Latest Updates
-
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय
निर्जला एकादशी के दिन शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं, जानें कपल्स के लिए नियम
Physical Relation on Nirjala Ekadashi: एकादशी का व्रत हिन्दू सनातन धर्म में बेहद ज़रूरी और पवित्र व्रत माना जाता है। पंचांग के अनुसार हर माह में दो एकादशी तिथियाँ आती हैं। एकादशी व्रत को पूरा करने व इस दिन भगवान श्री हरी विष्णु की सच्ची आराधना से व्यक्ति को सुख व शान्ति तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जा रही है। इस दिन बिना जल व भोजन के विष्णु की अराधना में रहने शुभ फल देता है। इसके साथ ही इस दिन सर्वश्रेष्ठ व्यव्हार का पालन करना भी ज़रूरी है जिससे श्री हरी आपसे प्रसन्न रहें। ऐसे में निर्जला एकादशी के दिन शारीरिक सम्बन्ध बना सकते है कि नहीं इसको लेकर संशय रहता है। जानते हैं आगे -

निर्जला एकादशी 2024
इस वर्ष ज्येष्ठ माह में मनाई जाने वाली निर्जला एकादशी 18 जून को मनाई जा रही है। एकादशी तिथि 17 जून को सुबह 4:42 बजे से शुरू होकर 18 जून को सुबह 6:23 बजे तक चलेगी। उदया तिथि को मानते हुए 18 जून को एकादशी मनाई जायेगी।
निर्जला एकादशी के दिन क्या कर सकते हैं सम्भोग?
किसी भी व्रत या हिन्दू पर्व के दौरान तामसिक भोजन के साथ साथ अनैतिक व्यवहार की भी मनाही होती है। शारीरिक सम्बन्ध बनाने से शरीर के साथ साथ मन व आत्मा भी अपवित्र हो जाती है और अपवित्र मन के साथ भगवान को याद नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए एकादशी के दिन शारीरिक सम्भोग से बचें।
इसके पीछे है वैज्ञानिक कारण भी
निर्जला एकादशी के व्रत बेहद कठिन व्रत माना जाता है जिसमें शरीर बेहद कमज़ोर भी महसूस करने लगता है। शारीरिक सम्बन्ध बनाए जाने से शरीर की ताकत चली जाती है। ऐसे में इस दिन सम्भोग ना करें। यह धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों वजहों से ठीक रहेगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
