Latest Updates
-
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार -
Rajasthani Grandma Style Gatte Ki Sabzi Recipe: अब घर पर पाएं पारंपरिक राजस्थानी स्वाद -
Aaj Ka Rashifal 29 May 2026: शुक्रवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, करियर में मिलेगा बड़ा उछाल
Periods Me Kanya Pujan Kaise Kare: मासिक धर्म में इस तरह से करें कन्या पूजन, पीरियड्स में ऐसे खिलाएं कन्या
Periods Me Kanya Pujan Kaise Kare: पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान नवरात्रि में कन्या पूजन को लेकर समाज में अलग-अलग धारणाएं और परंपराएं हैं। हालांकि, धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है जो पीरियड्स के दौरान कन्या पूजन करने पर रोक लगाता हो। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसे कई समाजों में गलत धारणाओं के कारण पवित्रता से जोड़ा गया है।
अगर आप पीरियड्स के दौरान कन्या पूजन करना चाहती हैं और आपके धार्मिक या पारिवारिक नियम इसमें किसी प्रकार की पाबंदी नहीं लगाते, तो आप पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ पूजा कर सकती हैं। हालांकि कन्या पूजन के समय आपको कुछ बातों का ख्याल रखने की जरूर है:

पीरियड्स में कन्या पूजन कैसे करें? (Periods Me Kanya Pujan Kaise Kare)
यदि किसी महिला के अष्टमी या नवमी के दिन पीरियड्स आ जाते हैं तो उन्हें यह पूजा किसी और से कराने की सलाह दी जाती है। यदि स्त्री विवाहित है तो अपने पति से कन्या पूजन कराये। यदि स्त्री कुंवारी है तो उसे अपने माता-पिता की मदद से कन्या पूजना चाहिए।
पीरियड्स में महिला को कन्या पूजन का भोग नहीं बनाना चाहिए। प्रसाद का कोई भी सामान न छुएं। कई स्थानों पर मासिक धर्म के दौरान पूजा के लिए आयी कन्याओं को भी छूने की मनाही होती है। बेहतर होगा आप कन्या को भी ना छुएं और उनसे दूर से ही आशीर्वाद लें।
मानसिक पूजा करें
अगर आप शारीरिक रूप से पूजा करने में असहज महसूस करती हैं, तो मानसिक रूप से कन्याओं की पूजा कर सकती हैं। देवी दुर्गा की पूजा भावनाओं और भक्ति पर निर्भर करती है, और आप अपने मन में ही कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनका आह्वान कर सकती हैं।
आध्यात्मिकता और भक्ति का ध्यान
यह जरूरी है कि आपका ध्यान देवी के प्रति अटूट भक्ति और समर्पण पर हो। आपकी भक्ति और आस्था ही पूजा का असली आधार है।
समाज में बदलते विचारों के साथ, पीरियड्स को लेकर नकारात्मक धारणाओं को चुनौती देना जरूरी है। कन्या पूजन में आपका शुद्ध मन और भक्ति ही सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, न कि शारीरिक स्थिति।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications