Latest Updates
-
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी
वास्तुदोष से लेकर ग्रहों की शांति में सहायक है सुगंधित अष्टगंध
हिंदू संस्कृति में तिलक का बहुत महत्व है। तिलक केवल धार्मिक मान्यता का ही प्रतीक नहीं है बल्कि इसे इस्तेमाल करने के कई वैज्ञानिक कारण भी हैं। तिलक के रूप में अष्टगंध का भी इस्तेमाल किया जाता है। कुमकुम, चंदन आदि की तरह अष्टगंध भी बहुत उपयोगी होता है। यह तिलक के अलावा पूजा और अन्य कई कामों में भी इसका उपयोग किया जाता है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं अष्टगंध के क्या क्या फायदे हैं।

1.
आपको नाम से ही अंदाजा लग गया होगा कि अष्टगंध 8 तरह की जड़ी या सुगंध से मिलाकर बनाया जाता है। आमतौर पर अष्टगंध में आठ पदार्थ होते हैं- कुमकुम, अगर, कस्तुरी, चन्द्रभाग, त्रिपुरा, गोरोचन, तमाल, जल आदि। ये आठ पदार्थ सभी ग्रहों को शांत करने की क्षमता होती है। अष्टगंध के इस्तेमाल से ग्रहों के दुष्प्रभाव दूर करने में मदद मिलती है।

2.
अष्टगंध का घर में इस्तेमाल होते रहने से मानसिक शांति मिलती है और सुकून का एहसास होता है। मन में चल रहा तनाव कम होता है।

3.
इतना ही नहीं, अष्टगंध की भीनी सुगंध में माता लक्ष्मी को रिझाने का विलक्षण गुण होता है।

4.
अष्टगंध का इस्तेमाल घर के वास्तुदोष को दूर करने में सहायक होता है।

5.
तिलक के रूप में अष्टगंध का उपयोग करने से वशीकरण होता है। यह ग्रह दोष शांत करने में लाभदायक है। अष्टगंध का तिलक कनिष्ठा अंगुली से लगाएं।

6.
कर्मकांड एवं यंत्र लेखन में अष्टगंध का प्रयोग होता है। अष्टगंध दो प्रकार का होता है- पहला वैष्णव और दूसरा शैव। यह प्रकार इसके मिश्रण के अनुसार होता है।

7.
खासतौर पर मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए भस्म और अष्टगंध का तिलक विशेष फलदायी होता है।



Click it and Unblock the Notifications