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Akshaya Tritiya: अखातीज के दिन इस एक चमत्कारी मंत्र के जाप से पलट जाएगी किस्मत
सनातन धर्म में अक्षय तृतीया या अखातीज तिथि को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इतना ही नहीं, भविष्य पुराण की मानें तो अक्षय तृतीया पर किए जाने वाले कर्म अक्षय हो जाते हैं। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन किए जाने वाले जप-तप, दान-पुण्य इत्यादि का फल अक्षय तथा अनंत होता है। जो व्यक्ति अपने जीवन में सौभाग्य और सभी तरह के सुख चाहता है उसे अक्षय तृतीया तिथि का पूरा लाभ उठाना चाहिए। और जो अपने सभी तरह के सुख चाहते हैं, उन्हें इस पर्व का लाभ उठाना चाहिए।
इस लेख में हम सबसे पहले आपको एक ऐसे मंत्र के बारे में बता रहे हैं जिसके जाप से आपका भाग्योदय होगा। इसके अलावा भी कुछ मंत्र हैं जो आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। जानते हैं अक्षय तृतीय से जुड़े उन खास मंत्रों के बारे में जो मनुष्य का जीवन प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।

अक्षय तृतीया के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं। स्नानादि से निवृत्त होकर तांबे के बर्तन में शुद्ध जल लें। अब भगवान सूर्य को पूर्व की ओर मुख करके जल चढ़ाएं और इस मंत्र का जप करें- ॐ भास्कराय विग्रहे महातेजाय धीमहि, तन्नो सूर्य: प्रचोदयात्।
अक्षय तृतीया के बाद से ही प्रत्येक दिन इस प्रक्रिया को दोहराएं। आपको अपने जीवन में सुखद बदलाव जरुर महसूस होगा। ये भी माना जाता है कि यदि यह उपाय सूर्योदय के एक घंटे के भीतर 7 बार ऐसा किया जाए तो और भी शीघ्र फल प्राप्त होता है।

अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने के लिए भी विशेष प्रयोग किए जा सकते हैं।
लक्ष्मी यंत्र या श्रीयंत्र को चावल की ढेरी पर स्थापित करें। अब उत्तराभिमुख होकर कमल गट्टे की माला, गुलाबी आसन तथा नैवेद्य खीर तथा गुलाब के इत्र, कमल अथवा गुलाब के फूलों से पूजन करें। इसके पश्चात् इन मंत्रों का यथाशक्ति जप करें। इसके बाद आप यंत्र अलग रख कर सभी सामग्री की पोटली बनाकर या गल्ले-तिजोरी में रख दें। ब्रह्म मुहूर्त में इस प्रयोग को करें।
'ॐ श्रीं श्रियै नम:।।'

'ॐ कमल वासिन्यै श्रीं श्रियै नम:।।'

'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं श्रियै नम:।।'
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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