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Ashadha Amavasya: कुंडली में पितृ दोष से मुक्ति के लिए अमावस्या के दिन जरुर लगाएं ये पौधे
हर महीने आने वाली अमावस्या की तिथि का हिंदू धर्म में खास महत्व है। ये तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है। इस दिन पितरों के नाम पर स्नान, दान और ध्यान करना चाहिए। माना जाता है इससे पितरों को प्रसन्नता होती है और परिवार को आशीर्वाद देते हैं। अमावस्या तिथि के साथ यह मान्यता भी जुड़ी हुई है कि इस दिन पितरों के लिए जो भी विशेष कार्य किया जाता है उससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है। इस दिन उनके नाम पर पौधे लगाने और उसकी सेवा करने से भी पुण्य फल की प्राप्ति होती है। जानते हैं कि अमावस्या के मौके पर कौन से पौधे लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होगी।

तुलसी पौधा
भारतीय संस्कृति में तुलसी पौधा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। पितृ पक्ष में तुलसी का पौधा लगाना बहुत शुभ होता है। माना जाता है जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां सकारात्मकता का वास होता है। साथ ही वस्तुदोष भी खत्म होता है।

पीपल
सनातन धर्म में पीपल वृक्ष को पूजनीय माना गया है। पितरों की शांति के लिए अमावस्या तिथि पर इसे लगाना अच्छा माना जाता है। इस दिन पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीप जलाना शुभ होता है। जिन जातकों की कुंडली में गुरु चंडाल योग है उन्हें पीपल का पौधा जरुर लगाने की सलाह दी जाती है।

बरगद
शास्त्रों में बरगद को मोक्षदायी और पवित्र वृक्ष बताया गया है। लोगों की ऐसी आस्था है कि अमावस्या के दिन बरगद का वृक्ष लगाने वाले जातक के परिवार में खुशहाली आती है। इस दिन बरगद वृक्ष के नीचे बैठ कर भगवान शिव की पूजा करने का भी महत्व है।

बेल वृक्ष
ऐसा माना जाता है कि बेल वृक्ष भोले बाबा को बहुत पसंद है। यही वजह है कि उनकी पूजा में बेल के पत्ते चढ़ाए जाते हैं। अमावस्या तिथि पर बेल का पौधा लगाने से पितरों को शांति मिलती है। इस दिन शिवलिंग पर पितरों के नाम से गंगाजल चढ़ाएं। साथ ही बेल पात्र अर्पित करें। ऐसा करने से भी पितरों का आशीर्वाद मिलता है।



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