Sachin-Sara Divorce:विदेश में प्यार, परिवार के खिलाफ जाकर शादी, गुपचुप तलाक; फिल्‍मी है सचिन-सारा की लवस्‍टोरी

Sachin-Sara love story: राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट का उनकी पत्नी सारा पायलट से तलाक हो चुका है। नामांकन के लिए दिए गए शपथ पत्र के जरिए पहली बार इस बात का खुलासा हुआ है। दरअसल, सचिन पायलट ने मंगलवार को टोंक से नामांकन दाखिल किया। नामांकन भरने के बाद दिए एफिडेविट में पत्नी के नाम के आगे उन्होंने 'तलाकशुदा' लिखा है। पायलट और सारा ने 2004 में लव मैरिज की थी। करीब 19 साल बाद दोनों ने अपनी राहें बदल लीं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पायलट और सारा का तलाक कब हुआ? आइए, जानतें हैं इनकी लव स्टोरी कहां और कैसे शुरू हुई...।

Sachin-Sara Divorce: How Sachin and Sara met for the first time, Know their Love story in details

विदेश में हुई थी मुलाकात

कांग्रेस नेता सचिन पायलट का जन्म 7 सितंबर 1977 में हुआ। सचिन पायलट के पिता का नाम राजेश पायलट और मां का नाम रमा पायलट है। सचिन ने नई दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से पढ़ाई की इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की और गाजियाबाद के आई.एम.टी से मार्केटिंग में डिप्लोमा हासिल किया।

इसके बाद गुडगांव की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में ढाई-तीन साल नौकरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह विदेश चले गए। विदेश में पढ़ाई के दौरान पायलट की मुलाकात सारा अब्दुल्ला से हुई। सारा जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बेटी और उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। सारा और सचिन के बीच हुई पहली मुलाकात में दोस्ती हो गई और ये प्यार में बदल गई।

मजहब बना प्यार में दीवार

पढ़ाई पूरी करने के बाद सचिन पायलट विदेश से भारत लौट आए, लेकिन सारा ने अमेरिका रुककर अपनी पढ़ाई पूरी की लॉन्‍ग डिटेंस में भी दोनों के बीच का प्यार कम नहीं हुआ। दोनों ईमेल के जरिए बात क‍िया करता थे। इसके बाद दोनों ने तय कि अब अपने-अपने परिवार को इस बारे में बताया जाए। जब दोनों के परिवार वालों के सामनें दोनों के रिश्‍ते की बात सामने आई तो दोनों के बीच मजहब की दीवार आ गई। सारा के मुस्लिम और पायलट से हिंदू होने के कारण परिवार सपोर्ट में नहीं आया।

2004 में दोनों ने की शादी

दोनों परिवारों ने उनकी शादी कराने से साफ इनकार कर दिया। फारूक अब्दुल्ला इस शादी के सख्त खिलाफ थे। सारा ने अपने पिता को शादी के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उधर, पायलट के परिवार ने उनके फैसले पर सहमति की मोहर लगा दी। इसके बाद 2004 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। लेकिन, इस शादी में सिर्फ पायलट परिवार के सदस्य ही शामिल हुए। अब्दुल्ला का परिवार शामिल नहीं हुआ था। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा आरन पायलट और छोटे बेटे का नाम विहान पायलट है।

सांसद बने तो अब्दुल्ला परिवार ने स्वीकार किया

पिता राजेश पायलट की मौत के बाद परिस्थितियां ऐसी बनीं कि सचिन पायलट को राजनीति में आना पड़ा। महज 26 साल की उम्र में दौसा से पहला लोकसभा चुनाव लड़कर बड़े अंतर से जीतकर सबसे युवा सांसद बने। इसके कुछ समय बाद अब्दुल्ला परिवार ने भी नाराजगी भुलाकर सचिन पायलट को अपने दामाद के रूप में स्वीकार कर लिया। दिसंबर 2018 में जब सचिन पायलट ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली तो शपथ ग्रहण समारोह में सारा पायलट, दोनों बेटे और फारूक अब्दुल्ला भी शामिल हुए थे।

सचिन-सारा 2018 में साथ, 2023 में तलाक

सचिन पायलट ने राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2023 में टोंक सीट से दाखिल किए नामांकन पत्र में पत्‍नी के नाम सामने तलाकशुदा लिखा है जबकि 2018 के चुनाव में पत्‍नी का नाम लिखा है। इसका मतलब है कि पांच साल में ही सारा व सचिन पायलट का रिश्‍ता इतना खराब हो गया कि दोनों ने गुपचुप तरीके से तलाक तक ले लिया। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2014 में भी सचिन पायलट व सारा के अलग होने की बात चली थी, मगर तब इसे महज अफवाह बताया गया था।

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