Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
गोलियों से छलनी सीना, फिर भी भारत को दिलाई जीत, खून से भरी डिंपल की मांग! रुला देगी विक्रम की प्रेम कहानी
Vikram Batra- Dimple Cheema Emotional Love Story: कारगिल युद्ध का नाम आते ही सबसे पहले जिस हीरो का चेहरा आंखों के सामने उभरता है, वो हैं कैप्टन विक्रम बत्रा। उनकी बहादुरी, देशप्रेम और बलिदान की कहानियां आज भी हर भारतीय के दिल में जिंदा हैं। दुश्मनों की गोलियों से छलनी सीना होने के बावजूद उन्होंने भारत को जीत दिलाई। लेकिन उनके जीवन का एक ऐसा पहलू भी है जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं। उनकी अधूरी प्रेम कहानी जो परवान न चढ़ सकी लेकिन अमर जरूर हो गई। डिंपल चीमा से उनका रिश्ता सिर्फ मोहब्बत ही नहीं, बल्कि अमर त्याग और इंतजार की मिसाल है।
शादी से पहले ही देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले विक्रम ने तिरंगा फहराया, मगर पीछे छोड़ गए एक अधूरी मोहब्बत, जो आज भी हर भारतीय के दिल को रुला देती है। आज विक्रम बत्रा की बर्थ एनिवर्सरी है तो इस खास मौके पर देश के लाल को नम आंखों से याद करते हुए जानते हैं उनकी अधूरी मोहब्बत की रुला देने वाली कहानी।

सिर्फ 24 साल में हो गए शहीद
कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में एक पंजाबी हिंदू खत्री परिवार में हुआ था। विक्रम के एक जुड़वा भाई भी हैं जिनकी शक्ल एक जैसी है। विक्रम ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंजाब के सरकारी स्कूल से की। इसके बाद चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी से आगे की पढ़ाई की। विक्रम ने सिर्फ 24 साल की उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मगर अपने पीछे छोड़ गए बहुत सारी यादें जिनके सहारे उनका पहला और आखिरी प्यार यानी डिंपल चीमा जीवन काट रही हैं।
पहली नजर में ही हार बैठे थे दिल
विक्रम बत्रा ने चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी में एम.ए. इंग्लिश की पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों में ही उनकी मुलाकात डिंपल चीमा से हुई। उन्हें देखते ही पहली ही नजर में वो अपना दिल हार गए। पहले दोनों की दोस्ती हुई और फिर प्यार का दीपक जला। डिंपल चीमा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि घरवाले उन पर शादी का दबाव बना रहे थे और उन्होंने इस बारे में विक्रम को बताया तो उन्होंने ब्लेड से उंगली काट अपने खून से उनकी मांग भर दी और बोला कि अब हमेशा के लिए तुम मेरी हो।
आज भी अधूरे हैं विक्रम और डिंपल के फेरे
डिंपल ने बताया कि एक बार वो मंदिर गए थे तो वहां पर परिक्रमा करते हुए विक्रम ने मेरी चुन्नी पकड़ ली और 4 फेरे ले लिए। जब मैंने ये देखा और पूछा कि तुम ये क्या कर रहे हो तो वो बोले कि 4 फेरे ले लिए हैं 3 वापस आकर लुंगा। लेकिन फिर वो तिरंगे में लिपटकर आए और हमारे फेरे अधूरे ही रह गए। उन्होंने भारत माता से किया वादा तो निभाया लेकिन शादी का वादा अधूरा ही रह गया।
विक्रम की यादों के सहारे जीवन जी रही हैं डिंपल
विक्रम बत्रा कारगिल युद्ध के हीरो माने जाते हैं जिन्होंने गोलियों से सीना छलनी होने के बाद भी पाकिस्तान के छक्के छुड़ाए और उसे नाको चने चबवा दिए। सिर्फ 24 साल की उम्र में वो शहीद हो गए। 7 जुलाई 1999 को विक्रम ने वीरगति प्राप्त की थी। इस वीर योद्धा को 15 अगस्त 1999 को 'परमवीर चक्र' से सम्मानित किया गया था। डिंपल ने विक्रम बत्रा की शहादत के बाद डिंपल ने शादी न करने का निर्णय लिया। वे आज भी खुद को कैप्टन बत्रा की विधवा मानती हैं और एक स्कूल मे बतौर शिक्षिका बच्चों को पढ़ाती हैं।



Click it and Unblock the Notifications