500 साल बाद बन रहा दिवाली का दुर्लभ महासंयोग! जानें कब करें मां लक्ष्मी की पूजा जिससे होंगे मालामाल

Maa Lakshmi Puja Time For Good Luck: इस साल दीपावली 20 अक्टूबर 2025 को है और इस साल की दिवाली बेहद खास होने जा रही है, क्योंकि ऐसा शुभ योग 500 साल बाद बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहों की विशेष स्थिति इस बार धन, वैभव और समृद्धि का महासंयोग बना रही है। मां लक्ष्मी की पूजा इस दुर्लभ योग में करने से व्यक्ति को अकल्पनीय धन की प्राप्ति होती है और किस्मत चमक उठती है। इस दिवाली केवल दीप नहीं, बल्कि आपके जीवन में खुशियों की किरणें भी जल उठेंगी।

ज्योतिष क ज्ञान रखने वाली एस्ट्रोलोजर डॉ वाई राखी ने इस बार की दिवाली के बारे में कुछ खास बातें बताई हैं और पूजा का वो शुभ मुहूर्त भी बताया है जिसमें मां लक्ष्मी की पूजा करने से आपकी सारी इच्छाएं पूरी होंगी। आइए जानते हैं कब है ये महासंयोग, पूजा का सही समय और इसका धार्मिक महत्व।

Maa Lakshmi Puja Time For Good Luck

दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त

इस साल की दिवाली बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस बार जो महासंयोग बन रहा है वो पूरे 500 साल बाद बन रहा है। ऐसे में इस खास दिन पर शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और आपके घर में धन वर्षा होगी। डॉ वाई राखी के अनुसार, इस साल दिवाली पर महालक्ष्मी पूजा करने का शुभ मुहूर्त रात को 7 बजकर 9 मिनट से 9 बजकर 45 मिनट तक है।

बन रहे खास संयोग

पहला संयोग ये बन रहा है कि इस बार दिवाली का दिन सोमवार है और पूजा का समय भी प्रदोष काल में भी है और वृषभ लग्न है। तो ऐसे में मां लक्ष्मी के साथ-साथ भोलेनथ की भी कृपा बरसेगी। आप अपने परिवार के साथ विधि-विधान से पूजा करें और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पाठ और आरती करें। इस दिन गणेश जी की भी पूजा करने का विधान होता है। दूसरा संयोग ये है कि इस साल दिवाली का पर्व पूरे 6 दिन का है, जबकि हर साल ये 5 दिन का होता है।

कैसे करें मां लक्ष्मी की पूजा

सबसे पहले घर की साफ-सफाई करें और उत्तर दिशा में लक्ष्मी-गणेश जी की स्थापना करें।
तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर उसमें सुपारी, सिक्का, और आम के पत्ते रखें।
मां लक्ष्मी को कमल का फूल, चावल, और मिश्री चढ़ाएं।
दीपक में घी का उपयोग करें और "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
पूजन के बाद घर के हर कोने में दीप जलाएं और लक्ष्मी माता से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Monday, October 20, 2025, 9:15 [IST]
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