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Durga Puja Pushpanjali Mantra: इस शक्तिशाली पुष्पांजलि मंत्र के बिना अधूरी है दुर्गा पूजा
Durga Puja Pushpanjali Mantra: दुर्गा पूजा बंगाली समुदाय का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें माँ दुर्गा की पूजा धूमधाम से की जाती है। इस पूजा का एक प्रमुख अनुष्ठान है पुष्पांजलि, जिसमें माँ दुर्गा को फूल और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं। संस्कृत में 'पुष्पांजलि' दो शब्दों से बना है-'पुष्पम' का अर्थ है फूल, और 'अंजलि' का अर्थ है हाथ जोड़कर अर्पित करना। यानी, हाथ जोड़कर फूल अर्पित करना ही पुष्पांजलि है।
दुर्गा पूजा के दौरान, सष्टी से लेकर नवमीं तक भक्त उपवास रखते हैं और भूखे पेट पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। विशेष रूप से दुर्गा अष्टमी का दिन सबसे शुभ माना जाता है, और अधिकतर लोग इस दिन अंजलि जरूर अर्पित करते हैं। कई भक्त पूजा के बाद पुष्पांजलि देकर ही उपवास तोड़ते हैं।

इस दौरान, एक बंगाली पुजारी पुष्पांजलि मंत्र का उच्चारण करता है, और भक्त उसे दोहराते हुए ताजे फूल और बेलपत्र देवी दुर्गा के चरणों में अर्पित करते हैं। तीन बार मंत्रों के साथ पुष्पांजलि अर्पित की जाती है, जो इस पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां पढ़ें दुर्गा पूजा का अभिन्न पुष्पांजलि मंत्र।
Durga Puja Pushpanjali Mantra
प्रथम पुष्पांजली मंत्र :
ॐ जयन्ती, मंगला काली, भद्रकाली, कपालिनी।
दुर्गा, शिवा, क्षमा, धात्री, स्वाहा, स्वधा नमोस्तुते॥
एष सचन्दन गन्ध पुष्प बेल पत्रांजली ॐ ह्रीं दुर्गायै नमः॥
अर्थ: जयंती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालिनी, दुर्गा, क्षमा, शिवा धात्री और स्वधा- इन नामों से प्रसिद्ध मां जगदंबे. आपको मेरा नमस्कार है.
द्वितीय पुष्पांजली मंत्र
ॐ महिषघ्नी महामाये चामुण्डे मुण्डमालिनी।
आयुरारोग्यविजयं देहि देवि! नमोस्तुते॥
एष सचन्दन गन्ध पुष्प बेल पत्रांजली ॐ ह्रीं दुर्गायै नमः॥
तृतीया पुष्पांजली मंत्र
ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोस्तुते||
सृष्टि स्थिति विनाशानां शक्तिभूते सनातनि।
गुणाश्रये गुणमये नारायणि! नमोस्तुते||
शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे।
सर्वस्यार्तिहरे देवि! नारायणि! नमोस्तुते||
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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