Latest Updates
-
Healthy Weight Loss Kela Stem Sabzi Recipe: फाइबर से भरपूर इस सब्जी को डिनर में शामिल करें -
World Bicycle Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस? जानें इतिहास, महत्व और साइकिल चलाने के 10 फायदे -
Jodhpur Style Pyaz Kachori Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी कुरकुरी और चटपटी कचौरी -
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
मामा IPS, नाना रजिस्ट्रार और चाची राजनीति में, जानें Vaibhav Suryavanshi के परिवार में कौन क्या करता है? -
El Nino: क्या है एल नीनो, मानसून की बारिश और तापमान पर कैसे असर डालता है? जानिए सब कुछ -
Grandma Sunday Recipe Rajma Chawal Recipe: दादी के हाथ जैसा स्वाद अब घर पर पाएं -
दही के साथ भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Telangana Formation Day Quotes: गर्व से कहो जय तेलंगाना! अपनों को भेजें दिल को छू लेने वाले बधाई संदेश -
Indore Street Style Poha Recipe: घर पर बनाएं इंदौर जैसा चटपटा और खिला-खिला पोहा
Shani Jayanti 2021 Mantra: इन मंत्रों के जाप से प्यार, पैसा, नौकरी और व्यापार की समस्याओं का होगा अंत
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस दिन को शनि जयंती के अलावा श्नैश्चर अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। सभी देवों में शनि महराज को काफी क्रूर माना जाता है। मगर ऐसा नहीं है। शनि देव न्याय के देवता हैं। वो व्यक्ति को उनके कर्मों के मुताबिक ही फल देते हैं। यदि कोई जातक शनि देव की साढ़ेसाती और शनि ढैय्या से परेशान है तो वो शनि जयंती पर राहत पा सकता है। शनि देव अपने भक्तों का साथ नहीं छोड़ते हैं। सच्चे मन से उनकी प्रार्थना करने वाले हर व्यक्ति को लाभ मिलता है। इस शनि जयंती पर शनि देव की पूजा करें तथा यहां बताये मंत्रों का जाप पूरी श्रद्धा से करें। आपको जरुर लाभ होगा।

सामान्य मंत्र:
ॐ शं शनैश्चराय नमः

शनि बीज मंत्र:
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः.

शनि गायत्री मंत्र:
ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्

शनि का वैदिक मंत्र:
ऊँ शन्नोदेवीर- भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः.

तांत्रिक शनि मंत्र:
ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः.

शनि महामंत्र:
ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥

शनि दोष निवारण मंत्र:
ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम।
उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।।
ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।
ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

सेहत के लिए शनि मंत्र:
ध्वजिनी धामिनी चैव कंकाली कलहप्रिहा। कंकटी कलही चाउथ तुरंगी महिषी अजा।।
शनैर्नामानि पत्नीनामेतानि संजपन् पुमान्।दुःखानि नाश्येन्नित्यं सौभाग्यमेधते सुखमं।।



Click it and Unblock the Notifications