Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान -
Silao Style Crispy Khaja Recipe: घर पर बनाएं बिहार की मशहूर परतदार मिठाई -
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी
September 2024 Festivals List: सितंबर में गणेश चतुर्थी, हरतालिका तीज, राधा अष्टमी के बाद शुरू होगा पितृ पक्ष
September 2024 Vrat Tyohar List: बहुत ही जल्द अंग्रेजी कैलेंडर का आठवां महीना यानी सितंबर माह प्रारंभ होने जा रहा है। यह महीना आध्यात्मिक एवं ज्योतिष दृष्टिकोण से बहुत महत्व रखता है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे जैसे की गणेश चतुर्थी, राधा अष्टमी, पितृ पक्ष आदि। आइये विस्तार पूर्वक जानते हैं सितंबर माह में पड़ने वाले सभी व्रत और त्योहारों की लिस्ट और उनका महत्व:

सितंबर 2024 व्रत और त्योहार की लिस्ट:
* 1 सितंबर दिन रविवार 2024 - भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी पर्यूषण पर्व प्रारंभ, मासिक शिवरात्रि
* 2 सितंबर दिन सोमवार 2024 - भाद्रपद अमावस्या
* 6 सितंबर दिन शुक्रवार 2024 - वाराह जयंती, हरतालिका तीज
* 7 सितंबर दिन शनिवार 2024 - गणेश चतुर्थी, विनायक चतुर्थी
* 8 सितंबर दिन रविवार 2024 - ऋषि पंचमी
* 9 सितंबर दिन सोमवार 2024 - स्कंद षष्ठी
* 10 सितंबर दिन मंगलवार 2024 - ललित सप्तमी, जेष्ठ गौरी आवाहन
* 11 सितंबर दिन बुधवार 2024 - राधा अष्टमी, महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ
* 12 सितंबर दिन बृहस्पतिवार 2024 - जेष्ठ गौरी विसर्जन
* 14 सितंबर दिन शनिवार 2024 - एकादशी परिवर्तिनी एकादशी
* 15 सितंबर दिन रविवार 2024 - शुक्ल द्वादशी वामन जयंती, ओणम भुवनेश्वरी जयंती
* 16 सितंबर दिन सोमवार 2024 - विश्वकर्मा पूजा, कन्या संक्रांति
* 17 सितंबर दिन मंगलवार 2024 - अनंत चतुर्दशी, पूर्णिमा श्राद्ध , भाद्र पद पूर्णिमा व्रत
* 18 सितंबर दिन बुधवार 2024 - पितृपक्ष प्रारंभ, प्रतिपदा श्राद्ध, चंद्र ग्रहण आशिक, भाद्रपद पूर्णिमा
* 19 सितंबर दिन गुरुवार 2024 - आश्विन मास प्रारंभ
* 21 सितंबर दिन शनिवार 2024 - विघ्न राज संकष्टी चतुर्थी
* 24 सितंबर दिन मंगलवार 2024 - काला अष्टमी, मासिक कालाष्टमी
* 25 सितंबर दिन बुधवार 2024 - आश्विन कृष्ण नवमी नवमी श्राद्ध, जीवित्पुत्रिका व्रत
* 27 सितंबर दिन शुक्रवार 2024 - आश्विन कृष्ण एकादशी, एकादशी श्राद्ध
* 28 सितंबर दिन शनिवार 2024 - आश्विन कृष्ण एकादशी, इंदिरा एकादशी
* 29 सितंबर दिन रविवार 2024 - आश्विन कृष्ण द्वादशी द्वादशी श्राद्ध मघा श्राद्ध, प्रदोष व्रत
* 30 सितंबर दिन सोमवार 2024 - आश्विन कृष्ण त्रयोदशी त्रयोदशी श्राद्ध मासिक शिवरात्रि कलियुग
गणेश चतुर्थी 2024
संपूर्ण देश में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े ही हर्ष उल्लास एवं धूमधाम के साथ भाद्र पद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। यह पावन पर्व भगवान श्री गणपति जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है सनातन धर्म में गणेश चतुर्थी के उपलक्ष पर भगवान गणेश की विशेष विधि विधान से पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को रिद्धि-सिद्धि तथा ऐश्वर्या की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही घर में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।
राधा अष्टमी 2024
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन के पश्चात राधा अष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह पावन पर्व भगवान राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। सनातन धर्म में राधा रानी के जन्म उत्सव राधा अष्टमी को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी की विशेष विधि विधान से पूजा अर्चना करने से संपूर्ण मनोकामनाएँ पूर्ण होती है तथा पारिवारिक माहौल में आपसी प्रेम बढ़ता है।
पितृपक्ष 2024
वैदिक पंचांग के मुताबिक भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से पितृपक्ष प्रारंभ हो जाते हैं। इस दौरान पिंडदान तर्पण और स्नान दान का बहुत ही अधिक महत्व होता है। शास्त्रों में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि पितृपक्ष के समय में पितृ देवता स्वर्ग लोक से धरती लोक पर आते हैं और अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications