Latest Updates
-
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा -
धनतेरस के 21 शुभकामना संदेश: घर की लक्ष्मी के त्योहार को बना देंगे स्पेशल -
धनतेरस समृद्धि का स्वागत करने का दिन, लेकिन घर में शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी: ज्योतिषी रिन्ही सुबरवाल -
'कांटे' और 'शूटआउट एट वडाला' के निर्देशक संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन, सामने आई मौत की वजह -
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? जानें व्रत के जरूरी नियम -
Namakpara Recipe: दिवाली पर घर पर बनाएं बिना मैदा के कुरकुरे नमकपारे, निशा मधुलिका ने बताई आसान रेसिपी -
Halloween 2026: क्यों मनाया जाता है हैलोवीन? जानिए कहां और कैसे शुरू हुआ यह 'डरावना त्योहार' -
National Unity Day 2026 Wishes: हमारी पहचान हमारी एकता...राष्ट्रीय एकता दिवस पर आप भी भेजें ये शुभकामना संदेश -
Halloween 2026: हैलोवीन पार्टी के लिए ट्राई करें ये 5 स्पूकी मेकअप आइडियाज, दिखेंगी सबसे अलग
इमरजेंसी के दौर में शादी के बंधन में बंधे थे सुषमा और स्वराज, परिवार नहीं था तैयार
सुषमा स्वराज और उनके पति स्वराज कौशल का रिश्ता लोगों के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। आज भले ही सुषमा स्वराज उनका साथ छोड़कर अंतिम यात्रा के लिए निकल चुकी हों लेकिन अपने पीछे वो कई कहानियां छोड़ गयी हैं।

भारतीय राजनीति में जितनी संजीदगी से उन्होंने अपना कार्यभार संभाला, उतनी ही शिद्दत से उन्होंने अपने पति और परिवार का हर कदम पर साथ दिया। उनके जाने से देश जिस गहरे सदमे में है, उतनी ही बड़ी क्षति स्वराज कौशल के जीवन में आयी है। उनके जाने से पैदा हुआ खालीपन भर पाना बहुत मुश्किल है। अब उनके पास अपनी पत्नी की यादें शेष हैं।

कॉलेज में हुई थी दोनों की पहली मुलाकात
सुषमा स्वराज का जन्म 14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला कैंट में हुआ। इन्होंने कानून की पढ़ाई दिल्ली के कॉलेज से की थी और यहीं इनकी मुलाकात स्वराज कौशल से हुई। आपस में एक दूसरे से शुरुआती तकरार इन्हें करीब ले आयी। इन दोनों की विचारधाराएं ही अलग थीं लेकिन दोनों ने निजी जीवन पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। स्वराज कौशल समाजवादी विचारधारा मानने वाले थे तो वहीं सुषमा स्वराज आरएसएस से प्रभावित थीं।
उस दौर में जब लड़कियां शादी से पहले लड़कों से नहीं मिल सकती थीं, ऐसे समय में सुषमा स्वराज ने घरवालों से स्वराज कौशल से विवाह करने की बात कही। परिवार इसके लिए पहले राजी नहीं हुआ लेकिन शुरू से ही इरादों की पक्की सुषमा स्वराज को परिवार की रजामंदी मिल गयी।

इमरजेंसी के दौर में की शादी और जोड़ा पति का नाम
जब देश में इमरजेंसी का दौर था तब दोनों ने 13 जुलाई, 1975 का दिन विवाह के लिए चुना। शादी के बाद सुषमा ने अपने पति के उपनाम के बजाय उनका नाम ही अपने साथ जोड़ लिया और बन गईं 'सुषमा स्वराज'। गौरतलब है कि 2019 की 13 जुलाई को सुषमा और स्वराज ने अपनी शादी के 44 साल पूरे किए थे।
सुषमा और स्वराज कौशल एक दूसरे से बेहद प्रेम करते थे। सुषमा स्वराज हर करवाचौथ पर पतिव्रता का धर्म निभाती और स्वराज कौशल के लिए लंबी उम्र की दुआ मांगती।

दोनों साथ कर चुके हैं वकालत
स्वराज कौशल के नाम देश के सबसे युवा एडवोकेट जनरल बनने का रिकॉर्ड है। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी वकील थी। स्वराज और सुषमा दोनों साथ में सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब आपातकाल लगाया था तब उस समय सुषमा और स्वराज कौशल ने जॉर्ज फर्नांडीस का केस सुप्रीम कोर्ट में एकसाथ लड़ा था।

स्वराज कौशल ने जब सुषमा को कहा था थैंक यू मैडम
विदेश मंत्री के तौर पर वो पिछले पांच सालों से देश और दुनिया के लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहीं। मगर 2019 में जब उन्होंने चुनाव ना लड़ने का फैसला किया तो इसकी सबसे ज्यादा खुशी उनके पति स्वराज कौशल को हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर सुषमा स्वराज के इस फैसले पर लिखा था, "आपके किसी भी चुनाव को न लड़ने के फैसले के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। एक समय के बाद मिल्खा सिंह ने भी दौड़ना बंद कर दिया था। आप तो पिछले 41 साल से चुनाव लड़ रही हैं।" उन्होंने ये भी कहा था कि "मैडम, मैं पिछले 46 सालों से आपके पीछे भाग रहा हूं। अब में 19 साल का नहीं रहा।"



Click it and Unblock the Notifications
