छोटी से छोटी बात पर भी खिलखिला सकती हैं। और आदमियों को कभी भी उनके खिलखिलाने की वजह समझ में नहीं आती है।

4) क्‍या मैं मोटी लग रही हूं।

4) क्‍या मैं मोटी लग रही हूं।

बहुत कॉमन बात है कि हर महिला ये बेतुका सवाल जरूर पूछती है कि क्‍या वो मोटी लग रही है। हर फीमेल अपने वजन और लुक को लेकर बहुत सचेत होती हैं और इसीकारण बार - बार वह एक ही सवाल पूछती रहती है। इसलिए अगर अगली बार आपसे कोई महिला यह सवाल पूछती है तो बिना झल्‍लाएं उन्‍हे वहीं जबाव दें, जो वह सुनना चाहती है।

5) फेसपैक

5) फेसपैक

हां, पुरूष जानते है कि महिलाओं की दमकती त्‍वचा का राज फेसपैक होता है लेकिन आज तक आपने कोई भी ऐसा पुरूष नहीं देखा होगा जो त्‍वचा को दमकदार बनाने के लिए फेसपैक लगाता हो, फिर महिलाएं ही फेसपैक ही दीवानी क्‍यों होती है।

6) पांच जोड़ी ड्रेस बदलती है, फिर जाकर नई ड्रेस खरीदती हैं

6) पांच जोड़ी ड्रेस बदलती है, फिर जाकर नई ड्रेस खरीदती हैं

सभी महिलाएं ये काम करती हैं। अगर उन्‍हे किसी पार्टी या फंक्‍शन में जाना होता है तो पहले वह अपने वार्डरोब को देखती है, उसके बाद उसमें से कुछ ड्रेस निकालकर पहनती है और पूछती है और अचानक उनका मूड बदल जाता है, फिर आनन - फानन में नई ड्रेस खरीदती है और फिर उसकी मैचिंग का सारा सामान। दूसरा वो कहीं भी जाएं, उन्‍हे अपने पास कपड़ो की कमी हमेशा लगती है।

एक पुरूष, दो ट्राउजर और दो शर्ट में पूरा सप्‍ताह निकाल सकता है लेकिन महिलाओं के साथ ऐसा नहीं है, वह कपडों की खरीद में बचत में विश्‍वास नहीं रखती है।

7) क्‍लचस्‍स

7) क्‍लचस्‍स

महिलाएं जो क्‍लचस्‍स लेकर चलती है उनमें सिर्फ एक चाभी और एक लिपिस्‍टक रखने भर की जगह ही होती है, बाकी का सारा सामान जैसे - कंघा, फोन, टिशु, पाउडर आदि पति की गाड़ी में या उसकी पॉकेट में रखा जाता है। अक्‍सर पुरूषों को समझ में नहीं आता कि जब पर्स लेना ही है तो बड़ा लो या फिर उसे लेकर ही मत चलो।

8) बड़ा सा पर्स

8) बड़ा सा पर्स

हर महिला को साथ में एक पर्स रखने की आवश्‍यकता होती है लेकिन एक बड़ा सा पर्स रखने की जरूरत है। पुरूषों को कभी नहीं समझ में आता है कि महिलाओं के बड़े से पर्स में क्‍या सामान होता है। उस पर्स को देखकर ऐसा लगता है जैसे वह उसमें ताजमहल को घुसाकर रखने वाली हों।

9) पैर/नाखून लोशन

9) पैर/नाखून लोशन

चेहरे की क्रीम, बालों की क्रीम या बॉडी पर लगाने वाली क्रीम की बात अलग होती है लेकिन पैरों या नाखूनों पर भी क्रीम का लगाने का शौक या जरूरत पुरूषों को कभी पल्‍ले नहीं पड़ती। पुरूषों का मानना है कि पैर और नाखून भी तो बॉडी का ही हिस्‍सा होते है, ऐसे में उनके लिए अलग से क्रीम लेना जरूरी है क्‍या।

10) रिबन

10) रिबन

औरतों को रिबन से बहुत प्‍यार होता है। वे अपने बालों को अच्‍छे से सवांर कर उनमें तरह - तरह के मैंचिग के रिबन लगाती है। रिबन से वह हैट को डेकोरेट करती है और ड्रेस को भी सजाती हैं। रिबन महिलाओं के कलेक्‍शन का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा होते है। लेकिन पुरूषों को समझ नहीं आता कि आखिर रिबन की जरूरत क्‍या है।

11) ग्रीटिंग कार्ड्स

11) ग्रीटिंग कार्ड्स

महिलाओं को ग्रीटिंग कार्ड का बहुत क्रेज होता है। उन्‍हे हर अवसर पर कार्ड देने और लेने का शौक होता है, फिर चाहें वह ई - कार्ड हो या मैसेज कार्ड। कार्ड में लिखे मैसेज भी उनके लिए काफी महत्‍व रखते है। पुरूषों के पल्‍ले ही नहीं पड़ता कि आखिर जो बात सामने बोली जा सकती है उसे कार्ड में लिखकर देने से क्‍या फायदा। महिलाओं को बर्थडे, एनीवर्सरी, और अन्‍य अवसरों पर विभिन्‍न कार्ड भेजने का शौक भी होता है।

12) सफाई और व्‍यवस्‍था करना

12) सफाई और व्‍यवस्‍था करना

कई महिलाएं घर में सफाई और व्‍यवस्‍था शौकिया तौर पर रखती है। पोछा लगा दिया और अगर कोई उस पर चल दिया तो उसकी शामत है। अगर घर में कोई काम नहीं मिलेगा तो वह सफाई करेगी लेकिन उन्‍हे कुछ न कुछ खुराफात करनी है। पर्दे मैचिंग के होगे तो कुशन नहीं, फिर कुशन मैचिंग के लाएगी, कालीन सही से डलवाएगी ... और न जाने क्‍या - क्‍या। आदमी अक्‍सर समझने की कोशिश करते है कि क्‍या वह इसी महिला से शादी के पहले मिले थे जो आज की डेट में सफाई को लेकर उनकी क्‍लास लगा देती है।

13) क्रॉकरी और कटलरी से प्‍यार

13) क्रॉकरी और कटलरी से प्‍यार

औरतों को क्रॉकरी और कटलरी दोनों ही बहुत पसंद होते है। किचेन में कई तरीके के कांटे और चम्‍मचें होनी चाहिए जैसे - फ्रूट फॉर्क, डेजर्ट स्‍पून, सैलेड वाउल, सर्विग डिश आदि। कसम से.... इतना ज्‍यादा अरेंजमेंट किचेन में करना सिर्फ और सिर्फ उन्‍ही के बस की बात हो सकती है। क्‍या क्रॉकरी से भूख मिटती है।

14) कपड़ों को बदलना

14) कपड़ों को बदलना

महिलाओं को दिन में कई बार ड्रेस बदलना बहुत पसंद होता है। उन्‍हे दिन में 10 बार कपड़े बदलने में कोई थकान नहीं होती है। उनकी इस आदत को उनका बजट और जगह की कमी ही सुधार सकती है वरना हर महिला को कपड़े बदलने में मजा आता है।

15) हां का मतलब न और न का मतलब हां

15) हां का मतलब न और न का मतलब हां

महिलाएं जो कहें वह हमेशा उसका उल्‍टा चाहती है। अगर आप उनसे पूछे कि आप उन्‍हे घर पर अकेला छोड़कर पार्टी में चले जाएं तो वह हां कर देगी लेकिन मन ही मन में चाहेगी कि आप उन्‍हे साथ में ले जाएं। महिलाएं अगर किसी काम को लेकर आपको हां कहे तो थोड़ा सचेत होने की आवश्‍यकता है।

16) पीठ पीछे बुराई करना

16) पीठ पीछे बुराई करना

महिलाएं जब मिले तो ऐसा लगता है कि उनसे ज्‍यादा एक दूसरे को प्‍यार करने वाला कोई है ही नहीं। लेकिन वास्‍तव में उन दोनों के पास ही एक दूसरे की चुगली करने का भंडार भरा होता है। महिलाएं सामने की बजाय पीठ पीछे बुराई करने में ज्‍यादा विश्‍वास करती है। महिलाओं की नफरत करने की ये आदत आदमियों को कभी समझ नहीं आती।

17) ट्रिकी सवाल करना

17) ट्रिकी सवाल करना

महिलाएं ट्रिकी सवाल पूछने में उस्‍ताद होती है, घुमाफिरा कर पूछेगी और आप मात खा जाएंगे। वो पूछेगी, तुम्‍हारी पुरानी गर्लफ्रैंड ज्‍यादा हॉट थी या यह लड़की जिसे अब तुम घूर रहे हो, अब आपको समझ में नहीं आएगा कि क्‍या करूं, क्‍या जबाव दूं। महिलाएं घेरकर सवाल पूछती है ताकि आप बच न पाएं। ट्रिकी सवाल करने का आदत उनमें बचपन से ही होती है।

18) शॉंपिंग

18) शॉंपिंग

सदियों से यह सवाल चला आ रहा है कि आखिर औरतों को शापिंग क्‍यों पसंद होती है। कोई महिला कितनी भी नाराज हो, खफ़ा हो लेकिन शॉपिंग के नाम से ही उसका सारा गुस्‍सा शांत हो जाता है। आखिर महिलाएं शॉपिंग के लिए इतनी क्रेजी क्‍यों होती है, ये समझना थोड़ा मुश्किल है।

19) सवाल पूछना, जबाव की जरूरत नहीं

19) सवाल पूछना, जबाव की जरूरत नहीं

फीमेल सिर्फ सवाल को धड़ाधड़ पूछने में विश्‍वास करती है, उन्‍हे इस बात से कोई मतलब नहीं होता कि उन्‍हे इसका जबाव मिलेगा कि नहीं। और चांस से उन्‍होने कुछ बेकार सा सवाल किया जिसका किसी आदमी ने उसी ढंग में जबाव दिया तो वे उस आदमी पर ही भड़क जाती है, बिना सोचे समझें कि उन्‍होने ने ही सवाल पूछा था। ऐसा होती है महिलाओं की सवाल पूछने की आदत।

20) गपशप

20) गपशप

आदमी भी गॉसिप करते है लेकिन महिलाएं गॉसिप में अव्‍वल होती है। पुरूषों समझ ही नहीं पाते कि महिलाएं गॉसिप पर क्‍यों जीती हैं, दिन भर, 24 घटें वो सिर्फ बातें ही करती है और थकती भी नहीं। और राज की बात यह है कि यह आदत एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होती जाती है। यह एक कॉन्‍सेप्‍ट है जिसे समझना किसी के बस की बात नहीं।

Story first published: Friday, July 26, 2013, 12:29 [IST]
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