Maha Shivratri पर इस बार है भद्रा का साया, जानें महादेव की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और नियम

Maha Shivratri 2026: फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि शिव भक्तों के लिए वर्ष का सबसे बड़ा पर्व है। ये दिन भोलेनाथ को समर्पित है और इस दिन शिव भक्त बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं। इस बार महाशिवरात्रि की सही तारीख को लेकर संशय बना हुआ है और साथ ही इस दिन भद्रा का साया भी है।

ऐसे में शिवभक्तों के बीच एक संशय की स्थिति बनी हुई है, कि पूजा कब करें? हिंदू धर्म में भद्रा काल को मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भद्रा काल में महादेव का जलाभिषेक किया जा सकता है या नहीं? आइए जानते हैं महाशिवरात्रि का सटीक शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और पूजा की सही विधि के बारे में विस्तार से...

क्या होता है भद्रा काल?

ज्योतिष शास्त्र और हिंदू पंचांग के अनुसार, 'भद्रा' को एक विशेष समय या काल माना जाता है, जिसमें शुभ कार्यों को करना वर्जित होता है। सरल शब्दों में कहें तो भद्रा को 'अशुभ' समय की श्रेणी में रखा गया है।

क्या महाशिवरात्रि पर भद्रा काल में पूजा करना वर्जित है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भद्रा का वास जब पृथ्वी पर होता है, तब शुभ कार्यों जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश की मनाही होती है। लेकिन भगवान शिव 'महाकाल' हैं, वे समस्त काल और बाधाओं से परे हैं। शास्त्रों के अनुसार, शिव पूजा, तंत्र साधना और ज्योतिर्लिंग के दर्शन पर भद्रा का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। यदि आप महा शिवरात्रि का व्रत रख रहे हैं और जलाभिषेक के करने व पूजा करने के लिए संशय में हैं तो जान लें कि जलाभिषेक करने के लिए भद्रा बाधक नहीं है।

महाशिवरात्रि की पूजा का सही समय और मुहूर्त

बता दें कि 15 फरवरी 2026, दिन रविवार को शाम 5 बजकर 4 मिनट से शिवरात्रि की शुभ तिथि शुरू हो रही है जो 16 फरवरी की शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। क्योंकि महाशिवरात्रि की पूजा मध्य रात्रि यानी निशित काल में होती है तो ऐसे में रविवार यानी 15 फरवरी को ही व्रत रखा जाएगा। पूजा का शुभ समय रविवार शाम 6 बजकर 11 मिनट से सोमवार सुबह 6 बजकर 59 मिनट कर रहेगा। वहीं निशित काल में पूजा का समय 12 बजकर 9 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। व्रत का पारण सोमवार सुबह 6 बजकर 59 मिनट से शाम 3 बजकर 24 मिनट कर रहेगा।

कब से कब तक रहेगा भद्रा का साया

अब ये जान लें कि भद्रा का साया कब से कब तक रहेगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया रविवार की शाम 5 बजे से शुरू हो रहा है जो सोमवार सुबह 5 बजे कर रहेगा। क्योंकि शिव कालों के काल महाकाल हैं तो उनकी पूजा में भद्रा के साय का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

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