Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
किन लोगों को नहीं करना चाहिए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप, प्रेमानंद महाराज जी ने बताया इसका विकल्प
प्रेमानंद जी ने एक सत्संग में भक्तों के सवालों के जवाब देते हुए भगवान शिव के मंत्र जपने की विधि और नियमों के बारे में बताया। एक भक्त ने उनसे कहा कि वे भगवान शिव के परम भक्त हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हैं।
इस पर प्रेमानंद जी ने बताया कि यह मंत्र अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली है, लेकिन इसे जपने के लिए गुरु की अनुमति और मार्गदर्शन आवश्यक है।

'ॐ नमः शिवाय': पंचाक्षरी मंत्र का महत्व
'ॐ नमः शिवाय' को सनातन धर्म में भगवान शिव का सबसे प्रभावशाली और पवित्र मंत्र माना गया है। यह पंचाक्षरी मंत्र (पांच अक्षरों वाला मंत्र) है और इसे जपने से अनेक लाभ होते हैं।
- यह मंत्र पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, और आकाश-इन पांच तत्वों को संतुलित करता है।
- यह मंत्र शुभ और कल्याणकारी होता है, लेकिन इसे जपने के लिए गुरु का मार्गदर्शन जरूरी है।
गुरु का महत्व और वैकल्पिक मंत्र
प्रेमानंद जी ने बताया कि वैदिक मंत्रों को गुरु की पद्धति से ही जपना चाहिए। बिना गुरु की अनुमति के 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करने से इसका उलटा प्रभाव भी हो सकता है। यदि कोई शिवजी के प्रति अपनी भक्ति व्यक्त करना चाहता है और गुरु की अनुमति नहीं है, तो *'ॐ सांब सदा शिव'* का जाप कर सकता है।
- 'ॐ सांब सदा शिव' को किसी भी स्थिति में जपा जा सकता है।
- यह मंत्र सरल और सुरक्षित है, जिससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
भगवान शिव के मंत्र जपने से पहले उसकी पवित्रता और नियमों को समझना आवश्यक है। प्रेमानंद जी ने भक्तों को यह स्पष्ट किया कि गुरु के बिना 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना उचित नहीं है। लेकिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ सांब सदा शिव' का जाप किसी भी समय और किसी भी स्थिति में किया जा सकता है। सही विधि से मंत्र जाप करने से भगवान शिव की कृपा और शांति प्राप्त होती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
