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मांगलिक दोष से न घबराएं बिल्कुल
कुण्डली में जब प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है तब मंगलिक दोष लगता है। इस दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है। यह दोष जिनकी कुण्डली में हो उन्हें मंगली जीवनसाथी ही तलाश करना चाहिए ऐसी मान्यता है। जिनकी कुण्डली में मांगलिक दोष है वे अगर 28 वर्ष के पश्चात विवाह करते हैं, तब मंगल वैवाहिक जीवन में अपना दुष्प्रभाव नहीं डालता है।
मंगली व्यक्ति इन उपायों पर गौर करें तो मांगलिक दोष को लेकर मन में बैठा भय दूर हो सकता है और वैवाहिक जीवन में मंगल का भय भी नहीं रहता है ज्योतिशास्त्र में कुछ नियम बताए गये हैं जिससे वैवाहिक जीवन में मांगलिक दोष नहीं लगता है, आइये इसे देखें

मांगलिक को शादी में परेशानी क्यों आती है?
ऐसा इसलिये क्योंकि मंगल ग्रह को अकेले रहना पसंद है और इस प्रकार अगर कोई अन्य ग्रह उसके समीप आता है तो वह उससे झगड़ा कर लेता है। इसी प्रकार मांगलिक व्यक्ति लंबे समय के लिए अपने साथी को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
हर मांगलिक का पति नहीं मरता है
कई कोटि के मंगल दोष होते हैं। अगर पूर्ण मांगलिक हैं तो मंगल ग्रह का प्रभाव आप पर बहुत ज्यादा होगा। अगर आप का मंगल वक्रि है तो मंगल ग्रह आपके जीवन पर एक तिरछा प्रभाव डालेगा। ज्यादातर मामलों में, इस दोष के प्रभाव मामूली है और आपके पति/पत्नी की मौत नहीं होगी।
आयु एक कारण है
कुछ लोगों के लिए मंगल ग्रह का प्रभाव केवल एक निश्चित उम्र तक वैध है। वे एक उम्र के बाद शादी कर सकते है, क्योंकी ज्यादा उम्र के बाद शादी करने से उनके वैवाहिक जीवन में समस्या की उम्मीद नहीं होती है।
कुंभ विवाह
अगर आप पूर्ण मांगलिक हैं तब भी आप के दोष का उपचार किया जा सकता है, कुंभ विवाह के जरिये। इस अनुष्ठान में मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति को पहले एक केला या बरगद के पेड़ से शादी की जाती है। अगर आप लड़की है तो भगवान कृष्ण की एक चांदी या सोने की मूर्ति से शादी कर सकते हैं इस तरह व्यक्ति की कुंडली से दोष ख़तम हो जाता है।
एकाधिक मांगलिक दोष
कुछ लोगों में डबल या ट्रिपल मांगलिक दोष होता है। मंगल ग्रह का प्रभाव उनके जीवन पर इतना मजबूत होता है की दो से तीन बार पुनर्विवाह करने के बाद भी उन के पति के मरने के प्रभाव कम नहीं होते है। ऐसे मामलों में कुंभ विवाह का उपाय करने से यह दोष कम होता है। यह फिर डबल या ट्रिपल मांगलिक व्यक्ति से ही उनकी शादी करनी चाहिए।
अच्छे कर्म
हिंदू धर्म के अच्छे कामों पर काफी जोर दिया जाता है। आपकी अच्छाई और दयालुता से आप आपनी कुंडली में हजारो दोषों को कम कर सकते है। अगर आप एक ईमानदार और अच्छे व्यक्ति है तो आप आपने दोषों के लिए कभी भी ज्यादा कष्ट नहीं भोगेगें।
मांगलिक दोष के बुरे प्रभावों को पूजा, रत्नों तथा ज्योतिष के अन्य उपायों के माध्यम से बहुत हद तक कम किया जा सकता है इसलिये इससे घबराएं बिल्कुल नहीं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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