Karwa Chauth Ka Chand: करवाचौथ के दिन ना हो पाए चांद का दीदार तो कैसे करें पूजा?

Karwa Chauth Ka Chand: करवाचौथ का पर्व भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है। इस वर्ष 20 अक्टूबर को करवाचौथ का व्रत रखा जाएगा। यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, जो अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।

इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले से ही निर्जला व्रत करती हैं और चाँद निकलने के बाद उसकी पूजा करती हैं। चाँद को देखकर ही व्रत तोड़ने की परंपरा है, लेकिन कभी-कभी मौसम की अनियमितता या अन्य कारणों से चाँद का दर्शन नहीं हो पाता।

karwa chauth ka chand na dikhe to puja kaise kare what to do if moon is not visible on karva chauth

ऐसी स्थिति में कई महिलाएं असमंजस में पड़ जाती हैं कि उन्हें पूजा कैसे करनी चाहिए। इस लेख में हम जानेंगे कि चाँद न दिखने पर भी आप अपनी श्रद्धा के साथ किस तरह से पूजा कर सकती हैं। पूजा के इस विशेष अवसर को मनाने के लिए आपकी आस्था और प्रेम सबसे महत्वपूर्ण है। चाँद का दर्शन भले ही न हो, लेकिन व्रत का संकल्प और आपके मन का सच्चा प्रेम किसी भी स्थिति में अपना असर दिखाएगा।

करवाचौथ पर ना दिखें चाँद तो ऐसे करें पूजा (Karwa Chauth Ka Chand Na Dikhe To Kya Kare)

* अगर मौसम की अनियमितता या आसमान के साफ़ ना होने के कारण आपके शहर में 20 अक्टूबर को चाँद नहीं दिखाई दिया तो आप किसी भी शिव मंदिर में जा सकते है जहाँ शिव जी की मूर्ति के उपर स्पष्ट चंद्रमा लगा हुआ हो। भगवान शिव के माथे पर चंद्रमा हमेशा चमकता रहता है। आप चंद्रोदय के बाद मंदिर जाकर शिव जी के माथे पर विराजमान चंद्रमा को अर्घ्य देकर करवा चौथ का पारण कर सकती हैं और अपना व्रत पूरा कर सकती हैं।

* ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा का शुभ रत्न चांदी को माना जाता है। यदि करवाचौथ वाले दिन चाँद नहीं दिखाई पड़ता है तो आप चांदी का सिक्का या चांदी का गोलाकार टुकडा लेकर यूज़ ही चंद्रमा मानकर उसकी पूजा कर सकते हैं और अपना व्रत पारण कर सकती हैं।

* तकनीक के समय में इस समस्या का भी हल निकल आया है। आप उन शहरों में वीडियो कॉल कर सकते हैं जहाँ आपके रिश्तेदार रहते हो और जहाँ चाँद दिखाई दे रहा हो। आप वीडियो कॉल के ज़रिये चाँद देखकर उसकी पूजा करके अपना व्रत पारण कर सकती हैं।

* करवा चौथ के दिन यदि आसमान में चाँद नज़र नहीं आता, तो चाँद निकलने की दिशा की ओर मंदिर में एक चौकी रखें। उस चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और कपड़े के ऊपर चावल से चंद्रमा की आकृति बनाएं। आकृति बनाते समय "ओम चतुर्थ चंद्राय नमः" मंत्र का तीन से पांच बार जाप करें। इस चंद्रमा की पूजा के बाद भी आप अपना व्रत खोल सकते हैं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Saturday, October 19, 2024, 15:33 [IST]
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