Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
1 महिला ने 5 दिन में दिया 4 बच्चों को जन्म, हुई नॉर्मल डिलीवरी, जानें मल्टीपल प्रेग्नेंसी के 8 बड़े जोखिम
Woman gives birth to 4 babies in 5 days: मुरादाबाद से सामने आया एक अनोखा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। संभल जिले की 31 वर्षीय महिला अमीना ने महज 5 दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि चारों बच्चों की डिलीवरी नॉर्मल तरीके से हुई, जिसे डॉक्टर मेडिकल साइंस का बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण केस मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि महिला की प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क कैटेगरी में थी और शुरुआती अल्ट्रासाउंड में ही पता चल गया था कि गर्भ में चार बच्चे पल रहे हैं। इसके बावजूद परिवार ने सभी बच्चों को जन्म देने का फैसला किया। फिलहाल मां और चारों नवजात डॉक्टरों की निगरानी में हैं और सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। एक साथ चार बच्चों की प्रेग्नेंसी को मेडिकल भाषा में 'क्वाड्रूपलेट प्रेग्नेंसी' कहा जाता है। ऐसे मामलों में मां और बच्चों दोनों के लिए कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं। आइए जानते हैं यूपी के इस दुर्लभ मामले के साथ मल्टीपल प्रेग्नेंसी से जुड़े बड़े खतरे और जरूरी बातें।

5 दिन में 4 बच्चों का जन्म, डॉक्टर भी हुए हैरान
यह मामला तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (Teerthanker Mahaveer University Hospital) का बताया जा रहा है। खुद यूनिवर्सिटी की साइड पर भी एक विडियो अपलोड किया गया है जिसमें डॉक्टरों की उस टीम ने जिन्होंने महिला का इलाज और डिलीवरी करवाई बताया है कि कैसे ये केस एक चुनौती से कम नहीं था। डॉक्टर शुभ्रा अग्रवाल के अनुसार, अमीना को 6 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान पता चला कि महिला के गर्भ में चार बच्चे हैं। इसके बाद अस्पताल की विशेष मेडिकल टीम लगातार महिला की निगरानी कर रही थी, क्योंकि ऐसी प्रेग्नेंसी को बेहद जटिल माना जाता है।
5 दिनों में ऐसे हुआ 4 बच्चों का जन्म
डॉक्टरों ने बताया कि महिला को 6 मई को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था और 9 मई को सामान्य प्रसव से महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने प्रेग्नेंसी को जारी रखा और सारे जरूरी टेस्ट किए। 14 मई को दोबारा प्रसव हुआ, जिसमें एक बेटा और दो बेटियों का जन्म हुआ। इस तरह कुल 5 दिनों में महिला ने 4 बच्चों को जन्म दिया, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यह बेहद दुर्लभ मेडिकल केस है।
क्या होती है मल्टीपल या क्वाड्रूपलेट प्रेग्नेंसी?
जब किसी महिला के गर्भ में एक साथ दो, तीन या उससे ज्यादा बच्चे पलते हैं, तो उसे मल्टीपल प्रेग्नेंसी कहा जाता है। जुड़वा, ट्रिपलेट और म में मां और बच्चों दोनों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। बता दें कि महिला के गर्भ में एक साथ 4 बच्चों का पलना क्वाड्रूपलेट प्रेग्नेंसी कहलाता है। हालांकि ऐसे केस कम ही देखने को मिलते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं की अमीना का केस पहला केस है। इससे पहले भी कुछ ऐसे केस सामने आ चुके हैं।
मल्टीपल प्रेग्नेंसी के 8 बड़े जोखिम
1. समय से पहले डिलीवरी का खतरा
ऐसी प्रेग्नेंसी में ज्यादातर बच्चों का जन्म समय से पहले हो जाता है, जिससे नवजात को ICU या वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है।
2. हाई ब्लड प्रेशर और प्रीक्लेम्पसिया
मल्टीपल प्रेग्नेंसी में मां को हाई BP और प्रीक्लेम्पसिया का खतरा ज्यादा रहता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है।
3. एनीमिया की समस्या
एक से ज्यादा बच्चों के विकास के कारण शरीर में आयरन की कमी तेजी से हो सकती है।
4. गर्भकालीन डायबिटीज
ऐसी प्रेग्नेंसी में शुगर लेवल बढ़ने का खतरा भी ज्यादा होता है।
5. बच्चों का कम वजन
अधिकतर मामलों में बच्चों का वजन सामान्य से कम होता है, जिससे उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है।
6. सी-सेक्शन की संभावना बढ़ना
मल्टीपल प्रेग्नेंसी में सामान्य डिलीवरी मुश्किल मानी जाती है, इसलिए ज्यादातर मामलों में ऑपरेशन करना पड़ता है।
7. अत्यधिक थकान और शरीर पर दबाव
एक साथ कई बच्चों का वजन उठाने के कारण मां को पीठ दर्द, सांस फूलना और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
8. नवजात को विशेष देखभाल की जरूरत
ऐसे बच्चों को जन्म के बाद NICU में रखने की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि उनका शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता।



Click it and Unblock the Notifications