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सावन में शिव ही नहीं मंगला गौरी का भी मिलता है आशीर्वाद, अखंड सौभाग्य के लिए हर मंगलवार को पढ़ें ये आरती
सनातन धर्म में सावन महीने की ख़ास महत्ता बताई गई है। यूं तो ये पूरा महीना ही शिव भक्तों का प्रिय है। मगर श्रावण माह के सोमवार भगवान शिव को विशेष तौर पर समर्पित बताए जाते हैं। सावन महीने के मंगलवार की अहमियत भी कुछ कम नहीं है। इस महीने के सभी मंगलवार को माता मंगला गौरी की आराधना की जाती है। मंगला गौरी अर्थात माता पार्वती की पूजा और आराधना करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। सावन महीने में विवाहित महिलाएं मंगला गौरी की पूजा जरुर करती हैं और उनसे सुखद दांपत्य जीवन का वरदान मांगती हैं। आप भी माता मंगला गौरी की सच्चे मन से आराधना करें और ये आरती जरुर गाएं।

जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता
ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है,
साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मद माता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
मंगला गौरी माता की आरती जो कोई गाता सदा सुख संपति पाता।
जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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