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Vinayak Chaturthi 2025: फरवरी में किस दिन पड़ रही है विनायक चतुर्थी, देखें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
Vinayak Chaturthi 2025 Kab Hai: माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।
मान्यता है कि गणपति की पूजा से सभी रोग, दोष और कष्ट दूर होते हैं। परंपरा के अनुसार, इस दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं।

विनायक चतुर्थी 2025 का शुभ मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2025 Kab Hai?)
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 1 फरवरी, प्रातः 11:38 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 2 फरवरी, प्रातः 09:14 बजे
- मुख्य पूजा तिथि: 1 फरवरी (उदया तिथि के अनुसार)
समय और मुहूर्त
- सूर्योदय: प्रातः 7:09 बजे
- सूर्यास्त: सायं 6:00 बजे
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 5:24 से 6:17 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:23 से 3:07 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 5:58 से 6:24 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:08 से 1:01 बजे तक
विनायक चतुर्थी की पूजा विधि
1. सूर्योदय से पहले उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और दिन की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से करें।
2. भगवान गणपति को दूर्वा, हल्दी, मोदक, और लड्डू चढ़ाएं।
3. देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें और विधिपूर्वक आरती करें।
4. गणपति के मंत्रों का जाप श्रद्धा और भक्ति भाव से करें।
5. भगवान को मोदक, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
6. पूजा के अंत में गणेश जी से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें। प्रसाद को आस-पास के लोगों में बांटें।
विनायक चतुर्थी पर विशेष उपाय
यदि आप लंबे समय से आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो इस दिन विघ्नहर्ता गणेश स्तोत्र का पाठ करें। यह उपाय आपकी आर्थिक परेशानियों को दूर करेगा और घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।
भगवान गणेश के मंत्र
1. ऊँ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा॥
2. गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जंबू फल चारु भक्षणम्।
उमा सुतं शोक विनाश कारकं, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्॥
3. गणपतिर्विघ्नराजो लम्बतुण्डो गजाननः।
द्वैमातुरश्च हेरम्ब एकदन्तो गणाधिपः॥
विनायकश्चारुकर्णः पशुपालो भवात्मजः।
द्वादशैतानि नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्।
विश्वं तस्य भवेद्वश्यं न च विघ्नं भवेत् क्वचित्॥
विनायक चतुर्थी भगवान गणेश की आराधना का पर्व है, जो जीवन के सभी विघ्न और बाधाओं को दूर करता है। इस दिन सच्चे मन से गणपति की पूजा और उपाय करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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