Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
Devshayani Ekadashi 2020: भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए अपनी राशि अनुसार करें उपाय और पढ़ें मंत्र
देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए विश्राम करने पाताल लोक चले जाते हैं। इसके बाद से ही धरती पर सभी तरह के मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। देवशयनी एकादशी का दिन बहुत पवित्र माना गया है।

इस दिन खास पूजा पाठ और उपायों की मदद से भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का प्रयास किया जाता है। इस साल देवशयनी एकादशी की तिथि 1 जुलाई है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि देवशयनी एकादशी के दिन आप अपनी राशि अनुसार कौन से उपाय और मंत्रों की मदद से भगवान विष्णु का आशीर्वाद पा सकते हैं।

मेष:
इस राशि के जातकों को विवादित सौदों में पैसे लगाने से बचना चाहिए। आप जरूरतमंदों को सरसों के तेल का दान करें।
मंत्र- ॐ अं वासुदेवाय नम:

वृषभ:
इस राशि के जातकों के लिए ये समय थोड़ा कठिन रह सकता है। परिवार में लोगों के बीच एकता की कमी रहेगी। आपको किसी जरूरतमंद या गौशाला में जाकर ज्वार का दान करना चाहिए।
मंत्र- ॐ आं संकर्षणाय नम:

मिथुन:
मिथुन राशि के जातकों को इस दौरान कारोबार में लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं विवादों से भी पीछा छूटेगा। आपको उड़द के आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाना चाहिए।
मंत्र- ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:

कर्क:
कर्क राशि के जातकों के लिए समय अच्छा रहेगा। सरकारी लाभ मिलने के अलावा जीवन में विघ्न और परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। आपको भगवान शिव पर बेलपत्र अर्पित करना चाहिए।
मंत्र- ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:

सिंह:
सिंह राशि के जातकों को मन मुताबिक परिणाम नहीं मिल सकेंगे। आपको माता भगवती के श्रीचरणों में गुलाब के 108 फूल अर्पित करने चाहिए।
मंत्र- ॐ नारायणाय नम:

कन्या:
कन्या राशि के जातकों को मनवांछित फल की प्राप्ति होगी। कोर्ट कचहरी के मामलों से भी छुटकारा मिलेगा। इस राशि के लोगों को वट वृक्ष पर जल चढ़ाना चाहिए।
मंत्र- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:

तुला:
इस राशि के जातक यदि लंबे समय से किसी बीमारी से परेशान थे तो उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। आय के स्रोत बढ़ेंगे। जरूरतमंद कन्याओं को दूध और दही का दान करें।
मंत्र- ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि।

वृश्चिक:
इस राशि के जातकों के लिए समय अच्छा रहेगा। पुरानी समस्याओं का अंत होगा। घर या दफ्तर के आसपास किसी सफाई कर्मचारी को साबुत मसूर दान में दें।
मंत्र- श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।

धनु:
धनु राशि के जातकों को कम प्रयत्न में भी अधिक लाभ की प्राप्ति होगी। आपके आय के स्रोत बढ़ेंगे। कुष्ठ रोगियों को चने की दाल का दान करें। दृष्टिविहीन व्यक्ति को भोजन कराने से लाभ होगा।
मंत्र- ॐ नारायणाय विद्महे।
वासुदेवाय धीमहि।
तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

मकर:
मकर राशि के जातकों को भ्रम, भ्रांति और भय की स्थिति से बाहर आना होगा। किसी से ईर्ष्या करना आपका ही नुकसान करा देगा। पक्षियों के लिए बाजरा डालें, लाभ होगा।
मंत्र- शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम
लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वंदे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्।।

कुंभ:
इस राशि के जातकों के अधूरे और रुके हुए काम पूरे होंगे। समाज में आपका मान सम्मान बढ़ेगा। आपको 800 ग्राम दूध अपने ऊपर से 8 बार उतार कर 800 ग्राम उड़द के साथ बहते पानी में प्रवाह करना चाहिए।
मंत्र- त्वमेव माता, च पिता त्वमेव
त्वमेव बंधु च सखा त्वमेव
त्वमेव विद्या च द्रविडम त्वमेव
त्वमेव सर्वम मम देव देव

मीन:
मीन राशि के जातकों को व्यवसाय में लाभ मिलेगा। समाज में आपका कद भी बढ़ेगा। आप एक मिट्टी का पात्र लें और उसे श्रद्धानुसार शहद से भरकर मंदिर में रख आएं या फिर वीरान जगह में दबा दें।
मंत्र- ॐ विष्णवे नम:



Click it and Unblock the Notifications
