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Nirjala Ekadashi Daan: निर्जला एकादशी पर करें इन 3 चीजों का दान, बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा
Nirjala Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है। ये व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है जिसमें उनकी पूजा की जाती है। साल में 24 एकादशी आती हैं जिसमें से निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है जो ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की तिथि पर मनाई जाती है। इस व्रत का नाम सुनकर ही स्पष्ट हो जाता है कि इसमें पानी पीना भी वर्जित होता है। तपती गर्मी में ये व्रत रखना आसान नहीं होता है इसलिए इसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को विधि-विधान से रखने से सारे कष्ट दूर होते हैं और मनोकामना भी पूरी होती है। आइए जान लेते हैं कि कब है निर्जला एकादशी और इस दिन किन तीन चीजों का दान करने से महा पुण्य की प्राप्ति होती है जिसे हिंदू धर्म में काफी शुभ माना जाता है।
कब है निर्जला एकादशी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष की तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जाती है। इस बार निर्जला एकादशी 6 जून 2025 को पड़ रही है जो 2 बजकर 15 मिनट से शुरू होगी और 7 जून की सुबह 4 बजकर 47 मिनट पर इसका पारण होगा। निर्जला एकादशी का व्रत 24 घंटे तक रखा जाता है लेकिन इस बार व्रत का पारण समय 32 घंटे और 21 मिनट का होगा जो काफी लंबा है।

निर्जला एकादशी पर करें किन चीजों का दान?
1. घड़े या सुराही आदि का करें दान
निर्जला एकादशी पर जल के दान का विशेष महत्व माना जाता है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए निर्जला एकादशी पर जल का दान करें। इसके लिए आप प्याऊ लगा सकते हैं, या मंदिर में और जरूरतमंदों को घड़े या सुराही का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से तपती गर्मी में प्यासे लोगों की प्यास बुझेगी और उनके दिल से निकली दुआ आपको लगेगी।
2. शरबत का दान करें
निर्जला एकादशी के दिन में पुण्य की प्राप्ति के लिए श्रद्धालु शरबत का भी दान कर सकते हैं। इस दिन सड़क किनारे प्यासे लोगों को शरबत पिलाना किसी अमृत दान से कम नहीं है। अगर आप सड़क किनारे खुद दान नहीं कर सकते तो ऐसे में आप मंदिर में शरबत की बोतल, चीनी और दूध का दान कर दें।
3. पंखे का करें दान
तपती गर्मी में निर्जला एकादशी पड़ती है ऐसे में आप इस दिन पंखे का दान करने से भी पुण्य की प्राप्ति होती है। मंदिर में या जरूरतमंदों को पंखे का दान करें। हम यहां हाथ के पंखे की बात कर रहे हैं जो मार्केट में आसानी से मिल जाते हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

4. छाते का करें दान
निर्जला एकादशी गर्मी के मौसम में आती है तो ऐसे में मौसम को देखते हुए आप जरूरतमंदों को छाते का भी दान कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि मौसम के अनुसार, लोगों को उनकी जरूरत की चीजें दान करने से उन लोगों की दुआ मिलती है साथ ही भगवान भी प्रसन्न होते हैं।
5. खरबूजे का दान
निर्जला एकादशी वाले दिन खरबूजे का दान किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि खरबूजा एक रसीला और तासीरदार फल है, उसे खाने से गर्मी से राहत मिलती है और शरीर में पानी की कमी पूरी होती है। खरबूजा सीजनल फल है तो गर्मी के मौसम में ये आसानी से मिल जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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