Latest Updates
-
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय -
इस कथा के बिना अधूरा है योगिनी एकादशी व्रत, मिलता है 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य -
Yogini Ekadashi 2026 Wishes: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', इन भक्तिमय संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं
निर्जला एकादशी के दिन शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं, जानें कपल्स के लिए नियम
Physical Relation on Nirjala Ekadashi: एकादशी का व्रत हिन्दू सनातन धर्म में बेहद ज़रूरी और पवित्र व्रत माना जाता है। पंचांग के अनुसार हर माह में दो एकादशी तिथियाँ आती हैं। एकादशी व्रत को पूरा करने व इस दिन भगवान श्री हरी विष्णु की सच्ची आराधना से व्यक्ति को सुख व शान्ति तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन बिना जल व भोजन के विष्णु की अराधना में रहने शुभ फल देता है। इसके साथ ही इस दिन सर्वश्रेष्ठ व्यव्हार का पालन करना भी ज़रूरी है जिससे श्री हरी आपसे प्रसन्न रहें। ऐसे में निर्जला एकादशी के दिन शारीरिक सम्बन्ध बना सकते है कि नहीं इसको लेकर संशय रहता है। जानते हैं आगे -

निर्जला एकादशी 2024
इस वर्ष ज्येष्ठ माह में मनाई जाने वाली निर्जला एकादशी 18 जून को मनाई जा रही है। एकादशी तिथि 17 जून को सुबह 4:42 बजे से शुरू होकर 18 जून को सुबह 6:23 बजे तक चलेगी। उदया तिथि को मानते हुए 18 जून को एकादशी मनाई जायेगी।
निर्जला एकादशी के दिन क्या कर सकते हैं सम्भोग?
किसी भी व्रत या हिन्दू पर्व के दौरान तामसिक भोजन के साथ साथ अनैतिक व्यवहार की भी मनाही होती है। शारीरिक सम्बन्ध बनाने से शरीर के साथ साथ मन व आत्मा भी अपवित्र हो जाती है और अपवित्र मन के साथ भगवान को याद नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए एकादशी के दिन शारीरिक सम्भोग से बचें।
इसके पीछे है वैज्ञानिक कारण भी
निर्जला एकादशी के व्रत बेहद कठिन व्रत माना जाता है जिसमें शरीर बेहद कमज़ोर भी महसूस करने लगता है। शारीरिक सम्बन्ध बनाए जाने से शरीर की ताकत चली जाती है। ऐसे में इस दिन सम्भोग ना करें। यह धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों वजहों से ठीक रहेगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications