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Kitchen Vastu Tips: गरीबी और कलह लाता है रसोई में इस ओर मुंह करके खाना बनाना
शास्त्र के अनुसार अग्नि का हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। पंचतत्वो में अग्नि भी शामिल है। अग्नि से हम खाना पकाते हैं जिसपर हमारा जीवन निर्भर करता है।
अग्नि से हवन होते हैं और अग्नि से नज़र भी उतारते हैं। इसलिए घर में अग्नि का कैसे उपयोग हो रहा है, इसका बहुत असर पड़ता है।

आमतौर पर अग्नि का इस्तेमाल किचन में ही होता है इसलिए ये देखना बहुत जरुरी है कि अग्नि प्रज्वलित किस दिशा में हो रही है। अगर सही दिशा ना हो तो फिर इसके कुप्रभाव पड़ सकते हैं।
घर में किचन किस दिशा में होना चाहिए?
सबसे पहले तो किचन किस दिशा में होना चाहिए ये जान लेते हैं। वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा को आग्नेय कोण माना जाता है। इसलिए रसोईघर इसी दिशा में होना चाहिए।
अगर किसी कारण से इस दिशा में किचन बनाना संभव ना हो तो फिर पूर्व की ओर किचन बनाया जा सकता है। वो इसलिए क्योंकि सूर्योदय पूर्व में होता है और उसकी पहली किरण सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है।
किचन को अन्नपूर्णा से जोड़कर देखते हैं इसलिए यहां सकारात्मक ऊर्जा का पहुंचना शुभ होता है। लेकिन सिर्फ किचन का सही दिशा में होना काफी नहीं है। ये बात भी बहुत जरुरी है की किचन के अन्दर आप किस दिशा की ओर मुख करके खाना पकाते हैं।
खाना बनाते समय किस दिशा में खड़ा होना चाहिए?
वास्तु के अनुसार पूर्व की और मुंह करके खाना पकाना बहुत शुभ होता है। इस दिशा में मुंह करके खाना बनाने से सूर्य और अन्नपूर्णा माता का आशीर्वाद मिलता है जिससे सुख समृद्धि बनी रहती है। भोजन में सात्विक गुण आते हैं और खाना बनाने वाले का मन लगता है।
रसोईघर में कौन सी दिशा अशुभ मानी जाती है?
उत्तर दिशा की ओर मुंह करके कभी भी खाना ना बनाएं। इससे भोजन में तामसिक गुण की प्रकृति बढ़ती है जिसके खाने से घर में कलह बढ़ता है, झगडे होते हैं और मानसिक शांति नहीं मिलती है। इस दिशा में मुंह करके बनाए गए भोजन को मेहमानों को खिलाने से उनसे संबंध खराब होते हैं।
इसके साथ ही दक्षिण दिशा की ओर मुह करके तो बिलकुल भी भोजन नहीं बनाना चाहिए। इस दिशा में मुंह करके जो खाना बनाते हैं उनका स्वस्थ्य कभी अच्छा नहीं रहता है। इसके साथ ही घर में धन की कमी होने लगती है।
अपने किचन की दिशा का अवलोकन करें और ये भी देखें कि आप किस और मुंह करके खाना बनाते हैं। वास्तु के अनुसार दिशा सही होनी चाहिए, नहीं तो जीवन में अशुभ होने लगता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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