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किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह
Himanshi Khurana Kinnaur Kailash Trek: पंजाबी एक्ट्रेस और 'बिग बॉस 13' फेम हिमांशी खुराना इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। हिमांशी खुराना ने एक पॉडकास्ट में अपनी जिंदगी के एक बेहद मुश्किल दौर से जुड़ा किस्सा साझा किया है। हिमांशी ने खुलासा किया कि वह अपने एक्स-बॉयफ्रेंड के दबाव में इस्लाम कबूल करने वाली थीं। उन्होंने बताया कि एक रात उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी का शायद आखिरी दिन है। जब वह इस मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रही थीं, तब उन्होंने किन्नौर कैलाश का कठिन ट्रैक करने का फैसला लिया था। यह ट्रेक काफी खतरनाक माना जाता है और इसे डेडली ट्रेक भी कहा जाता है।

हिमांशी ने बताया, गुस्से में क्यों पहुंचीं किन्नौर कैलाश
पारस छाबड़ा के साथ बातचीत में हिमांशी खुराना ने अपनी किन्नौर कैलाश यात्रा से जुड़ा अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय वह काफी ज्यादा एंग्जायटी और डिप्रेशन से गुजर रही थीं। इसी दौरान गुस्से में उन्होंने किन्नौर कैलाश जाने का फैसला कर लिया। हिमांशी ने बताया कि उनके मन में उस वक्त सिर्फ यही था कि उन्हें किसी भी हालत में वहां पहुंचना है। उन्होंने कहा कि किन्नौर कैलाश भारत के सबसे कठिन और खतरनाक धार्मिक ट्रैक्स में से एक है। गुस्से में शुरू की गई इस चढ़ाई के पीछे उनका मकसद भगवान से मिलने की इच्छा थी। उनके मन में था, "हे भगवान, मैं तुमसे मिलकर तो जरूर जाऊंगी! तुमने मुझे ऊपर बुलाना है तो बुला लो।"
करीब 24 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचीं हिमांशी
एक्ट्रेस ने इस सफर की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज अगर उनसे दोबारा वही यात्रा करने के लिए कहा जाए तो शायद वह ऐसा न कर पाएं। उस समय उन्हें खुद नहीं पता था कि उनके अंदर इतनी ताकत कहां से आ गई थी। हिमांशी के मुताबिक, वहां करीब 90 डिग्री की सीधी चढ़ाई है और यह जगह लगभग 24 हजार फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर बताई जाती है। इसे 'स्वर्ग की चौथी सीढ़ी' भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी जगह रावण ने कठोर तपस्या की थी।
वहां पहुंचकर खूब रोईं हिमांशी
हिमांशी ने बताया कि जब वह वहां पहुंचीं तो वह बहुत रोईं। उनके मुताबिक, उस वक्त उन्हें महसूस हुआ कि इंसान का दिमाग और उसके भीतर उठने वाले सवाल ही उसके सबसे बड़े शिक्षक हैं। उन्होंने कहा कि इंसान के अंदर ही पूरा यूनिवर्स यानी ब्रह्मांड मौजूद है और उस दौरान उनके अंदर जमा सारा दर्द आंसुओं के जरिए बाहर निकल गया। बता दें कि आसिम रियाज के साथ रिश्ते के दौरान धर्म बदलने को लेकर मानसिक दबाव झेलने की बात हिमांशी पहले बता चुकी हैं। उनके मुताबिक, किन्नौर कैलाश की यह आध्यात्मिक यात्रा उनके लिए डिप्रेशन से बाहर आने और अपनी खोई हुई आत्मशक्ति वापस पाने का एक अहम अनुभव रही।
किन्नौर कैलाश कहां स्थित है?
किन्नौर कैलाश हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है। रिकांग पिओ से यहां के किन्नौर कैलाश पर्वत का खूबसूरत नजारा देखा जा सकता है। किन्नौर कैलाश करीब 6,050 मीटर की ऊंचाई पर है और इसे भगवान शिव से जुड़ा पवित्र स्थान माना जाता है।
किन्नौर कैलाश में क्या है खास?
किन्नौर कैलाश की सबसे खास बात यहां मौजूद करीब 79 फीट ऊंची प्राकृतिक चट्टान है, जिसका आकार शिवलिंग जैसा दिखाई देता है। इसे श्रद्धालु शिवलिंग के रूप में पूजते हैं। सरकारी पर्यटन जानकारी के मुताबिक, दिन के अलग-अलग समय में इस चट्टान का रंग बदलता हुआ दिखाई देता है।
क्यों मुश्किल मानी जाती है किन्नौर कैलाश की यात्रा?
किन्नौर कैलाश की यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ कठिन ट्रैकिंग के लिए भी जानी जाती है। यहां की परिक्रमा करीब 7 से 8 दिन का ट्रेक बताई गई है। ऊंचाई और पहाड़ी रास्तों की वजह से यह यात्रा आसान नहीं मानी जाती। यही वजह है कि यहां पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ एक चुनौती भी है।



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