January 2025 Festival List: लोहड़ी, मकर संक्रांति, देखें नए साल के पहले महीने में आएंगे और कौन कौन से पर्व

January 2025 Festival List: जनवरी का महीना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

मकर संक्रांति, लोहड़ी, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, और षटतिला एकादशी जैसे पर्व इस महीने की रौनक बढ़ाते हैं। आइए जानते हैं जनवरी 2025 में पड़ने वाले व्रत-त्योहारों की सूची और उनके महत्व।

Hindu Calendar January 2025 Indian Festivals And Vrat Tyohar List In January Month Check Full List

जनवरी 2025 के व्रत और त्योहारों की लिस्ट (January 2025 Festivals List)

- 10 जनवरी: पौष पुत्रदा एकादशी
- 11 जनवरी: शुक्ल प्रदोष व्रत
- 13 जनवरी: पौष पूर्णिमा व्रत, लोहड़ी
- 14 जनवरी: मकर संक्रांति, उत्तरायण, खिचड़ी पर्व
- 17 जनवरी: संकष्टी चतुर्थी, सकट चौथ व्रत
- 25 जनवरी: षटतिला एकादशी
- 27 जनवरी: कृष्ण प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि
- 29 जनवरी: माघ अमावस्या, मौनी अमावस्या

प्रमुख त्योहारों का महत्व

1. पौष पुत्रदा एकादशी (10 जनवरी 2025)

- यह व्रत पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है।
- व्रत प्रारंभ: 9 जनवरी, दोपहर 12:22 बजे
- व्रत समाप्त: 10 जनवरी, सुबह 10:19 बजे
- महत्व: इस व्रत का पालन संतान प्राप्ति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है।

2. पौष पूर्णिमा (13 जनवरी 2025)

- पौष पूर्णिमा धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है।
- महत्व: इस दिन से माघ स्नान की शुरुआत होती है। पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इसे आत्मिक शुद्धि और पुण्य कमाने का अवसर माना जाता है।

3. मकर संक्रांति (14 जनवरी 2025)

- यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है।
- महत्व: इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है और सूर्य उत्तरायण होते हैं। खिचड़ी दान, पतंगबाजी और गंगा स्नान की परंपरा इस दिन की विशेष पहचान है।

4. मौनी अमावस्या (29 जनवरी 2025)

- माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं।
- महत्व: इस दिन मौन व्रत रखने, गंगा स्नान करने, और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसे आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए शुभ माना जाता है।

जनवरी का महीना धर्म और संस्कृति का अद्भुत संगम लेकर आता है। इस दौरान व्रत और त्योहारों के जरिए श्रद्धालु न केवल पुण्य अर्जित करते हैं बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का संचार भी करते हैं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Sunday, December 22, 2024, 13:40 [IST]
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