Latest Updates
-
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो
Pitru Paksha 2025: श्राद्ध पक्ष में पैदा हुए बच्चे भाग्यशाली होते हैं या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र
Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष का हिंदू धर्म में बहुत महत्व माना जाता है। ये वह पावन काल है, जब लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान करते हैं। इस समय का महत्व धर्मग्रंथों में विस्तार से बताया गया है। वहीं ये भी कहा जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए और न ही कोई बड़ी पूजा-पाठ होती है। वहीं शादी-ब्याह आदि भी नहीं किए जाते। लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक सवाल उठता है कि अगर किसी बच्चे का जन्म पितृ पक्ष में हो जाए, तो क्या वह अशुभ या भाग्यशाली माना जाता है?
अब किसी के जन्म पर तो कोई रोक नहीं लगा सकता क्योंकि जीवन और मृत्यु को परमात्मा के हाथ में है। ऐसे में बच्चे का जन्म वो भी श्राद्ध में लोगों के मन में कई सवाल पैदा कर देता है। आइए फिर जानते हैं कि अगर किसी के घर में पितृ पक्ष के दौरान बच्चे का जन्म हो तो वो भाग्यशाली होता है या नहीं।

पितृ पक्ष और जन्म का महत्व
धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि पितृ पक्ष में जन्म लेने वाले बच्चे किसी भी तरह से अशुभ नहीं माने जाते। बल्कि, उनका जन्म विशेष आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है, क्योंकि इस समय पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने वंशजों को आशीर्वाद देकर संतुष्ट होते हैं। माना जाता है कि जो बच्चे इस समय जन्म लेते हैं उन पर पूर्वजों की असीम और विशेष कृपा होती है। वो बहुत ही भाग्यशाली भी होते हैं। कहा जाता है कि पितृ पक्ष में जन्म लेने वाले बच्चे अपने परिवार के लिए संपत्ति, सौभाग्य और समृद्धि लेकर आते हैं। पितरों की कृपा से इन्हें जीवन में विशेष अवसर प्राप्त होते हैं।
शास्त्र क्या कहते हैं?
गरुड़ पुराण और महाभारत में उल्लेख मिलता है कि पितरों का आशीर्वाद जिस घर में मिलता है, वहां संतति भाग्यशाली और समृद्ध होती है। श्राद्ध पक्ष में पैदा हुए बच्चे को पितरों का वरदान प्राप्त माना जाता है। इस अवधि में जन्मे बच्चे का जीवन संघर्षों से भरा हो सकता है, लेकिन उनमें कठिनाइयों को पार करने की विशेष क्षमता होती है। ऐसे में अगर किसी के घर में श्राद्ध में बच्चे का जन्म हो तो उन्हें खुश होना चाहिए।
ज्योतिषीय दृष्टि से
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में जन्मे बच्चों की कुंडली में पितृ दोष और कर्म संबंधी योग का गहरा असर हो सकता है। ऐसे बच्चों को परिवार और समाज की जिम्मेदारियां जल्दी निभानी पड़ती हैं। इनमें नेतृत्व, कर्मठता और त्याग की भावना अधिक होती है। अगर पितृ दोष की शांति कर दी जाए, तो ये बच्चे बेहद सफल और समाज में सम्मानित बनते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications











