Latest Updates
-
Easter Sunday 2026: क्यों मनाया जाता है 'ईस्टर संडे'? जानें ईसाई धर्म में इसका महत्व और इतिहास -
लाल, काली या नारंगी, सेहत के लिए कौन सी गाजर है सबसे ज्यादा पावरफुल? -
Delhi-NCR में भूकंप के झटको से कांपी धरती, क्या बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी सच होने वाली है? -
Aaj Ka Rashifal 4 April 2026: शनिवार को इन 5 राशियों पर होगी धनवर्षा, जानें अपनी राशि का भाग्य -
चेहरे पर पड़े चेचक के दाग हटाने के 5 घरेलू उपाय, जिद्दी गड्ढों और माता के निशान से पाएं छुटकारा -
क्यों मनाया जाता है World Rat Day? सबसे पहले किस देश में पैदा हुए चूहे, कैसे पूरी दुनिया में पहुंचे? -
International Carrot Day 2026: 4 अप्रैल को ही क्यों मनाया जाता है विश्व गाजर दिवस? जानें रोचक कहानी -
Bridal Blouse Designs: लेटेस्ट ब्राइडल ब्लाउज बैक डिजाइन, डोरी से लेकर हैवी एम्ब्रॉयडरी तक, देखें 7 पैटर्न्स -
कंडोम की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं? जानें ईरान-इजरायल युद्ध का असर और कपल्स के लिए सेफ्टी टिप्स -
Musibat ki Dua: दुख, तंगी और गम से निजात की इस्लामी दुआएं, इनके जरिए होती है अल्लाह से सीधी फरियाद
सावन में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय, जीवन की हर परेशानी से मिलेगा छुटकारा
ऐसा माना जाता है कि सावन का महीना भगवान शिव को बेहद प्रिय है। श्रावण मास भोलेनाथ और माता पार्वती को समर्पित है। भगवान विष्णु के योगनिद्रा में चले जाने के बाद पूरी सृष्टि की जिम्मेदारी शिवजी संभालते हैं। महादेव की उपासना करने और उनकी शीघ्र कृपा पाने के लिए ये महीना सबसे उत्तम है। सावन के महीने में आप कुछ उपाय करके महादेव की कृपा पा सकते हैं और जीवन की कठिनाइयों से राहत पाकर इसे सुखमय बना सकते हैं।

रोगमुक्त जीवन
यदि किसी बीमारी से परेशान हैं तो ये उपाय आपके काम आ सकता है। सावन माह के किसी भी सोमवार के दिन पानी में दूध और काला तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें और साथ में ऊं जूं स: मंत्र का जप करते रहें। इसके बाद भोलेनाथ से रोग के निवारण और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें।
हर सोमवार की रात में सवा नौ बजे के पश्चात सवा पाव गाय के कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने का संकल्प लें और इसे पूरा करें। इस उपाय से जल्द लाभ मिलने की संभावना है।

आय बढ़ाने के लिए
सावन माह के किसी भी दिन घर में पारद शिवलिंग की स्थापना कर लें। आप इसकी यथाविधि पूजा करें। अब "ऊं ऐं ह्रीं श्रीं ऊं नम: शिवाय:" मंत्र का 108 बार जप करें। प्रत्येक मंत्र के साथ बेल पत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। अंतिम 108वां बिल्वपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें। इसे आप अपने पूजा स्थान पर रखें और रोजाना उसकी पूजा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और साथ ही घर नकारात्मक शक्तियों से बचा रहता है।

मन व आत्मा की शांति के लिए
यदि आप मन में चल रही उथल पुथल से परेशान हैं और खुद को शांत रखना चाहते हैं तो सावन महीने में रोज सुबह जल्दी उठकर स्नानादि कर लें। इसके बाद पास के किसी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव पर जल चढ़ाएं और उन्हें काला तिल अर्पण करें। इसके बाद मंदिर में ही कुछ देर बैठ जाएं और मन ही मन ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे जरूर मन शांत होगा और स्वयं में सकारात्मक ऊर्जा का एहसास होगा।

खास मनोकामना की पूर्ति के लिए
समुद्र मंथन में हलाहल विष निकला था जिसका सेवन भगवान शिव ने किया था। उस विष का उपचार करने के लिए बिल्वपत्र से औषधि तैयार करके उनका उपचार किया गया था। यही वजह है कि भगवान शिव को बिल्वपत्र अतिप्रिय है। आप सावन महीने में रोजाना 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ा दें। इस उपाय से आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी।

विवाह में आ रही रुकावट दूर करने के लिए
यदि घर में बच्चों के विवाह में रुकावट आ रही है तो सावन माह में रोजाना केसर मिला दूध शिवलिंग पर चढ़ाएं। आपकी समस्या का समाधान जल्द होगा और घर में विवाह का योग बनेगा।



Click it and Unblock the Notifications











